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फर्जी फर्म बनाकर लगाया छह करोड़ रुपये का चूना, तीन के खिलाफ केस दर्ज
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जींद। फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी कर सरकार को छह करोड़ एक लाख रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने कराधान अधिकारी नरेश अहलावत की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में जिला कराधान अधिकारी नरेश अहलताव ने कहा कि उन्हें मुख्यालय से एक पत्र मिला कि बायोटिक इन्वायरो सॉल्यूशन एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने जीएसटी के फर्जी बिल काट कर टैक्स की चोरी की है। फर्म का पता हांसी रोड पर औद्योगिक क्षेत्र में दिखाया गया था। मौके पर जाकर देखा गया तो उस फैक्टरी पर ताला लगा मिला। जब मालिक से पूछताछ की गई तो पता चला कि उन्होंने इस प्रकार का कोई काम नहीं किया है, और न ही अपना प्लॉट किसी को बेचा या किराये पर दिया है। इस पर साफ हो गया कि यह फर्म फर्जी है। वहीं कंपनी के ऑनलाइन रिकार्ड में दिल्ली के स्वरूपनगर निवासी विरेंद्र सिंह, रोहतक जिला के रुड़की स्थित चुगलाना पाना निवासी प्रवेश व दिल्ली के मंडोली सबोली निवासी सोनू को डायरेक्टर बनाया गया है। शिकायत के अनुसार फर्म ने एक साल पहले छह करोड़ एक लाख 66 हजार 539 रुपये के बिल काटे हैं। फर्म ने इन बिलों के आधार सरकार को कोई टैक्स का भुगतान नहीं किया। इस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला कराधान अधिकारी के अनुसार विभाग अपने स्तर पर भी मामले की जांच करेगा।
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पुलिस को दी शिकायत में जिला कराधान अधिकारी नरेश अहलताव ने कहा कि उन्हें मुख्यालय से एक पत्र मिला कि बायोटिक इन्वायरो सॉल्यूशन एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने जीएसटी के फर्जी बिल काट कर टैक्स की चोरी की है। फर्म का पता हांसी रोड पर औद्योगिक क्षेत्र में दिखाया गया था। मौके पर जाकर देखा गया तो उस फैक्टरी पर ताला लगा मिला। जब मालिक से पूछताछ की गई तो पता चला कि उन्होंने इस प्रकार का कोई काम नहीं किया है, और न ही अपना प्लॉट किसी को बेचा या किराये पर दिया है। इस पर साफ हो गया कि यह फर्म फर्जी है। वहीं कंपनी के ऑनलाइन रिकार्ड में दिल्ली के स्वरूपनगर निवासी विरेंद्र सिंह, रोहतक जिला के रुड़की स्थित चुगलाना पाना निवासी प्रवेश व दिल्ली के मंडोली सबोली निवासी सोनू को डायरेक्टर बनाया गया है। शिकायत के अनुसार फर्म ने एक साल पहले छह करोड़ एक लाख 66 हजार 539 रुपये के बिल काटे हैं। फर्म ने इन बिलों के आधार सरकार को कोई टैक्स का भुगतान नहीं किया। इस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला कराधान अधिकारी के अनुसार विभाग अपने स्तर पर भी मामले की जांच करेगा।
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