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नहर में मरे हुए मुर्गे डालने पर अज्ञात पोल्ट्री फार्म मालिक के खिलाफ केस दर्ज
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सफीदों। सफीदों-हांसी ब्रांच नहर में शनिवार को भारी संख्या में मरे हुए मुर्गे बहकर आने का मामला सामने आया है। कोरोना महामारी के बीच इन मरे हुए मुर्गों को नहर में बहता हुआ देखकर लोगों में बीमारी फैलने डर सता रहा है। नहरी विभाग के एसडीओ ने पुलिस से मामले की शिकायत की है। इस पर पुलिस ने अज्ञात पोल्ट्री फार्म के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कस्बे में शनिवार को किसी ने नहर के पानी में मरे हुए मुर्गों को बहते हुए देखा। इसके बाद उसने मामले की सूचना एसडीएम मनदीप कुमार को दी। इस पर एसडीएम मनदीप कुमार ने मौके पर नहरी विभाग व पशुपालन विभाग के अधिकारियों को भेजा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नहर का मुआयना किया तो पाया कि नहर के पानी में भारी संख्या में मरे हुए मुर्गे बहते जा रहे हैं। अधिकारियों ने अंटा हेड से गांव रामपुरा तक की बुर्जी को चेक किया तो इस बुर्जी के पास मरे हुए मुर्गे एकत्रित दिखाई दिए। नहरी विभाग के एसडीओ ध्रुव कुमार ने पुलिस से अज्ञात पोल्ट्री मालिक के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि गांव अंटा हेड से हांसी ब्रांच नहर की आरडी 82, 000 तक मरे हुए मुर्गे फैले हुए थे। जो पानी के बहाव के साथ ऊपर से बहकर जींद बाईपास पुल से रामपुरा गांव की तरफ आरडी 82000 से आरडी 88000 के बीच अधिकतर एकत्रित हो गए। नहर में पानी की सप्लाई 13 मई की रात को बंद हो गई थी। इस तरह के मरे हुए पोल्ट्री के मूर्गे अज्ञात लोगों द्वारा बार-बार डाले जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस नहर का पानी आगे पेयजल के लिए जलघर में भी सप्लाई किया जाता है। दूषित पानी पीने से लोग बीमार हो सकते हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मामले में पशुपालन विभाग के डॉ. सुशील रोहिल्ला ने बताया कि हांसी ब्रांच नहर में मरे हुए मुर्गे आने की सूचना पाकर वे मौके पर गए थे। नहर से मरे मुर्गों को निकालकर उसका सैंपल लिया गया है। सैंपल को जांच के लिए हिसार भेजा गया है। वहां से जो रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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कस्बे में शनिवार को किसी ने नहर के पानी में मरे हुए मुर्गों को बहते हुए देखा। इसके बाद उसने मामले की सूचना एसडीएम मनदीप कुमार को दी। इस पर एसडीएम मनदीप कुमार ने मौके पर नहरी विभाग व पशुपालन विभाग के अधिकारियों को भेजा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नहर का मुआयना किया तो पाया कि नहर के पानी में भारी संख्या में मरे हुए मुर्गे बहते जा रहे हैं। अधिकारियों ने अंटा हेड से गांव रामपुरा तक की बुर्जी को चेक किया तो इस बुर्जी के पास मरे हुए मुर्गे एकत्रित दिखाई दिए। नहरी विभाग के एसडीओ ध्रुव कुमार ने पुलिस से अज्ञात पोल्ट्री मालिक के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि गांव अंटा हेड से हांसी ब्रांच नहर की आरडी 82, 000 तक मरे हुए मुर्गे फैले हुए थे। जो पानी के बहाव के साथ ऊपर से बहकर जींद बाईपास पुल से रामपुरा गांव की तरफ आरडी 82000 से आरडी 88000 के बीच अधिकतर एकत्रित हो गए। नहर में पानी की सप्लाई 13 मई की रात को बंद हो गई थी। इस तरह के मरे हुए पोल्ट्री के मूर्गे अज्ञात लोगों द्वारा बार-बार डाले जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस नहर का पानी आगे पेयजल के लिए जलघर में भी सप्लाई किया जाता है। दूषित पानी पीने से लोग बीमार हो सकते हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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मामले में पशुपालन विभाग के डॉ. सुशील रोहिल्ला ने बताया कि हांसी ब्रांच नहर में मरे हुए मुर्गे आने की सूचना पाकर वे मौके पर गए थे। नहर से मरे मुर्गों को निकालकर उसका सैंपल लिया गया है। सैंपल को जांच के लिए हिसार भेजा गया है। वहां से जो रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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