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Jind News: प्रशासन की कच्ची कार्रवाई... पक्के मकानों को आंच तक नहीं आई
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28जेएनडी20: सड़क नेटवर्क को तोड़ते हुए जेसीबी। संवाद
जींद। नए बस अड्डे के साथ लगती जमीन पर बन रही अवैध काॅलोनी में निर्माण पर जिला नगर योजनाकार विभाग ने कार्रवाई कर ढहाया। डीटीपी की कार्रवाई की सूचना मिलते ही दुकान व प्लाॅट धारक मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध भी किया। भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती के चलते लोग ज्यादा विरोध भी नहीं कर सके। इस दौरान लोगों ने बुलडोजर को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिसबल ने विरोध कर रहे व्यक्तियों को नीचे उतार दिया।
डीटीपी की टीम ने लोगों की अधिक संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिसबल को बुलाया और फिर कार्रवाई को सुचारू किया। कार्रवाई के दौरान लगभग दो घंटे तक यहां तनावपूर्ण माहौल बना रहा। डीटीपी अमले की ओर से एक दुकान का लेंटर, तीन-चार कच्चे स्ट्रक्चर, सात-आठ नींव को उखाड़ा। इसके अलावा सड़क नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया। गुस्साए लोगों ने डीटीपी विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक साल से यहां निर्माण कार्य चले हुए हैं, लेकिन तब इन्हें रोकने का काम नहीं किया गया।
अब जब निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं तो डीटीपी विभाग कार्रवाई कर रहा है। वहीं, डीटीपी सुनील ने कहा कि अवैध निर्माण करने से पहले लोगों को नोटिस दिए गए थे। इसके बाद कार्रवाई अमल में लाई गई। जिला नगर योजनाकार विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसबल नए बस अड्डे के साइड में छह से सात एकड़ में विकसित की जा रही काॅलोनी में पहुंचा। विभागीय अधिकारियों के साथ तीन से चार बुलडोजर भी थे। विभाग ने कार्रवाई शुरू की और पहले सड़क नेटवर्क को उखाड़ना शुरू किया। जैसे ही लोगों को पता चला तो वे विरोध में उतर आए। ये लोग कभी बुलडोजर के आगे खड़े होने लगे तो कभी उस पर चढ़ कर रोकने लगे। अतिरिक्त पुलिसबल बुलाना पड़ा। इसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रही।
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बाक्स
महिलाओं ने आगे आकर कार्रवाई रुकवानी चाही
डीटीपी की कार्रवाई को रुकवाने के लिए महिलाएं आगे आईं तो महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से उन्हें भी हटा दिया गया। एक साथ लोगों की भीड़ आई तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इस दौरान लोगों के साथ पुलिस की झड़प भी हुई। इसके चलते हालात तनावपूर्ण हो गए। काफी देर तक लोग और पुलिस आमने-सामने रहे। इसके बाद सिविल लाइन के अलावा शहर थाना से पुलिस बल बुलाया गया और स्थिति नियंत्रण में ली गई।
बाक्स
कार्रवाई देख लगा कि एक दुकान व कुछ प्लाॅट की ही नींव निशाने पर थी
जिस जगह पर डीटीपी की टीम ने कार्रवाई की। वहां पर कार्रवाई को देखकर साफ था कि दर्जनभर दुकान व मकानों के निर्माण को छोड़कर कुछ नींव व एक दुकान को ही निशाना बनाया। इसके अलावा दूसरी दुकानों व मकानों के नजदीक भी कार्रवाई नहीं की गई। इस कार्रवाई से लोगों में अंदेशा है कि यह चिह्नित प्लाटों व एक दुकान को गिराने के लिए ही कार्रवाई अमल में लाई गई थी। इसके अलावा कई दुकानों में काम काज भी चला है और मकानों में रिहायश भी है। उन पर कार्रवाई क्यों नहीं।
बाक्स
जितेभर में किए जा रहे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की बात कही थी। डीसी ने स्पष्ट किया था कि अवैध निर्माण की इजाजत किसी को भी नहीं दी जाएगी। मंगलवार को बस अड्डा के निकट दस एकड़ में विकसित की जा रही मार्केट में पीला पंजा चला। अवैध निर्माण से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है। इस मार्केट को विकसित करने के लिए किसी प्रकार की कोई परमिशन नहीं ली गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए दो दिन पहले ही डीटीपी सुनील को नियुक्ति प्रदान की गई थी।
-मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद
बाक्स
राजनीतिक पहुंच के लोगों की काॅलोनियों पर नहीं कार्रवाई
जिलेभर में कई स्थानों पर सड़कों के साथ कृषि योग्य जमीन पर अवैध रूप से राजनीतिक पहुंच के लोग अक्सर कालोनी काटते हैं। यहां प्लाट काटकर बेचे भी जाते हैं और निर्माण भी चलता है, लेकिन शायद ही कभी इन पर कार्रवाई हुई हो।
बाक्स
कार्रवाई से पहले दिया था नोटिस
विभाग की टीम ने एक दुकान, तीन-चार स्ट्रक्चर, नींव, सड़क नेटवर्क को तोड़ा है। हालांकि कार्रवाई से पहले अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद भी अवैध निर्माण को रोका नहीं गया। इसके चलते कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। सफीदों रोड पर काटी जा रही काॅलोनी पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील, जिला नगर योजनाकार जींद।
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डीटीपी की टीम ने लोगों की अधिक संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिसबल को बुलाया और फिर कार्रवाई को सुचारू किया। कार्रवाई के दौरान लगभग दो घंटे तक यहां तनावपूर्ण माहौल बना रहा। डीटीपी अमले की ओर से एक दुकान का लेंटर, तीन-चार कच्चे स्ट्रक्चर, सात-आठ नींव को उखाड़ा। इसके अलावा सड़क नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया। गुस्साए लोगों ने डीटीपी विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक साल से यहां निर्माण कार्य चले हुए हैं, लेकिन तब इन्हें रोकने का काम नहीं किया गया।
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अब जब निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं तो डीटीपी विभाग कार्रवाई कर रहा है। वहीं, डीटीपी सुनील ने कहा कि अवैध निर्माण करने से पहले लोगों को नोटिस दिए गए थे। इसके बाद कार्रवाई अमल में लाई गई। जिला नगर योजनाकार विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसबल नए बस अड्डे के साइड में छह से सात एकड़ में विकसित की जा रही काॅलोनी में पहुंचा। विभागीय अधिकारियों के साथ तीन से चार बुलडोजर भी थे। विभाग ने कार्रवाई शुरू की और पहले सड़क नेटवर्क को उखाड़ना शुरू किया। जैसे ही लोगों को पता चला तो वे विरोध में उतर आए। ये लोग कभी बुलडोजर के आगे खड़े होने लगे तो कभी उस पर चढ़ कर रोकने लगे। अतिरिक्त पुलिसबल बुलाना पड़ा। इसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रही।
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महिलाओं ने आगे आकर कार्रवाई रुकवानी चाही
डीटीपी की कार्रवाई को रुकवाने के लिए महिलाएं आगे आईं तो महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से उन्हें भी हटा दिया गया। एक साथ लोगों की भीड़ आई तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इस दौरान लोगों के साथ पुलिस की झड़प भी हुई। इसके चलते हालात तनावपूर्ण हो गए। काफी देर तक लोग और पुलिस आमने-सामने रहे। इसके बाद सिविल लाइन के अलावा शहर थाना से पुलिस बल बुलाया गया और स्थिति नियंत्रण में ली गई।
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कार्रवाई देख लगा कि एक दुकान व कुछ प्लाॅट की ही नींव निशाने पर थी
जिस जगह पर डीटीपी की टीम ने कार्रवाई की। वहां पर कार्रवाई को देखकर साफ था कि दर्जनभर दुकान व मकानों के निर्माण को छोड़कर कुछ नींव व एक दुकान को ही निशाना बनाया। इसके अलावा दूसरी दुकानों व मकानों के नजदीक भी कार्रवाई नहीं की गई। इस कार्रवाई से लोगों में अंदेशा है कि यह चिह्नित प्लाटों व एक दुकान को गिराने के लिए ही कार्रवाई अमल में लाई गई थी। इसके अलावा कई दुकानों में काम काज भी चला है और मकानों में रिहायश भी है। उन पर कार्रवाई क्यों नहीं।
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जितेभर में किए जा रहे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की बात कही थी। डीसी ने स्पष्ट किया था कि अवैध निर्माण की इजाजत किसी को भी नहीं दी जाएगी। मंगलवार को बस अड्डा के निकट दस एकड़ में विकसित की जा रही मार्केट में पीला पंजा चला। अवैध निर्माण से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है। इस मार्केट को विकसित करने के लिए किसी प्रकार की कोई परमिशन नहीं ली गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए दो दिन पहले ही डीटीपी सुनील को नियुक्ति प्रदान की गई थी।
-मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद
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राजनीतिक पहुंच के लोगों की काॅलोनियों पर नहीं कार्रवाई
जिलेभर में कई स्थानों पर सड़कों के साथ कृषि योग्य जमीन पर अवैध रूप से राजनीतिक पहुंच के लोग अक्सर कालोनी काटते हैं। यहां प्लाट काटकर बेचे भी जाते हैं और निर्माण भी चलता है, लेकिन शायद ही कभी इन पर कार्रवाई हुई हो।
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कार्रवाई से पहले दिया था नोटिस
विभाग की टीम ने एक दुकान, तीन-चार स्ट्रक्चर, नींव, सड़क नेटवर्क को तोड़ा है। हालांकि कार्रवाई से पहले अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद भी अवैध निर्माण को रोका नहीं गया। इसके चलते कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। सफीदों रोड पर काटी जा रही काॅलोनी पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील, जिला नगर योजनाकार जींद।

28जेएनडी20: सड़क नेटवर्क को तोड़ते हुए जेसीबी। संवाद