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Jind News: आयुष्मान कार्ड पर इलाज बंद होने का खामियाजा भुगत रहे कार्ड धारक
Wed, 13 Aug 2025 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 13 Aug 2025 12:40 AM IST
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12जेएनडी14: बेटे की बाजू टूटने पर उपचार के लिए निजी अस्पताल के बाहर खड़ा व्यक्ति। संवाद
- फोटो : राहुल गांधी के साथ कुलदीप केडी। स्रोत : स्वयं
जींद। प्रदेश भर में आयुष्मान कार्ड पर इलाज बंद होने का खामियाजा बीपीएल कार्ड धारकों को भुगतना पड़ रहा है। इस पर सरकार भी चुप्पी साधे बैठी है। वहीं नागरिक अस्पताल में ऑप्रेशन के नाम पर मरीजों को तारीख ही दी जा रही है।
गतौली निवासी श्यामलाल ने बताया कि उसका सात वर्षीय बेटा शिवम गली में बच्चों के साथ खेल रहा था। इस दौरान गिरने से उसकी बाजू टूट गई। उसका आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। वह कार्ड पर बेटे की बाजू का इलाज करवाने के लिए शहर के निजी अस्पताल में आया था लेकिन चिकित्सकों ने इलाज नहीं किया। उन्होंने बेटे का भविष्य देखते हुए अस्पताल में कैश पर उपचार करवाने की सहमति जताई। इसके बाद अपने जानकारों से इलाज के लिए रुपयों की व्यवस्था उन्होंने की ताकि बेटे का इलाज बेहतर तरीके से करवाया जा सके।
आईएमए के जिला प्रधान डॉ. अनिल जैन ने कहा कि
सरकार, एसएचए की ओर से लंबे समय से देय भुगतान समय पर नहीं किया गया। इस कारण से सेवाएं बाधित हो रही हैं और अस्पतालों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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साथ ही अनुबंध संबंधित एवं प्रशासनिक समस्याओं के समाधान में भी गंभीर चूक की बात कही गई है। भुगतान में लगातार देरी हो रही है। पैकेज दरे वास्तविक खर्च से मेल नहीं खाती। जब तक बकाया राशि जारी नहीं की जाती। उस समय तक आयुष्मान पर उपचार बंद रहेगा।
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गतौली निवासी श्यामलाल ने बताया कि उसका सात वर्षीय बेटा शिवम गली में बच्चों के साथ खेल रहा था। इस दौरान गिरने से उसकी बाजू टूट गई। उसका आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। वह कार्ड पर बेटे की बाजू का इलाज करवाने के लिए शहर के निजी अस्पताल में आया था लेकिन चिकित्सकों ने इलाज नहीं किया। उन्होंने बेटे का भविष्य देखते हुए अस्पताल में कैश पर उपचार करवाने की सहमति जताई। इसके बाद अपने जानकारों से इलाज के लिए रुपयों की व्यवस्था उन्होंने की ताकि बेटे का इलाज बेहतर तरीके से करवाया जा सके।
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आईएमए के जिला प्रधान डॉ. अनिल जैन ने कहा कि
सरकार, एसएचए की ओर से लंबे समय से देय भुगतान समय पर नहीं किया गया। इस कारण से सेवाएं बाधित हो रही हैं और अस्पतालों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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साथ ही अनुबंध संबंधित एवं प्रशासनिक समस्याओं के समाधान में भी गंभीर चूक की बात कही गई है। भुगतान में लगातार देरी हो रही है। पैकेज दरे वास्तविक खर्च से मेल नहीं खाती। जब तक बकाया राशि जारी नहीं की जाती। उस समय तक आयुष्मान पर उपचार बंद रहेगा।