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एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की हड़ताल, 75 एनएचएम कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के नोटिस
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:19 AM IST
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75 एनएचएम कर्मचारियों को थमाए सेवा समाप्ति के नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मांगों को लेकर दस दिन से हड़ताल व धरना दे रहे एनएचएम कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में कार्यरत 167 नियमित व 75 एनएचएम के कर्मचारियों को नोटिस दिया गया। एनएचएम कर्मचारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस प्रशासन द्वारा मंगलवार को दिया गया था, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी किसी कर्मचारी ने ज्वाइन नहीं किया है। ऐसे में अब वीरवार को अंतिम रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि टेक्निकल दर्जा देने व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांगों को लेकर एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों ने 27 अगस्त से हड़ताल व धरना शुरू किया था। अब सरकार ने एस्मा लगाकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत सिविल सर्जन कार्यालय में 167 मेल एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों सहित 75 एनएचएम को नोटिस दिए हैं। हालांकि नियमित कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने नोटिस नहीं लिए हैं। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार कर्मचारियों को नोटिस भेज दिए हैं और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को दे दी है। अब वहीं से आगे की कार्रवाई होगी।
कर्मचारियों ने मुंडन करवाकर जताया रोष, बोले दमन से नहीं दबेगा आंदोलन
दूसरी ओर एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों का धरना नागरिक अस्पताल में जारी रहा। इस दौरान पांच कर्मचारियों ने मुंडन करवाकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन के प्रेस सचिव सुरेश शर्मा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत करने की बजाये एस्मा जैसे कानून से आंदोलन को दबाना चाहती है। वरिष्ठ उप प्रधान बीरमती देवी ने कहा कि एसोसिएशन सदैव ही वार्ता के पक्ष में रही है लेकिन दसवें दिन भी सरकार द्वारा मांगों को लागू करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर स्वास्थ्य मंत्री महोदय अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। इस मौके पर सरोज चहल, राकेश सिवाच, सुरेश पूनिया, रामेहर वर्मा, धर्म सिंह, साधु राम, प्रदीप, हरेंद्र, अमरजीत, महावीर, ईश्वर उझाना, रोशनी, रमेश देवी, श्रीभगवान, मनजीत भोला, दर्शन धर्म सिंह, निर्मल मोरखी, भूपेंद्र मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मांगों को लेकर दस दिन से हड़ताल व धरना दे रहे एनएचएम कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में कार्यरत 167 नियमित व 75 एनएचएम के कर्मचारियों को नोटिस दिया गया। एनएचएम कर्मचारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस प्रशासन द्वारा मंगलवार को दिया गया था, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी किसी कर्मचारी ने ज्वाइन नहीं किया है। ऐसे में अब वीरवार को अंतिम रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि टेक्निकल दर्जा देने व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांगों को लेकर एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों ने 27 अगस्त से हड़ताल व धरना शुरू किया था। अब सरकार ने एस्मा लगाकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत सिविल सर्जन कार्यालय में 167 मेल एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों सहित 75 एनएचएम को नोटिस दिए हैं। हालांकि नियमित कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने नोटिस नहीं लिए हैं। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार कर्मचारियों को नोटिस भेज दिए हैं और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को दे दी है। अब वहीं से आगे की कार्रवाई होगी।
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कर्मचारियों ने मुंडन करवाकर जताया रोष, बोले दमन से नहीं दबेगा आंदोलन
दूसरी ओर एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों का धरना नागरिक अस्पताल में जारी रहा। इस दौरान पांच कर्मचारियों ने मुंडन करवाकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन के प्रेस सचिव सुरेश शर्मा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत करने की बजाये एस्मा जैसे कानून से आंदोलन को दबाना चाहती है। वरिष्ठ उप प्रधान बीरमती देवी ने कहा कि एसोसिएशन सदैव ही वार्ता के पक्ष में रही है लेकिन दसवें दिन भी सरकार द्वारा मांगों को लागू करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर स्वास्थ्य मंत्री महोदय अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। इस मौके पर सरोज चहल, राकेश सिवाच, सुरेश पूनिया, रामेहर वर्मा, धर्म सिंह, साधु राम, प्रदीप, हरेंद्र, अमरजीत, महावीर, ईश्वर उझाना, रोशनी, रमेश देवी, श्रीभगवान, मनजीत भोला, दर्शन धर्म सिंह, निर्मल मोरखी, भूपेंद्र मौजूद रहे।
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