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डेरा प्रेमियों का कैंटर पेड़ से टकराया, 20 घायल
ब्यूरो/अमर उजाला नरवाना
Updated Sat, 17 Oct 2015 12:19 AM IST
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गांव फैरण के पास शुक्रवार को डेरा प्रेमियों का कैंटर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में कैंटर में सवार 20 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए।
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घायलों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया। पांच लोगों की गंभीर हालात देखते हुए चिकित्सकों ने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घनटास्थल का जायजा लिया।
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गांव खरड़वाल के लगभग 30 डेरा प्रेमी शुक्रवार सुबह नरवाना के सिनेमाघर में डेरा प्रमुख राम रहीम की एमएसजी टू फिल्म को देखने के लिए रवाना हुए थे। जब उनका कैंटर गांव फरैण व नेहरा के बीच में पहुंचा तो अचानक सामने से ट्रैक्टर आ गया। इसमें कैंटर अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई।
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इसमें कैंटर में सवार पवन, सुखदेव, दिलबाग, राजबीर, साहिल, राहुल, सोनिया, मनीषा, वेदप्रकाश, सुभाष, साधु, बिट्टू, पवन, कर्मजीत, मनोज, ज्ञानीराम घायल हो गए। हादसा होते ही मौके पर हाहाकार मच गया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कैंटर में फंसे लोगों को बाहर निकालकर उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
चिकित्सकों ने पवन, सुखदेव, दिलबाग, राजबीर, साहिल की गंभीर हालात देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जबकि कैंटर में सवार लगभग दस लोगों को मामूली चोटें आईं।
खरड़वाल की संगत का था फिल्म देखने का नंबर
डेरा प्रमुख राम रहीम की एमएसजी टू फिल्म के लिए डेरा प्रेमियों में अच्छा खासा उत्साह है। शुक्रवार को गांव खरड़वाल के डेरा प्रेमियों का नंबर था और वह सुबह का शो देखने के लिए कैंटर में लगभग 30 लोग सवार होकर नरवाना के लिए निकले थे। जहां पर हादसे का शिकार हो गए।
अस्पताल की अव्यवस्था आई सामने
सामान्य अस्पताल में हादसे में घायल हुए 20 लोगों को अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां पर मरीजों के पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव फुल गए और घायलों को लेटाने के लिए बेड कम पड़ गए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने एक बेड पर दो लोगों को लेटाकर उनका उपचार किया।
घायलों को उपचार के लिए नहीं मिली एंबुलेंस
घायलों को सामान्य अस्पताल लाया गया, लेकिन पवन व सुखदेव की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन मौके पर एंबुलेंस नहीं मिली। जब घायलों के परिजनों ने अस्पताल के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंस को लाना चाहा तो वहां भी उनका चालक मौजूद नहीं था। इसके बाद परिजन घायलों को निजी वाहन से पीजीआई लेकर गए। खरड़वाल निवासी सतीश ने कहा कि जब घायलों को पीजीआई रेफर किया गया तो सामान्य अस्पताल में एक भी एंबुलेंस नहीं थी।