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शीतलहर का प्रकोप : ठंडी हवाओं ने छुड़ाई कंपकंपी, तापमान में और गिरावट के आसार
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21जेएनडी08: सुबह साढ़े दस बजे धुंध से मिली राहत के बाद बढी दृश्यता। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में रविवार सुबह घने कोहरे और धुंध के कारण शीतलहर का असर तेज रहा। ठंडी हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया, जिससे लोगों को कंपकंपी का सामना करना पड़ा। वहीं, किसानों में शीतलहर के कारण सब्जियों की फसल का खराब होने का खतरा बना हुआ है। वहीं, सर्दी बढ़ने से गेहूं में किसानों को लाभ होगा। रविवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इस कारण आमजन को ठंड से बचाव के प्रबंध करने होंगे।
अगर लापरवाही बरती तो लोग बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। रविवार सुबह दस बजे तक धुंध का प्रभाव रहा लेकिन बाद में धुंध छंट गई और आसमान में बादल छाए रहे। सुबह चली ठंडी हवाओं ने लोगों को कंपकंपी का एहसास कराया और आमजन को घरों से निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
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बीते दिनों की तुलना में अधिकतम तापमान में करीब एक से दो डिग्री की कटौती होगी जबकि न्यूनतम तापमान भी नीचे खिसकेगा। ठंड बढ़ने के कारण सुबह और देर शाम के समय शीत लहर का प्रभाव अधिक महसूस हाे रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग कंबल और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। ठंड के कारण बुजुर्ग व बच्चों के बीमार होने का डर रहता है।
अगले दो दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना
सुबह व शाम के समय पार्कों और सैर स्थलों पर लोगों की संख्या कम रही। वहीं चाय की दुकानों पर गर्म पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है। इससे धुंध में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगामी दिनों में यह रहेगा तापमान
दिसबंर न्यूनतम अधिकतम
22 11 22
23 9 22
24 7 21
25 7 20
26 7 20
27 7 20
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ज्यादा ठंड में यह सब्जियां व फसलें हो जाती हैं खराब
सर्दी में ज्यादा ठंड से मुख्य रूप से मटर, सरसों, धनिया, मिर्च, टमाटर, आलू, बैंगन, पत्ता गोभी जैसी सब्जियां और मक्का, सोयाबीन जैसी फसलें खराब हो जाती हैं। ज्यादा ठंड में इनके पौधे काले पड़ जाते हैं और विकास रुक जाता है और उपज कम हो जाती है। जबकि गेहूं की फसल के लिए हल्की ठंड अच्छी होती है।
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ठंड का असर खेती और सब्जी उत्पादकों पर भी पड़ने लगा है। किसानों को शीतलहर के कारण सब्जियों की फसल का खराब होने का डर बना हुआ है। खासकर पाले की आशंका से हरी सब्जियों और फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसान फसलों को ढकने और सिंचाई जैसे उपाय अपनाकर नुकसान से बचने का प्रयास कर रहे हैं। -डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक जींद
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की गई है। नागरिकों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। मौसम का मिजाज देखते हुए आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और बढ़ने की संभावना है। -डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।
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जींद। जिले में रविवार सुबह घने कोहरे और धुंध के कारण शीतलहर का असर तेज रहा। ठंडी हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया, जिससे लोगों को कंपकंपी का सामना करना पड़ा। वहीं, किसानों में शीतलहर के कारण सब्जियों की फसल का खराब होने का खतरा बना हुआ है। वहीं, सर्दी बढ़ने से गेहूं में किसानों को लाभ होगा। रविवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इस कारण आमजन को ठंड से बचाव के प्रबंध करने होंगे।
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अगर लापरवाही बरती तो लोग बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। रविवार सुबह दस बजे तक धुंध का प्रभाव रहा लेकिन बाद में धुंध छंट गई और आसमान में बादल छाए रहे। सुबह चली ठंडी हवाओं ने लोगों को कंपकंपी का एहसास कराया और आमजन को घरों से निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
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बीते दिनों की तुलना में अधिकतम तापमान में करीब एक से दो डिग्री की कटौती होगी जबकि न्यूनतम तापमान भी नीचे खिसकेगा। ठंड बढ़ने के कारण सुबह और देर शाम के समय शीत लहर का प्रभाव अधिक महसूस हाे रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग कंबल और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। ठंड के कारण बुजुर्ग व बच्चों के बीमार होने का डर रहता है।
अगले दो दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना
सुबह व शाम के समय पार्कों और सैर स्थलों पर लोगों की संख्या कम रही। वहीं चाय की दुकानों पर गर्म पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है। इससे धुंध में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगामी दिनों में यह रहेगा तापमान
दिसबंर न्यूनतम अधिकतम
22 11 22
23 9 22
24 7 21
25 7 20
26 7 20
27 7 20
ज्यादा ठंड में यह सब्जियां व फसलें हो जाती हैं खराब
सर्दी में ज्यादा ठंड से मुख्य रूप से मटर, सरसों, धनिया, मिर्च, टमाटर, आलू, बैंगन, पत्ता गोभी जैसी सब्जियां और मक्का, सोयाबीन जैसी फसलें खराब हो जाती हैं। ज्यादा ठंड में इनके पौधे काले पड़ जाते हैं और विकास रुक जाता है और उपज कम हो जाती है। जबकि गेहूं की फसल के लिए हल्की ठंड अच्छी होती है।
ठंड का असर खेती और सब्जी उत्पादकों पर भी पड़ने लगा है। किसानों को शीतलहर के कारण सब्जियों की फसल का खराब होने का डर बना हुआ है। खासकर पाले की आशंका से हरी सब्जियों और फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसान फसलों को ढकने और सिंचाई जैसे उपाय अपनाकर नुकसान से बचने का प्रयास कर रहे हैं। -डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक जींद
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की गई है। नागरिकों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। मौसम का मिजाज देखते हुए आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और बढ़ने की संभावना है। -डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।