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Jind News: अधिकमास के अधिपति की पूजा से मिलेगा पुण्य, बनेंगे काम
Wed, 19 Jul 2023 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 19 Jul 2023 12:22 AM IST
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जींद। हिंदी पंचांग के अनुसार मंगलवार से अधिकमास या पुरुषोत्तम मास की शुरूआत हो गई है, जो 16 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान सभी तरह के मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। सावन के महीने में अधिकतर लोग शुभ कार्य करने का इंतजार करते हैं। इस वर्ष ऐसा नहीं हो पाएगा और शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। 16 अगस्त को अधिकमास के समापन पर ही मांगलिक कार्य शुरू होंगे। इस समय सिर्फ श्रीहरि की पूजा कर पुण्य प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही पूजा करने से बिड़े काम बनेंगे। श्रीहरि को अधिकमास का अधिपति कहा जाता है।
पुरुषोत्तम मास में विवाह नहीं करना चाहिए, मुंडन संस्कार, नए घर के निर्माण कार्य का शुरुआत, नए घर में प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, निजी उपयोग के लिए भूमि खरीदना, वाहन खरीदना, नववधू का गृह प्रवेश, नए कुआं या बोरिंग का काम करवाना आदि काम वर्जित किए गए हैं।
इस मास में अधिक पौधे लगाना, मंदिर में ध्वजा, दीपदान का विशेष महत्व होता है। अधिकमास में शादी तय कर सकते हैं और शुभ योग देख खरीदारी व नौकरी ज्वाइन कर सकते हैं। यदि अति आवश्यक हो तो श्रावण मास के जुलाई के महीने में 23, 27, 28, 30 और अगस्त 6, 8, 9, 14, 15 को शुभ कार्य कर सकते हैं।
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अधिकमास दान व पुण्य के लिए बेहद शुभ : नवीन
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि अधिकमास में शुभ कार्य करने पर रोक रहती है, लेकिन यह महीना दान-पुण्य के लिए शुभ माना जाता है। अधिकमास में विष्णु की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है। श्रीमद्भागवत कथा सुनें और सुनाएं। इस माह में दूध, दही, घी, गेहूं, चावल, केला, आम, अनार, खीरा, ककड़ी, सेंधा नमक, जीरा, चना आदि का सात्विक भोजन करें। सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर सूर्य देव को जल जरूर चढ़ाएं। दोपहर व शाम को भी सोने से बचें।
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पुरुषोत्तम मास में विवाह नहीं करना चाहिए, मुंडन संस्कार, नए घर के निर्माण कार्य का शुरुआत, नए घर में प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, निजी उपयोग के लिए भूमि खरीदना, वाहन खरीदना, नववधू का गृह प्रवेश, नए कुआं या बोरिंग का काम करवाना आदि काम वर्जित किए गए हैं।
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इस मास में अधिक पौधे लगाना, मंदिर में ध्वजा, दीपदान का विशेष महत्व होता है। अधिकमास में शादी तय कर सकते हैं और शुभ योग देख खरीदारी व नौकरी ज्वाइन कर सकते हैं। यदि अति आवश्यक हो तो श्रावण मास के जुलाई के महीने में 23, 27, 28, 30 और अगस्त 6, 8, 9, 14, 15 को शुभ कार्य कर सकते हैं।
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अधिकमास दान व पुण्य के लिए बेहद शुभ : नवीन
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि अधिकमास में शुभ कार्य करने पर रोक रहती है, लेकिन यह महीना दान-पुण्य के लिए शुभ माना जाता है। अधिकमास में विष्णु की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है। श्रीमद्भागवत कथा सुनें और सुनाएं। इस माह में दूध, दही, घी, गेहूं, चावल, केला, आम, अनार, खीरा, ककड़ी, सेंधा नमक, जीरा, चना आदि का सात्विक भोजन करें। सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर सूर्य देव को जल जरूर चढ़ाएं। दोपहर व शाम को भी सोने से बचें।