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Jind News: मांगों को लेकर भड़के निर्माण मजदूर, श्रम मंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली
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फोटो 22जेएनडी06-जुलाना में श्रममंत्री और मुख्यमंत्री के पुतलों की शव यात्रा निकालते हुए निर्माण
जींद। संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को जुलाना में निर्माण मजदूरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने लेबर शेड से पुरानी अनाज मंडी तक श्रम मंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकालकर दहन किया। अध्यक्षता ब्लॉक उपाध्यक्ष सुरेश करसोला और इंटक नेता सरोज ने संयुक्त रूप से की। संचालन दीनदयाल ने किया।
भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिला सचिव संदीप जाजवान, यूनियन के जिला उपाध्यक्ष कपूर सिंह, इंटक के राज्य महामंत्री कृष्ण नैन और जिला प्रधान सतीश बड़ौदा ने कहा कि प्रदेश के निर्माण मजदूर लंबे समय से अपने अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है।
श्रम पोर्टल की खामियों, पंजीकरण एवं नवीनीकरण में आ रही परेशानियों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से मजदूरों को वंचित किए जाने के कारण उनमें भारी रोष है।
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उन्होंने मांग की कि श्रम पोर्टल की सभी तकनीकी खामियां तुरंत दूर की जाएं और निर्माण श्रमिकों की लंबित योजनाओं के आवेदनों को जल्द स्वीकृत कर लाभ दिया जाए। सभी पात्र निर्माण मजदूरों का पंजीकरण और नवीनीकरण सुनिश्चित किया जाए। वर्ष 2025 में बंद हुई सहायता योजनाओं का लाभ भी पात्र मजदूरों को दिया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 21 जुलाई को जिला स्तर पर प्रदर्शन करते हुए डिप्टी स्पीकर के आवास का घेराव किया जाएगा। इसकी तैयारियों के तहत प्रत्येक गांव में जाकर श्रम मंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले फूंककर आंदोलन को मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर कश्मीर सिंह, आनंद, दीपक, पवन, सुनील देवी, नीलम, सोनिया, सुशीला और गुड्डी मौजूद रहीं।
निर्माण मजदूरों की यह हैं मांगें
श्रम पोर्टल की सभी तकनीकी खामियां दूर की जाएं।
निर्माण मजदूरों के लंबित आवेदनों को तुरंत मंजूरी दी जाए।
पात्र मजदूरों का पंजीकरण एवं नवीनीकरण सुनिश्चित किया जाए।
बंद कल्याणकारी योजनाओं को दोबारा शुरू किया जाए।
मजदूरों की सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी योजनाओं को मजबूत किया जाए।
न्यूनतम मजदूरी कानून का सख्ती से पालन कराया जाए।
मजदूर विरोधी कानूनों को वापस लिया जाए।
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भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिला सचिव संदीप जाजवान, यूनियन के जिला उपाध्यक्ष कपूर सिंह, इंटक के राज्य महामंत्री कृष्ण नैन और जिला प्रधान सतीश बड़ौदा ने कहा कि प्रदेश के निर्माण मजदूर लंबे समय से अपने अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है।
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श्रम पोर्टल की खामियों, पंजीकरण एवं नवीनीकरण में आ रही परेशानियों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से मजदूरों को वंचित किए जाने के कारण उनमें भारी रोष है।
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उन्होंने मांग की कि श्रम पोर्टल की सभी तकनीकी खामियां तुरंत दूर की जाएं और निर्माण श्रमिकों की लंबित योजनाओं के आवेदनों को जल्द स्वीकृत कर लाभ दिया जाए। सभी पात्र निर्माण मजदूरों का पंजीकरण और नवीनीकरण सुनिश्चित किया जाए। वर्ष 2025 में बंद हुई सहायता योजनाओं का लाभ भी पात्र मजदूरों को दिया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 21 जुलाई को जिला स्तर पर प्रदर्शन करते हुए डिप्टी स्पीकर के आवास का घेराव किया जाएगा। इसकी तैयारियों के तहत प्रत्येक गांव में जाकर श्रम मंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले फूंककर आंदोलन को मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर कश्मीर सिंह, आनंद, दीपक, पवन, सुनील देवी, नीलम, सोनिया, सुशीला और गुड्डी मौजूद रहीं।
निर्माण मजदूरों की यह हैं मांगें
श्रम पोर्टल की सभी तकनीकी खामियां दूर की जाएं।
निर्माण मजदूरों के लंबित आवेदनों को तुरंत मंजूरी दी जाए।
पात्र मजदूरों का पंजीकरण एवं नवीनीकरण सुनिश्चित किया जाए।
बंद कल्याणकारी योजनाओं को दोबारा शुरू किया जाए।
मजदूरों की सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी योजनाओं को मजबूत किया जाए।
न्यूनतम मजदूरी कानून का सख्ती से पालन कराया जाए।
मजदूर विरोधी कानूनों को वापस लिया जाए।