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सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार पटाखा व्यापारियों ने अंडरटेकिंग देने से किया मना
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:09 PM IST
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अंडरटेकिंग नहीं देने पर पटाखा व्यापारियों को नहीं मिले लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनसीआर में सिर्फ ग्रीन क्रैकर के प्रयोग के आदेश के बाद जींद में पटाखों की बिक्री व प्रयोग को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पटाखे बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने से पहले प्रशासन ने पटाखा कारोबारियों से सिर्फ ग्रीन क्रैकर ही बेचने के लिए अंडरटेकिंग मांगी थी, लेकिन पटाखा व्यापारियों ने यह देने से मना कर दिया। जिसकी वजह से जींद में किसी को भी पटाखा बेचने का लाइसेंस नहीं मिला है। हालांकि जिले में दो करोड़ रुपये के पटाखे स्टॉक में रखे गए हैं, जिनमें से अकेले जींद शहर में एक करोड़ रुपये के पटाखों का स्टॉक है।
जींद शहर में पटाखों की बिक्री के लिए 84 लोगों ने आवेदन किए थे। जुलाना में चार, सफीदों में 17, पिल्लूखेड़ा में आठ व उचाना में चार लोगों ने आवेदन किया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार ग्रीन क्रैकर नहीं होने से इन लोगों को लाइसेंस नहीं मिल पाया है। इससे कारोबारी अवैध रूप से पटाखे बेचेंगे। इसके लिए हालांकि प्रशासन ने भी सख्त की है और अब तक पटाखों की तीन बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी हैं। पटाखे बिक्री के लाइसेंस नहीं मिलने से प्रदूषण कम फैलने की संभावना है।
बढ़ेगा मुनाफा
पटाखा कारोबारियों ने बताया कि जिन व्यापारियों ने माल खरीद रखा है, वे हर हाल में अपने पटाखे बेचेंगे। यदि प्रशासन लाइसेंस नहीं देता तो अवैध रूप से अधिक मुनाफे में पटाखे बचे जाएंगे। इससे व्यापारियों का मुनाफा ढाई गुना तक बढ़ेगा।
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व्यापारियों के पास नहीं ग्रीन क्रैकर
जींद के व्यापारी रोहतक और कैथल से ही पटाखे खरीदते हैं। दिवाले से करीब एक महीना पहले ही पटाखों की खरीदारी हो जाती है और सुप्रीमकोर्ट के आदेश बाद में आए हैं। ऐसे में व्यापारियों के पास ग्रीन क्रैकर नहीं है सामान्य पटाखे ही बेचे जाएंगे।
प्रशासन मुस्तैद
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार पटाखा व्यापारियों से सिर्फ ग्रीन क्रैकर बेचने की अंडरटेकिंग ली जा रही थी, लेकिन विक्रेताओं ने अंडरटेकिंग नहीं दी। ऐसे में प्रशासन ने लाइसेंस नहीं दिए हैं।
विरेंद्र सहरावत, एसडीएम।
संबंधित एसडीएम को कार्रवाई के आदेश
माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सिर्फ ग्रीन क्रैकर बेचने की ही अनुमति है। इसके लिए सभी एसडीएम को अलर्ट रहने के आदेश दिए गए हैं। यदि कोई भी आदेशों की अवहेलना करता पाया जाता है तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
अमित खत्री, डीसी।
पुलिस ने दुकानदार से बरामद किए 38 किलोग्राम 230 ग्राम पटाखे
जींद। डिटेक्टिव टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक दुकानदार से अवैध तरीके से स्टोर में रखे 38 किलोग्राम 230 ग्राम पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस ने स्टोर मालिक विनोद कुमार जींद निवासी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। एएसआई सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि कृष्णा कॉलोनी निवासी विनोद अपने स्टोर में अवैध तरीके से पटाखे भरे हुए हैं। पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्टोर में रखे बिना लाइसेंस 38 किलोग्राम 230 ग्राम पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस ने स्टोर मालिक विनोद कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनसीआर में सिर्फ ग्रीन क्रैकर के प्रयोग के आदेश के बाद जींद में पटाखों की बिक्री व प्रयोग को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पटाखे बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने से पहले प्रशासन ने पटाखा कारोबारियों से सिर्फ ग्रीन क्रैकर ही बेचने के लिए अंडरटेकिंग मांगी थी, लेकिन पटाखा व्यापारियों ने यह देने से मना कर दिया। जिसकी वजह से जींद में किसी को भी पटाखा बेचने का लाइसेंस नहीं मिला है। हालांकि जिले में दो करोड़ रुपये के पटाखे स्टॉक में रखे गए हैं, जिनमें से अकेले जींद शहर में एक करोड़ रुपये के पटाखों का स्टॉक है।
जींद शहर में पटाखों की बिक्री के लिए 84 लोगों ने आवेदन किए थे। जुलाना में चार, सफीदों में 17, पिल्लूखेड़ा में आठ व उचाना में चार लोगों ने आवेदन किया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार ग्रीन क्रैकर नहीं होने से इन लोगों को लाइसेंस नहीं मिल पाया है। इससे कारोबारी अवैध रूप से पटाखे बेचेंगे। इसके लिए हालांकि प्रशासन ने भी सख्त की है और अब तक पटाखों की तीन बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी हैं। पटाखे बिक्री के लाइसेंस नहीं मिलने से प्रदूषण कम फैलने की संभावना है।
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बढ़ेगा मुनाफा
पटाखा कारोबारियों ने बताया कि जिन व्यापारियों ने माल खरीद रखा है, वे हर हाल में अपने पटाखे बेचेंगे। यदि प्रशासन लाइसेंस नहीं देता तो अवैध रूप से अधिक मुनाफे में पटाखे बचे जाएंगे। इससे व्यापारियों का मुनाफा ढाई गुना तक बढ़ेगा।
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व्यापारियों के पास नहीं ग्रीन क्रैकर
जींद के व्यापारी रोहतक और कैथल से ही पटाखे खरीदते हैं। दिवाले से करीब एक महीना पहले ही पटाखों की खरीदारी हो जाती है और सुप्रीमकोर्ट के आदेश बाद में आए हैं। ऐसे में व्यापारियों के पास ग्रीन क्रैकर नहीं है सामान्य पटाखे ही बेचे जाएंगे।
प्रशासन मुस्तैद
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार पटाखा व्यापारियों से सिर्फ ग्रीन क्रैकर बेचने की अंडरटेकिंग ली जा रही थी, लेकिन विक्रेताओं ने अंडरटेकिंग नहीं दी। ऐसे में प्रशासन ने लाइसेंस नहीं दिए हैं।
विरेंद्र सहरावत, एसडीएम।
संबंधित एसडीएम को कार्रवाई के आदेश
माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सिर्फ ग्रीन क्रैकर बेचने की ही अनुमति है। इसके लिए सभी एसडीएम को अलर्ट रहने के आदेश दिए गए हैं। यदि कोई भी आदेशों की अवहेलना करता पाया जाता है तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
अमित खत्री, डीसी।
पुलिस ने दुकानदार से बरामद किए 38 किलोग्राम 230 ग्राम पटाखे
जींद। डिटेक्टिव टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक दुकानदार से अवैध तरीके से स्टोर में रखे 38 किलोग्राम 230 ग्राम पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस ने स्टोर मालिक विनोद कुमार जींद निवासी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। एएसआई सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि कृष्णा कॉलोनी निवासी विनोद अपने स्टोर में अवैध तरीके से पटाखे भरे हुए हैं। पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्टोर में रखे बिना लाइसेंस 38 किलोग्राम 230 ग्राम पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस ने स्टोर मालिक विनोद कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।