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दसवीं कक्षा के विद्यार्थी ने हॉस्टल में लगाई फांसी
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:17 AM IST
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दसवीं कक्षा के विद्यार्थी ने हॉस्टल में लगाया फंदा
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। निडानी गांव के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले दसवीं कक्षा के एक छात्र ने शुक्रवार दोपहर को हॉस्टल रूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार झज्जर जिले के गांव जाखौदा निवासी जतिन जींद के निडानी गांव के एक निजी स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र था। पढ़ाई के साथ-साथ वह कबड्डी का गेम खेलता था। इसलिए उसने स्कूल के होस्टल में अपने तीन अन्य सहपाठियों के साथ कमरा लिया हुआ था। शुक्रवार सुबह उसकी परिजनों से बात हुई थी। वह शुक्रवार को क्लास में नहीं गया और वार्डन को बताया कि उसे बुखार है। वह दवा लेकर आराम कर रहा है। दोपहर जब स्कूल में बच्चों की आधी छुट्टी हुई तो उसके साथी हॉस्टल में पहुंचे और उन्हें जतिन फंदे पर लटकता मिला। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना तुरंत वार्डन और स्कूल प्रबंधन को दी। मौके पर पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस फोरेंसिक एक्सपर्ट को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची। बाद में जतिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए जींद के नागरिक अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचे जतिन के परिजनों ने कहा कि जतिन ने उन्हें ऐसा कुछ नहीं बताया कि उसे किसी तरह की परेशानी है। जतिन घर का अकेला चिराग था।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। निडानी गांव के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले दसवीं कक्षा के एक छात्र ने शुक्रवार दोपहर को हॉस्टल रूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार झज्जर जिले के गांव जाखौदा निवासी जतिन जींद के निडानी गांव के एक निजी स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र था। पढ़ाई के साथ-साथ वह कबड्डी का गेम खेलता था। इसलिए उसने स्कूल के होस्टल में अपने तीन अन्य सहपाठियों के साथ कमरा लिया हुआ था। शुक्रवार सुबह उसकी परिजनों से बात हुई थी। वह शुक्रवार को क्लास में नहीं गया और वार्डन को बताया कि उसे बुखार है। वह दवा लेकर आराम कर रहा है। दोपहर जब स्कूल में बच्चों की आधी छुट्टी हुई तो उसके साथी हॉस्टल में पहुंचे और उन्हें जतिन फंदे पर लटकता मिला। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना तुरंत वार्डन और स्कूल प्रबंधन को दी। मौके पर पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस फोरेंसिक एक्सपर्ट को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची। बाद में जतिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए जींद के नागरिक अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचे जतिन के परिजनों ने कहा कि जतिन ने उन्हें ऐसा कुछ नहीं बताया कि उसे किसी तरह की परेशानी है। जतिन घर का अकेला चिराग था।