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निशाने से चूके दावे और वादें, फाइलों में दब कर रह गई शूटिंग रेंज
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शूटिंग रेज का शिलान्यास करते तत्कालीन खेल विभाग के निदेशक जगदीप सिंह व साथ में हैं डीसी अमित खत्?
- फोटो : Jind
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शिलान्यास के पांच साल बाद भी जिले के खिलाड़ियों को शूटिंग रेंज की सुविधा नहीं मिल पाई है। उदासीनता के चलते योजना अब फाइलों में ही दफन होकर रह गई है। विडंबना है कि शिलान्यास पत्थर भी पांच फीट नीचे दबा पड़ा है। ऐसे में जिले के जो खिलाड़ी निशाना लगाकर गोल्ड जीतने की इच्छा रखते हैं, वह अंबाला या फिर किसी अन्य जिले में जाकर अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं।
बताते चलें कि 13 अक्तूबर 2017 को खेल विभाग के निदेशक जगदीप सिंह ने जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के सामने अर्जुन स्टेडियम में शूटिंग रेंज का शिलान्यास पत्थर लगाया था। इस मौके पर तत्कालीन डीसी अमित खत्री भी मौजूद थे। दावा किया गया था कि एक महीने में ही जिले में खिलाड़ियों को शूटिंग रेंज की सुविधा मिल जाएगी। शूटिंग रेंज को शुरू करने के लिए खेल विभाग के अधिकारियों ने अंबाला समेत कई जिलों में खोली गई शूटिंग रेंज का निरीक्षण भी किया। इसके बाद इसका पूरा नक्शा तथा अन्य सामान भी धीरे-धीरे उपलब्ध होने लगा। अर्जुन स्टेडियम के बैडमिंटन हाल में शूटिंग रेंज के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हो गई थीं। शूटिंग रेंज के लिए केवल गन नहीं मिली थी। इसके बाद अधिकारियों के तबादले हुए और शूटिंग रेंज अधर में ही लटक गई। आज तक यह पता नहीं चला कि जो कुछ सामान शूटिंग रेंज के लिए आया था, वह कहां गया और यह शूटिंग रेंज क्यों नहीं खुल पाई।
दिल्ली या अन्य शूटिंग रेंज में जाते हैं जिले के खिलाड़ी
जिले में खिलाड़ी अपना निशाना पक्का करने के लिए अन्य जिलों का रुख करते हैं। नरवाना के तीन खिलाड़ी इस समय अंबाला की शूटिंग रेंज में अभ्यास कर रहे हैं। जींद के लक्ष्य श्योराण ने 2021 में वल्र्ड शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। लक्ष्य ने अपना सारा अभ्यास दिल्ली या अन्य जगह ही किया है। ऐसे में कुछ नए उभरते हुए खिलाड़ी शूटिंग रेंज जिले में नहीं होने के कारण दूसरे जिलों का सहारा ले रहे हैं। यदि जींद में ही शूटिंग रेंज की व्यवस्था हो तो इस खेल में जिले में काफी प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं।
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जिले में शूटिंग रेंज का शिलान्यास कब हुआ, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अन्य अधिकारियों से जानकारी लेकर कुछ कहा जा सकता है।
-कुमारी संतोष धीमान, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी।
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जींद। शिलान्यास के पांच साल बाद भी जिले के खिलाड़ियों को शूटिंग रेंज की सुविधा नहीं मिल पाई है। उदासीनता के चलते योजना अब फाइलों में ही दफन होकर रह गई है। विडंबना है कि शिलान्यास पत्थर भी पांच फीट नीचे दबा पड़ा है। ऐसे में जिले के जो खिलाड़ी निशाना लगाकर गोल्ड जीतने की इच्छा रखते हैं, वह अंबाला या फिर किसी अन्य जिले में जाकर अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं।
बताते चलें कि 13 अक्तूबर 2017 को खेल विभाग के निदेशक जगदीप सिंह ने जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के सामने अर्जुन स्टेडियम में शूटिंग रेंज का शिलान्यास पत्थर लगाया था। इस मौके पर तत्कालीन डीसी अमित खत्री भी मौजूद थे। दावा किया गया था कि एक महीने में ही जिले में खिलाड़ियों को शूटिंग रेंज की सुविधा मिल जाएगी। शूटिंग रेंज को शुरू करने के लिए खेल विभाग के अधिकारियों ने अंबाला समेत कई जिलों में खोली गई शूटिंग रेंज का निरीक्षण भी किया। इसके बाद इसका पूरा नक्शा तथा अन्य सामान भी धीरे-धीरे उपलब्ध होने लगा। अर्जुन स्टेडियम के बैडमिंटन हाल में शूटिंग रेंज के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हो गई थीं। शूटिंग रेंज के लिए केवल गन नहीं मिली थी। इसके बाद अधिकारियों के तबादले हुए और शूटिंग रेंज अधर में ही लटक गई। आज तक यह पता नहीं चला कि जो कुछ सामान शूटिंग रेंज के लिए आया था, वह कहां गया और यह शूटिंग रेंज क्यों नहीं खुल पाई।
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दिल्ली या अन्य शूटिंग रेंज में जाते हैं जिले के खिलाड़ी
जिले में खिलाड़ी अपना निशाना पक्का करने के लिए अन्य जिलों का रुख करते हैं। नरवाना के तीन खिलाड़ी इस समय अंबाला की शूटिंग रेंज में अभ्यास कर रहे हैं। जींद के लक्ष्य श्योराण ने 2021 में वल्र्ड शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। लक्ष्य ने अपना सारा अभ्यास दिल्ली या अन्य जगह ही किया है। ऐसे में कुछ नए उभरते हुए खिलाड़ी शूटिंग रेंज जिले में नहीं होने के कारण दूसरे जिलों का सहारा ले रहे हैं। यदि जींद में ही शूटिंग रेंज की व्यवस्था हो तो इस खेल में जिले में काफी प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं।
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जिले में शूटिंग रेंज का शिलान्यास कब हुआ, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अन्य अधिकारियों से जानकारी लेकर कुछ कहा जा सकता है।
-कुमारी संतोष धीमान, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी।