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नागरिक अस्पताल के पार्क में युवक ने सल्फास खाकर की आत्महत्या, युवक की जेब से मिला सुसाइड नोट
Updated Mon, 06 Aug 2018 12:06 AM IST
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नशे के आदी युवक ने सल्फास खाकर नागरिक अस्पताल के पार्क में की आत्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल के पार्क में गांव निडाना निवासी एक 20 वर्षीय युवक ने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। सुबह उसका शव अस्पताल में आए लोगों ने देखा और इसकी सूचना अस्पताल पुलिस चौकी को दी। अस्पताल पुलिस ने इसकी सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मरने वाले युवक की जेब से मिले कागजातों के आधार पर उसकी पहचान हुई। पुलिस को युवक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उसने अपनी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया।
गांव निडाना निवासी 20 अमित उर्फ मोनू राजकीय कॉलेज के पास स्थित एक फोटो स्टूडियो की दुकान पर काम करता था। शनिवार दोपहर को दो बजे वह दुकान पर ही अपना मोबाइल छोड़कर निकल गया। दुकान संचालक ने सोचा कि वह घर गया होगा। शाम पांच बजे के आसपास अमित के भाई कृष्ण का दुकान संचालक के पास फोन आया और अमित के बारे में पूछा। दुकान संचालक ने बताया कि अमित अपना मोबाइल उसकी दुकान पर भूलकर चला गया है। दो बजे घर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद परिजनों ने अमित की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।
सुबह नागरिक अस्पताल में आने वाले लोगों ने एक युवक का शव नागरिक अस्पताल के जन्म-मृत्यु कार्यालय के सामने पार्क में पड़ा देखा। उन्होंने इसकी सूचना नागरिक अस्पताल स्थिति पुलिस चौकी को दी। इसके बाद पुलिस ने इसकी सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। जांच टीम ने मौके से एक डिस्पोजल गिलास, जिसमें कुछ पाउडर पड़ा हुआ था, एक सल्फास की गोली व सल्फास की गोली डालने वाली डिब्बी मिली। इसके बाद शव की जब तलाशी ली गई तो उसकी जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला। पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया और युवक के परिजनों को इसकी सूचना दी।
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नशे का आदी था अमित
जिस दुकान पर अमित काम करता था। उसके संचालक को अमित उर्फ मोनू पर नशा करने का संदेह था। अमित के बारे में उसने उसके भाइयों से भी बात की थी। अस्पताल में पहुंचे अमित के परिजनों ने भी इस बात को स्वीकारा की अमित नशा करता था। अस्पताल में पहुंचे एक परिजन ने तो पुलिस कर्मचारियों को इतना तक भी कहा कि साहब! इस नशे का तो कोई इलाज करो, बच्चे बर्बाद हो रहे हैं।
सुसाइड नोट में किसी को नहीं बताया मौत के लिए जिम्मेदार
पुलिस के अनुसार जो सुसाइड नोट अमित की जेब से मिला। उसमें उसने किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया है। सुसाइड नोट में अमित ने केवल इतना लिखा है कि उसके भाई उसकी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। वह अपने आप आत्महत्या कर रहा है। उसकी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है। उसकी मौत के बाद उसका शव उसके परिजनों को सौंप दिया जाए।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था अमित
मृतक अमित उर्फ मोनू अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। उसका सबसे बड़ा भाई कृष्ण दूरसंचार विभाग में काम करता है। कृष्ण से छोटा भाई अनिल फौज में नौकरी करता है। कृष्ण ने कहा कि ऐसे कोई हालात नहीं थे, जिससे अमित को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़े।
सामान्य कार्रवाई करके शव परिजनों को सौंपा
मौके पर पहुंचे डीएसपी रामभज ने कहा कि सुसाइड नोट में किसी को जिम्मेदार नहीं बताया गया है। मौके से सल्फास की गोली, एक डिस्पोजल गिलास में मिले पाउडर व खाली डिब्बी से यह पता चलता है कि युवक ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि युवक नशे का आदी था। उसके पास मिले खाली गिलास में पाउडर जैसी वस्तु मिली है, जो जांच के लिए भेज दी गई है। परिजनों ने भी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने सामान्य कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल के पार्क में गांव निडाना निवासी एक 20 वर्षीय युवक ने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। सुबह उसका शव अस्पताल में आए लोगों ने देखा और इसकी सूचना अस्पताल पुलिस चौकी को दी। अस्पताल पुलिस ने इसकी सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मरने वाले युवक की जेब से मिले कागजातों के आधार पर उसकी पहचान हुई। पुलिस को युवक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उसने अपनी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया।
गांव निडाना निवासी 20 अमित उर्फ मोनू राजकीय कॉलेज के पास स्थित एक फोटो स्टूडियो की दुकान पर काम करता था। शनिवार दोपहर को दो बजे वह दुकान पर ही अपना मोबाइल छोड़कर निकल गया। दुकान संचालक ने सोचा कि वह घर गया होगा। शाम पांच बजे के आसपास अमित के भाई कृष्ण का दुकान संचालक के पास फोन आया और अमित के बारे में पूछा। दुकान संचालक ने बताया कि अमित अपना मोबाइल उसकी दुकान पर भूलकर चला गया है। दो बजे घर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद परिजनों ने अमित की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।
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सुबह नागरिक अस्पताल में आने वाले लोगों ने एक युवक का शव नागरिक अस्पताल के जन्म-मृत्यु कार्यालय के सामने पार्क में पड़ा देखा। उन्होंने इसकी सूचना नागरिक अस्पताल स्थिति पुलिस चौकी को दी। इसके बाद पुलिस ने इसकी सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। जांच टीम ने मौके से एक डिस्पोजल गिलास, जिसमें कुछ पाउडर पड़ा हुआ था, एक सल्फास की गोली व सल्फास की गोली डालने वाली डिब्बी मिली। इसके बाद शव की जब तलाशी ली गई तो उसकी जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला। पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया और युवक के परिजनों को इसकी सूचना दी।
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नशे का आदी था अमित
जिस दुकान पर अमित काम करता था। उसके संचालक को अमित उर्फ मोनू पर नशा करने का संदेह था। अमित के बारे में उसने उसके भाइयों से भी बात की थी। अस्पताल में पहुंचे अमित के परिजनों ने भी इस बात को स्वीकारा की अमित नशा करता था। अस्पताल में पहुंचे एक परिजन ने तो पुलिस कर्मचारियों को इतना तक भी कहा कि साहब! इस नशे का तो कोई इलाज करो, बच्चे बर्बाद हो रहे हैं।
सुसाइड नोट में किसी को नहीं बताया मौत के लिए जिम्मेदार
पुलिस के अनुसार जो सुसाइड नोट अमित की जेब से मिला। उसमें उसने किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया है। सुसाइड नोट में अमित ने केवल इतना लिखा है कि उसके भाई उसकी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। वह अपने आप आत्महत्या कर रहा है। उसकी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है। उसकी मौत के बाद उसका शव उसके परिजनों को सौंप दिया जाए।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था अमित
मृतक अमित उर्फ मोनू अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। उसका सबसे बड़ा भाई कृष्ण दूरसंचार विभाग में काम करता है। कृष्ण से छोटा भाई अनिल फौज में नौकरी करता है। कृष्ण ने कहा कि ऐसे कोई हालात नहीं थे, जिससे अमित को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़े।
सामान्य कार्रवाई करके शव परिजनों को सौंपा
मौके पर पहुंचे डीएसपी रामभज ने कहा कि सुसाइड नोट में किसी को जिम्मेदार नहीं बताया गया है। मौके से सल्फास की गोली, एक डिस्पोजल गिलास में मिले पाउडर व खाली डिब्बी से यह पता चलता है कि युवक ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि युवक नशे का आदी था। उसके पास मिले खाली गिलास में पाउडर जैसी वस्तु मिली है, जो जांच के लिए भेज दी गई है। परिजनों ने भी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने सामान्य कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।