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सांड़ से टकराकर बाइक सवार की मौत, 20 दिन में जा चुकी है तीन लोगों की जान
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नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाने पहुंचे मृतक के परिजन। संवाद
- फोटो : Jind
सड़कों पर मौत बनकर घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रशासन द्वारा बनाई गई योजनाएं धरी की धरी रह गई और इनकी चपेट में आकर मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। अभी सांड़ को पकड़ते समय बाइक की चपेट में आने से एक युवक की मौत मामला निपटा भी नहीं था कि अब सांड़ से टकराकर बाइक सवार की मौत हो गई। हादसा वीरवार रात लगभग 11 बजे हुआ। मृतक अनूपगढ़ निवासी वीरेंद्र (39) है। वह भिवानी रोड स्थित बूढ़ा बाबा बस्ती में रहता था और अनूपगढ़ गांव में अपने खेत में पानी लगाकर लौट रहा था। जींद में 20 दिन में लावारिस पशुओं की वजह से यह तीसरी मौत है। इससे पहले भी कई लोगों की जा चुकी है।
मृतक के भाई नरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वीरेंद्र वीरवार रात को खेत की सिंचाई करने के लिए गया हुआ था। जब वह रात लगभग 11 बजे घर लौट रहा था तो रोहतक रोड पर नई अनाज मंडी के सामने सड़क पर अचानक से सांड़ आ गया, जिससे टकराकर वीरेंद्र सड़क पर गिर गया। सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे और वीरेंद्र को नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सदर थाना प्रभारी मनीष ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया है।
पांच दिन चलकर युवक की मौत के बाद रुका पशु पकड़ने का काम
आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने एक कंपनी को ठेका दिया हुआ है। इस कंपनी ने सात सितंबर को पशुओं को पकड़ने का काम शुरू किया था, लेकिन 12 सितंबर को पशुओं को पकड़ते समय बाइक की टक्कर लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। इसके बाद ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। नगर परिषद ने इन पशुओं को पकड़ने के लिए 486 रुपये प्रति पशु का टेंडर दिया है।
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लावारिस पशुओं ने छीनी कई जिंदगी
तीन सितंबर को कंडेला के पास बाइक सवार 24 वर्षीय राकेश की पशु से टकराने से मौत हो गई थी। इसके अलावा 20 दिन पहले अर्बन एस्टेट निवासी रिटायर्ड कर्मचारी की बाइक बेसहारा पशु से टकरा गई, जिससे उसकी मौत हो गई थी। गत माह नागरिक अस्पताल से ड्यूटी कर लौट रही महिला चिकित्सक की कार लघु सचिवालय के सामने गोवंश से टकरा गई थी। 3 अप्रैल 2019 को नरवाना रोड पर गाय सामने आने पर बाइक सवार अहिरका निवासी मनोज व राहुल की मौत हो गई थी। दर्शन नामक युवक घायल हो गया था। नवंबर 2019 में अमरहेड़ी के पास बाइक सवार के आगे गाये आने पर एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि दो घायल हो गए थे। 11 जून 2020 को लजवाना खुर्द में सांड़ ने वृद्ध व्यक्ति को घायल कर दिया था। इसमें लजवानां खुर्द गांव निवासी 56 वर्षीय बलवान की मौत हो गई थी। 13 जून 2020 को पंजाबी बाजार निवासी गौरव को सांड़ ने घायल कर दिया था, जिसकी पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। 21 जून 2020 को बाइक पर जा रहे सरनाखेड़ी निवासी मनीष को सांड़ ने सींग मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। 29 जुलाई 2021 को सफीदों के रामपुरा रोड पर पशु को बचाने के चक्कर में पेड़ से गाड़ी टकराई थी, जिसमें ढाठरथ निवासी काला सिंह की मौत हो गई थी, जबकि दो व्यक्ति घायल हो गए थे। छह वर्ष पहले जींद के पूर्व विधायक स्व. डॉ. हरिचंद मिड्ढा को सांड़ ने घायल कर दिया था।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उठा था मामला
27 अगस्त को रोड सेफ्टी को लेकर अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें शहर व ग्रामीण क्षेत्र से आवारा पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में छोड़ने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक यह मामला सिरे नहीं चढ़ पाया है और लावारिस पशु खुलेआम लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं।
शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्र से भी पशुओं को पकड़ा जाएगा। जल्द ही सड़क लावारिस पशुओं से मुक्त होगी। पिछले सप्ताह हादसा होने के कारण यह अभियान रुक गया है। इसे डीएमसी के साथ चर्चा करके दोबारा शुरू करवाया जाएगा। -प्रतीक हुड्डा, रोड सेफ्टी नोडल अधिकारी एवं डीटीओ।
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मृतक के भाई नरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वीरेंद्र वीरवार रात को खेत की सिंचाई करने के लिए गया हुआ था। जब वह रात लगभग 11 बजे घर लौट रहा था तो रोहतक रोड पर नई अनाज मंडी के सामने सड़क पर अचानक से सांड़ आ गया, जिससे टकराकर वीरेंद्र सड़क पर गिर गया। सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे और वीरेंद्र को नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सदर थाना प्रभारी मनीष ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया है।
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पांच दिन चलकर युवक की मौत के बाद रुका पशु पकड़ने का काम
आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने एक कंपनी को ठेका दिया हुआ है। इस कंपनी ने सात सितंबर को पशुओं को पकड़ने का काम शुरू किया था, लेकिन 12 सितंबर को पशुओं को पकड़ते समय बाइक की टक्कर लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। इसके बाद ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। नगर परिषद ने इन पशुओं को पकड़ने के लिए 486 रुपये प्रति पशु का टेंडर दिया है।
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लावारिस पशुओं ने छीनी कई जिंदगी
तीन सितंबर को कंडेला के पास बाइक सवार 24 वर्षीय राकेश की पशु से टकराने से मौत हो गई थी। इसके अलावा 20 दिन पहले अर्बन एस्टेट निवासी रिटायर्ड कर्मचारी की बाइक बेसहारा पशु से टकरा गई, जिससे उसकी मौत हो गई थी। गत माह नागरिक अस्पताल से ड्यूटी कर लौट रही महिला चिकित्सक की कार लघु सचिवालय के सामने गोवंश से टकरा गई थी। 3 अप्रैल 2019 को नरवाना रोड पर गाय सामने आने पर बाइक सवार अहिरका निवासी मनोज व राहुल की मौत हो गई थी। दर्शन नामक युवक घायल हो गया था। नवंबर 2019 में अमरहेड़ी के पास बाइक सवार के आगे गाये आने पर एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि दो घायल हो गए थे। 11 जून 2020 को लजवाना खुर्द में सांड़ ने वृद्ध व्यक्ति को घायल कर दिया था। इसमें लजवानां खुर्द गांव निवासी 56 वर्षीय बलवान की मौत हो गई थी। 13 जून 2020 को पंजाबी बाजार निवासी गौरव को सांड़ ने घायल कर दिया था, जिसकी पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। 21 जून 2020 को बाइक पर जा रहे सरनाखेड़ी निवासी मनीष को सांड़ ने सींग मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। 29 जुलाई 2021 को सफीदों के रामपुरा रोड पर पशु को बचाने के चक्कर में पेड़ से गाड़ी टकराई थी, जिसमें ढाठरथ निवासी काला सिंह की मौत हो गई थी, जबकि दो व्यक्ति घायल हो गए थे। छह वर्ष पहले जींद के पूर्व विधायक स्व. डॉ. हरिचंद मिड्ढा को सांड़ ने घायल कर दिया था।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उठा था मामला
27 अगस्त को रोड सेफ्टी को लेकर अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें शहर व ग्रामीण क्षेत्र से आवारा पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में छोड़ने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक यह मामला सिरे नहीं चढ़ पाया है और लावारिस पशु खुलेआम लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं।
शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्र से भी पशुओं को पकड़ा जाएगा। जल्द ही सड़क लावारिस पशुओं से मुक्त होगी। पिछले सप्ताह हादसा होने के कारण यह अभियान रुक गया है। इसे डीएमसी के साथ चर्चा करके दोबारा शुरू करवाया जाएगा। -प्रतीक हुड्डा, रोड सेफ्टी नोडल अधिकारी एवं डीटीओ।