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युवक को पांच साल की कैद
Updated Mon, 25 Sep 2017 10:51 PM IST
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युवती को जहर देने के मामले में युवक को पांच साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गांव झांझ कलां की एक युवती को जहरीला पदार्थ देकर खुद जहर निकलने के जुर्म में अदालत ने एक युवक को पांच साल की कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि नहीं भरने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार झांझ कलां निवासी रामनिवास ने आठ जुलाई 2015 को सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी ममता जींद के एक कालेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। एक दिन उसकी बेटी मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में फोन से बात कर रही थी, लेकिन उसने फोन बेटी को कभी दिया नहीं। उसकी बेटी ने बताया कि फोन कैथल निवासी सचिन ने दिया था और सचिन उससे शादी करना चाहता है। लेकिन काफी समझाने के बाद उसकी बेटी ने कहा कि वह सचिन से बात नहीं करेगी और केवल पढ़ाई करेगी। कुछ दिनों बाद उसकी बेटी कालेज जाने लगी। आठ जुलाई 2015 को उसकी बेटी कालेज में पढ़ने के लिए गई थी। जहां पर उसकी बेटी ममता को कैथल निवासी सचिन गुमराह करके एक होटल में ले गया। जहां पर उसकी बेटी को पेय पदार्थ में जहरीला पदार्थ दे दिया और खुद भी थोड़ा बहुत जहर निगल लिया। इसके बाद उसकी बेटी की सरकारी अस्पताल में मौत हो गई, जबकि सचिन उसमें बच गया। उसने आरोप लगाया था कि सचिन ने उसकी बेटी से दुराचार किया और उसे जहरीला पदार्थ देकर हत्या कर दी। पुलिस ने युवक सचिन के खिलाफ हत्या, दुराचार व जहर देने का मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए सचिन को पांच साल की कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गांव झांझ कलां की एक युवती को जहरीला पदार्थ देकर खुद जहर निकलने के जुर्म में अदालत ने एक युवक को पांच साल की कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि नहीं भरने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार झांझ कलां निवासी रामनिवास ने आठ जुलाई 2015 को सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी ममता जींद के एक कालेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। एक दिन उसकी बेटी मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में फोन से बात कर रही थी, लेकिन उसने फोन बेटी को कभी दिया नहीं। उसकी बेटी ने बताया कि फोन कैथल निवासी सचिन ने दिया था और सचिन उससे शादी करना चाहता है। लेकिन काफी समझाने के बाद उसकी बेटी ने कहा कि वह सचिन से बात नहीं करेगी और केवल पढ़ाई करेगी। कुछ दिनों बाद उसकी बेटी कालेज जाने लगी। आठ जुलाई 2015 को उसकी बेटी कालेज में पढ़ने के लिए गई थी। जहां पर उसकी बेटी ममता को कैथल निवासी सचिन गुमराह करके एक होटल में ले गया। जहां पर उसकी बेटी को पेय पदार्थ में जहरीला पदार्थ दे दिया और खुद भी थोड़ा बहुत जहर निगल लिया। इसके बाद उसकी बेटी की सरकारी अस्पताल में मौत हो गई, जबकि सचिन उसमें बच गया। उसने आरोप लगाया था कि सचिन ने उसकी बेटी से दुराचार किया और उसे जहरीला पदार्थ देकर हत्या कर दी। पुलिस ने युवक सचिन के खिलाफ हत्या, दुराचार व जहर देने का मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए सचिन को पांच साल की कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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