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किसान की हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:13 AM IST
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पांच दिन पहले सफीदों के मलार गांव में गोली मारकर की गई किसान की हत्या के मामले का पर्दाफाश हो गया है। किसान की हत्या का मुख्य कारण तीन साल पहले जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट रहे हैं। इस हत्याकांड में हत्यारोपियों के परिवार की एक महिला भी शामिल रही है।
इस महिला ने मृतक किसान के खेत में होने की मुखबिरी की थी। पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।
गौरतलब है कि गत 17 दिसंबर देर शाम को गांव मलार निवासी 32 वर्षीय बलराज की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर कर हत्या कर दी थी। किसान की हत्या के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिवार के सदस्यों द्वारा जाम भी लगाया गया था।
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बाद में पुलिस ने जल्द ही हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए गांव मलार निवासी सुशील उर्फ ध्रुव तथा गांव हरीगढ़ निवासी राहुल को गिरफ्तार कर लिया है।
मार्च 2013 में जमीनी विवाद के चलते बलराज ने सुशील उर्फ ध्रुव की बेरहमी से पिटाई की थी, जिसके चलते लगभग दो माह तक ध्रुव चारपाई पर पड़ा रहा था। इसके कारण सुशील उर्फ ध्रुव बलराज से रंजिश रखे हुए था।
सुशील ने अपने दोस्त गांव हरीगढ़ निवासी राहुल व एक अन्य के साथ किसान बलराज की हत्या की योजना बनाई। इसके बारे में आरोपी सुशील परिवार की एक महिला को पूरी जानकारी थी। इसी महिला ने बलराज के खेत में होने की मुखबिरी हत्यारोपियों को दी थी।
इसका फायदा उठाकर योजनाबद्ध तरीके से सुशील उर्फ ध्रुव, राहुल तथा एक अन्य ने बलराज की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए।
ताई सहित दो और भी थे हत्यारोपियों के निशाने पर
पूछताछ में यह सामने आया है कि हत्यारोपियों के निशाने पर दो व्यक्ति और भी थे। इसमें खुद हत्यारोपी सुशील की ताई तथा स्मैक से जुड़ा एक अन्य व्यक्ति की भी हत्यारोपियों द्वारा हत्या करने की योजना बनाई गई थी। इन दोनों को हत्याकांड के बारे में जानकारी थी।
हत्यारोपियों को यह डर था कि कहीं यह लोग इस हत्याकांड से पर्दा नहीं उठा दें। इसलिए हत्यारोपी इन दोनों की हत्या करने की साजिश रच रहे थे।
किसान बलराज हत्याकांड को लेकर ग्रामीण मृतक के जीजा पर संदेह जता रहे थे लेकिन बलराज की हत्या के दौरान उसके बेटे प्रतीक को हत्यारोपियों द्वारा कोई नुकसान न पहुंचाने से पुलिस की शक की सुईं दूसरी तरफ घूम रही थी। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो हत्यारोपी सुशील उर्फ ध्रुव की ताई का नाम सामने आया।
जब पुलिस ने सुशील की ताई से पूछताछ की तो उसने बलराज हत्याकांड का खुलासा कर दिया और हत्या में शामिल लोगों के नाम भी उजागर कर दिए। हत्यारोपी सुशील की ताई के मृतक बलराज के पिता से अवैध संबंध थे।
हत्यारोपी सुशील की ताई के कहने पर ही उनकी सवा दो एकड़ जमीन मृतक बलराज के परिवार को बेची गई थी। इसके बदले में मृतक बलराज के पिता ने हत्यारोपी सुशील की ताई को जींद में प्लाट दिलाए थे।
बलराज के पिता की कुछ समय पहले एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। जमीनी को लेकर ही बलराज तथा सुशील में रंजिश बनी हुई थी। इसको लेकर बलराज ने सुशील के साथ तीन वर्ष पहले मारपीट भी की थी। इसके चलते सुशील बलराज से रंजिश रखे हुए था।
पुलिस ने इसम मामले में दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिनसे हत्या में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
अभिषेक जोरवाल, एसएसपी
जींद।
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इस महिला ने मृतक किसान के खेत में होने की मुखबिरी की थी। पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।
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गौरतलब है कि गत 17 दिसंबर देर शाम को गांव मलार निवासी 32 वर्षीय बलराज की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर कर हत्या कर दी थी। किसान की हत्या के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिवार के सदस्यों द्वारा जाम भी लगाया गया था।
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बाद में पुलिस ने जल्द ही हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए गांव मलार निवासी सुशील उर्फ ध्रुव तथा गांव हरीगढ़ निवासी राहुल को गिरफ्तार कर लिया है।
मार्च 2013 में जमीनी विवाद के चलते बलराज ने सुशील उर्फ ध्रुव की बेरहमी से पिटाई की थी, जिसके चलते लगभग दो माह तक ध्रुव चारपाई पर पड़ा रहा था। इसके कारण सुशील उर्फ ध्रुव बलराज से रंजिश रखे हुए था।
सुशील ने अपने दोस्त गांव हरीगढ़ निवासी राहुल व एक अन्य के साथ किसान बलराज की हत्या की योजना बनाई। इसके बारे में आरोपी सुशील परिवार की एक महिला को पूरी जानकारी थी। इसी महिला ने बलराज के खेत में होने की मुखबिरी हत्यारोपियों को दी थी।
इसका फायदा उठाकर योजनाबद्ध तरीके से सुशील उर्फ ध्रुव, राहुल तथा एक अन्य ने बलराज की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए।
ताई सहित दो और भी थे हत्यारोपियों के निशाने पर
पूछताछ में यह सामने आया है कि हत्यारोपियों के निशाने पर दो व्यक्ति और भी थे। इसमें खुद हत्यारोपी सुशील की ताई तथा स्मैक से जुड़ा एक अन्य व्यक्ति की भी हत्यारोपियों द्वारा हत्या करने की योजना बनाई गई थी। इन दोनों को हत्याकांड के बारे में जानकारी थी।
हत्यारोपियों को यह डर था कि कहीं यह लोग इस हत्याकांड से पर्दा नहीं उठा दें। इसलिए हत्यारोपी इन दोनों की हत्या करने की साजिश रच रहे थे।
किसान बलराज हत्याकांड को लेकर ग्रामीण मृतक के जीजा पर संदेह जता रहे थे लेकिन बलराज की हत्या के दौरान उसके बेटे प्रतीक को हत्यारोपियों द्वारा कोई नुकसान न पहुंचाने से पुलिस की शक की सुईं दूसरी तरफ घूम रही थी। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो हत्यारोपी सुशील उर्फ ध्रुव की ताई का नाम सामने आया।
जब पुलिस ने सुशील की ताई से पूछताछ की तो उसने बलराज हत्याकांड का खुलासा कर दिया और हत्या में शामिल लोगों के नाम भी उजागर कर दिए। हत्यारोपी सुशील की ताई के मृतक बलराज के पिता से अवैध संबंध थे।
हत्यारोपी सुशील की ताई के कहने पर ही उनकी सवा दो एकड़ जमीन मृतक बलराज के परिवार को बेची गई थी। इसके बदले में मृतक बलराज के पिता ने हत्यारोपी सुशील की ताई को जींद में प्लाट दिलाए थे।
बलराज के पिता की कुछ समय पहले एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। जमीनी को लेकर ही बलराज तथा सुशील में रंजिश बनी हुई थी। इसको लेकर बलराज ने सुशील के साथ तीन वर्ष पहले मारपीट भी की थी। इसके चलते सुशील बलराज से रंजिश रखे हुए था।
पुलिस ने इसम मामले में दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिनसे हत्या में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
अभिषेक जोरवाल, एसएसपी
जींद।