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नायब तहसीलदार की मौत
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:15 PM IST
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डेंगू से पिल्लूखेड़ा के नायब तहसीलदार की मौत
जींद। पिल्लूखेड़ा में कार्यरत नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार की डेंगू बीमारी के चलते सोमवार देर रात मौत हो गई। वह कई दिनों से दिल्ली के एक अस्पताल में दाखिल थे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग फिलहाल इस प्रकार की सूचना से मना कर रहा है। वहीं कृष्ण कुमार के परिवार ने इसकी पुष्टी की है।
नागरिक अस्पताल एचएमओ डॉ. कुलदीप के अनुसार डेंगू बुखार से घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सावधानी की जरूरत है। यह एक तरह से वायरल बुखार जैसा ही होता है, इसलिए मरीज को तुरंत डेंगू की जांच करवानी चाहिए, ताकि तुरंत बीमारी का इलाज हो सके। इस बीमारी में प्लेटिलेट्स कम हो जाते है, जिससे शरीर के अंदर से खून बहना शुरू हो जाता है। जिसके बाद मरीज के लिए खतरनाक हो जाता है। इसलिए सबसे पहले तो लोगों को अपने आसपास में पानी जमा ना होने दे, ताकि डेंगू के मच्छर पैदा ना हो सके। एसडीएम वीरेंद्र सिंह ने नायब तहसीलदार की मौत पर संवेदनाएं प्रकट की। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी असावधानी के चलते ही इस प्रकार से दुर्घटनाएं होती है। अगर हम अपने आस पास पानी नहीं भरने दें तो इससे बचा जा सकता है।
बॉक्स
इसकी सूचना कहीं से मिली है, लेकिन आधिकारी पुष्टी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग इसका पता लगा रहा है। यदि ऐसा हुआ है तो आसपास के क्षेत्र में फागिंग करवाई जाएगी।
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डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
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जींद। पिल्लूखेड़ा में कार्यरत नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार की डेंगू बीमारी के चलते सोमवार देर रात मौत हो गई। वह कई दिनों से दिल्ली के एक अस्पताल में दाखिल थे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग फिलहाल इस प्रकार की सूचना से मना कर रहा है। वहीं कृष्ण कुमार के परिवार ने इसकी पुष्टी की है।
नागरिक अस्पताल एचएमओ डॉ. कुलदीप के अनुसार डेंगू बुखार से घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सावधानी की जरूरत है। यह एक तरह से वायरल बुखार जैसा ही होता है, इसलिए मरीज को तुरंत डेंगू की जांच करवानी चाहिए, ताकि तुरंत बीमारी का इलाज हो सके। इस बीमारी में प्लेटिलेट्स कम हो जाते है, जिससे शरीर के अंदर से खून बहना शुरू हो जाता है। जिसके बाद मरीज के लिए खतरनाक हो जाता है। इसलिए सबसे पहले तो लोगों को अपने आसपास में पानी जमा ना होने दे, ताकि डेंगू के मच्छर पैदा ना हो सके। एसडीएम वीरेंद्र सिंह ने नायब तहसीलदार की मौत पर संवेदनाएं प्रकट की। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी असावधानी के चलते ही इस प्रकार से दुर्घटनाएं होती है। अगर हम अपने आस पास पानी नहीं भरने दें तो इससे बचा जा सकता है।
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इसकी सूचना कहीं से मिली है, लेकिन आधिकारी पुष्टी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग इसका पता लगा रहा है। यदि ऐसा हुआ है तो आसपास के क्षेत्र में फागिंग करवाई जाएगी।
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डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन