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Jind News: ठंड में आसमान के नीचे जमीन में बैठकर पढ़ने को बच्चे मजबूर
Sun, 21 Dec 2025 12:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 21 Dec 2025 12:44 AM IST
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20जेएनडी30: खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ते बच्चे। संवाद।
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नरवाना। डूमरखा कलां में लड़कों के राजकीय उच्च विद्यालय की जर्जर बिल्डिंग को तोड़े जाने के बाद स्कूल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
भवन गिराए जाने से पहले शिक्षा विभाग द्वारा न तो अस्थायी कक्षा कक्ष बनाए गए और नतीजतन कड़ाके की ठंड में विद्यार्थी खुले में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं व शिक्षक भी विषम परिस्थितियों में पठन-पाठन करा रहे हैं।
स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में था, जिसे कंडम घोषित कर दिया गया था। हाल ही में भवन को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन इससे पहले बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए। भवन टूटते ही अधिकांश कमरे समाप्त हो गए हैं और अब स्कूल प्रशासन कंप्यूटर लैब व प्रिंसिपल कार्यालय के कमरों से ही सीमित कामकाज चला रहा है।
पर्याप्त कक्ष न होने के कारण सभी कक्षाओं को एक साथ बैठाना संभव नहीं हो पा रहा है। ठंड में खुले मैदान या बरामदे में बैठकर पढ़ाई करना बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। अध्यापक प्रदीप ने बताया कि सुबह के समय ठंड अधिक होने के कारण बच्चों को स्कूल में बने हाल में बैठाना पड़ता है।
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यदि अस्थायी कक्षाएं या टीन शेड की व्यवस्था कर दी जाती तो छात्रों को राहत मिल सकती थी। ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द अस्थायी कक्षा कक्ष बनाए जाएं या नजदीकी किसी भवन में स्कूल को शिफ्ट किया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके।
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भवन गिराए जाने से पहले शिक्षा विभाग द्वारा न तो अस्थायी कक्षा कक्ष बनाए गए और नतीजतन कड़ाके की ठंड में विद्यार्थी खुले में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं व शिक्षक भी विषम परिस्थितियों में पठन-पाठन करा रहे हैं।
स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में था, जिसे कंडम घोषित कर दिया गया था। हाल ही में भवन को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन इससे पहले बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए। भवन टूटते ही अधिकांश कमरे समाप्त हो गए हैं और अब स्कूल प्रशासन कंप्यूटर लैब व प्रिंसिपल कार्यालय के कमरों से ही सीमित कामकाज चला रहा है।
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पर्याप्त कक्ष न होने के कारण सभी कक्षाओं को एक साथ बैठाना संभव नहीं हो पा रहा है। ठंड में खुले मैदान या बरामदे में बैठकर पढ़ाई करना बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। अध्यापक प्रदीप ने बताया कि सुबह के समय ठंड अधिक होने के कारण बच्चों को स्कूल में बने हाल में बैठाना पड़ता है।
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यदि अस्थायी कक्षाएं या टीन शेड की व्यवस्था कर दी जाती तो छात्रों को राहत मिल सकती थी। ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द अस्थायी कक्षा कक्ष बनाए जाएं या नजदीकी किसी भवन में स्कूल को शिफ्ट किया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके।

20जेएनडी30: खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ते बच्चे। संवाद।