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Jind News: अंधेरे में शहर, स्ट्रीट लाइटों के दावे रोशनी से दूर

Sun, 30 Aug 2026 12:31 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:31 AM IST
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City in darkness, claims of street lights far from light
29जेएनडी06: रात के समय गोहाना रोड पर छाया अंधेरा। संवाद
जींद। शहर के मुख्य मार्गों पर रात होते ही अंधेरा पसर जाता है। नगर परिषद की ओर से स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे जमीनी हकीकत से बिल्कुल उलट है। प्रमुख सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को अंधेरे में आवागमन करना पड़ रहा है।
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रानी तालाब से गोहाना रोड तक करीब दो किलोमीटर के मार्ग पर मुश्किल से 10 स्ट्रीट लाइट ही जलती दिखाई देती हैं। रेलवे रोड भी रात को अंधेरे में डूबा रहता है।
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वहीं सफीदों रोड पर दालमवाला चौक से परशुराम चौक तक सड़क निर्माण के दौरान उखाड़ी गई स्ट्रीट लाइटें सड़क तैयार होने के महीनों बाद भी नहीं लगाई गई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सड़क तो बन गई लेकिन उसकी रोशनी कहां चली गई?
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शहर में स्ट्रीट लाइटों की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में भी पार्षदों ने प्रमुखता से उठाया था। बैठक में जिला प्रशासन और सांसदों के सामने पार्षदों ने अधिकारियों से सवाल किया कि मुख्य मार्गों की स्ट्रीट लाइटें कब ठीक होंगी।
इस पर अधिकारी ठोस जवाब नहीं दे पाए। पार्षदों का कहना था कि वे नगर परिषद की वार्षिक एजेंडा बैठक में भी कई बार यह मुद्दा उठा चुके हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
महीने में दो-चार दिन ही जलती हैं लाइटें, ठेकेदार भी नहीं आता
पार्षद सतपाल कुंडू ने नगर परिषद की बैठक में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा था कि कई स्थानों पर लाइटें महीने में केवल दो से चार दिन ही जलती हैं। खराब होने के बाद इनकी रिपेयरिंग के लिए ठेकेदार मौके पर नहीं पहुंचता। पार्षदों का आरोप है कि शिकायत करने के लिए फोन किए जाते हैं लेकिन संबंधित लोग फोन उठाना या जवाब देना तक उचित नहीं समझते। बार-बार शिकायतों और बैठकों में मुद्दा उठाए जाने के बावजूद नगर परिषद की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से पार्षदों में भी रोष है।

सड़क बन गई, लेकिन लाइटें कहां गईं, किसी को नहीं पता
सफीदों रोड पर दालमवाला चौक से परशुराम चौक तक सड़क निर्माण के नाम पर पहले लगी स्ट्रीट लाइटें उखाड़ दी गई थीं। सड़क निर्माण हुए कई महीने बीत चुके हैं लेकिन इन लाइटों को अब तक दोबारा नहीं लगाया गया। पार्षदों का सवाल है कि आखिर उखाड़ी गई लाइटें कहां गईं और इन्हें कब लगाया जाएगा। इसी तरह रेलवे रोड, गोहाना रोड और सब्जी मंडी से पटियाला चौक तक कई स्थानों पर रात के समय रोशनी का अभाव बना रहता है।

मुख्य मार्गों का सर्वे कर बंद लाइटें जल्द ठीक करवाए नप नगर परिषद
पार्षद प्रतिनिधि बलराज श्योराण ने कहा कि बार-बार बैठकों में मामला उठने, पार्षदों के सवाल करने और लोगों की शिकायतों के बावजूद नगर परिषद की ओर से इसे प्राथमिकता नहीं दिए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर परिषद मुख्य मार्गों का सर्वे करवाकर बंद पड़ी सभी लाइटों को जल्द ठीक करवाए। उखाड़ी गई लाइटों को दोबारा लगवाए और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी तय करे ताकि रात के समय शहर के प्रमुख मार्ग अंधेरे में न डूबें।


वर्जन
शहर में जहां पर भी रात को लाइट बंद रहती हैं। उनको ठीक करवाया जाएगा ताकि रात के समय किसी भी व्यक्ति को सड़कों पर अंधेरे में परेशानी नहीं रहे। तकनीकी खराबी के कारण रात को स्ट्रीट लाइट बंद हुई है या कोई स्थायी परेशानी बनी हुई है। इसके लिए भी एजेंसी को निर्देश दिए जाएंगे। -सुशील कुमार ईओ नगर परिषद जींद।
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