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जिली निगम में हुए सवा छह करोड़ के घोटाले के मामले में पांच लोग गिरफ्तार
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जींद। बिजली निगम के ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके सवा छह करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कुछ फिलहाल निगम में कार्यरत हैं तो कुछ रिटायर्ड हो चुके हैं। डीएसपी दलीप सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।
एक अक्तूबर 2018 को सिविल लाइन थाना पुलिस जींद को दी शिकायत में हिसार ऑपरेशन सर्कल के एसई संजीव कुमार ने कहा था कि वर्ष 2017-18 में बिजली निगम के ठेकेदार मैसर्ज दूहन इलेक्ट्रिक के मालिक कुलदीप सिंह ने बिजली निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके सवा छह करोड़ रुपये का घोटाला किया है। पुलिस ने एसई संजीव कुमार की शिकायत पर कुलदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने आरोपी कुलदीप को 18 मार्च को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान कुलदीप सिंह ने निगम के हिसार कार्यालय में कार्यरत लेखाकार अनिल का नाम लिया था। पुलिस ने अनिल को गिरफ्तार किया। अनिल से जब पुलिस ने पूछताछ की तो इसमें हिसार जिले के गांव कोथ कलां निवासी जोरा सिंह का नाम सामने आया। जोरा सिंह इस समय उचाना में कार्यरत है। इसके साथ-साथ उचाना खुर्द निवासी जेई सुनील कुमार जो आजकल नरवाना में कार्यरत है, हनुमान नगर नरवान निवासी जेई धर्मपाल, जो इस समय उचाना में कार्यरत हैं, हनुमान नगर नरवाना निवासी रिटायर्ड एचडीएम बलजीत सिंह, हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के गांव कांडली निवासी रिटायर्ड जेई किशोरीलाल का नाम इस मामले में सामने आया। पुलिस ने जोरा सिंह, सुनील, धर्मपाल, बलजीत सिंह, किशोरी लाल को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच कर रहे डीएसपी दलीप सिंह ने कहा कि पुलिस पांचों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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एक अक्तूबर 2018 को सिविल लाइन थाना पुलिस जींद को दी शिकायत में हिसार ऑपरेशन सर्कल के एसई संजीव कुमार ने कहा था कि वर्ष 2017-18 में बिजली निगम के ठेकेदार मैसर्ज दूहन इलेक्ट्रिक के मालिक कुलदीप सिंह ने बिजली निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके सवा छह करोड़ रुपये का घोटाला किया है। पुलिस ने एसई संजीव कुमार की शिकायत पर कुलदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने आरोपी कुलदीप को 18 मार्च को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान कुलदीप सिंह ने निगम के हिसार कार्यालय में कार्यरत लेखाकार अनिल का नाम लिया था। पुलिस ने अनिल को गिरफ्तार किया। अनिल से जब पुलिस ने पूछताछ की तो इसमें हिसार जिले के गांव कोथ कलां निवासी जोरा सिंह का नाम सामने आया। जोरा सिंह इस समय उचाना में कार्यरत है। इसके साथ-साथ उचाना खुर्द निवासी जेई सुनील कुमार जो आजकल नरवाना में कार्यरत है, हनुमान नगर नरवान निवासी जेई धर्मपाल, जो इस समय उचाना में कार्यरत हैं, हनुमान नगर नरवाना निवासी रिटायर्ड एचडीएम बलजीत सिंह, हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के गांव कांडली निवासी रिटायर्ड जेई किशोरीलाल का नाम इस मामले में सामने आया। पुलिस ने जोरा सिंह, सुनील, धर्मपाल, बलजीत सिंह, किशोरी लाल को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच कर रहे डीएसपी दलीप सिंह ने कहा कि पुलिस पांचों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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