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Jind News: मधुमक्खी पालन अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का साधन
Tue, 18 Nov 2025 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 18 Nov 2025 12:59 AM IST
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17जेएनडी20 : मधुमक्खी पालन को लेकर जानकारी देते हुए प्रशिक्षक। स्रोत केंद्र।
- फोटो : घटयात्रा में शामिल जैन समाज की महिलाएं। संवाद
नरवाना। पंजाब नेशनल बैंक कृषक प्रशिक्षण केंद्र सच्चा खेड़ा में सोमवार को पांच दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण में विभिन्न गांवों से आए 30 अनुसूचित जाति के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। हितेश कालरा ने प्रतिभागियों को बताया कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी साधन है।
इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ फसलों में परागण बेहतर होता है जिससे कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा ग्रामीण स्तर पर मधु उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय रोजगार सृजन और जैव विविधता संरक्षण को लक्ष्य बनाकर आगामी महीनों में विभिन्न गांवों में जागरूकता शिविर व प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
डॉ. दीपक ने आधुनिक तकनीकों पर आधारित मधुमक्खी पालन, छत्तों के वितरण, सरकारी योजनाओं और लाभार्थी पंजीकरण से जुड़ी जानकारी दी। इस मौके पर केंद्र निदेशक हितेश कालरा, सच्चाखेड़ा गांव के सरपंच प्रतिनिधि शिशपाल, एचडीओ नरवाना डॉ. दीपक सहित बड़ी संख्या में किसान, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य और ग्रामीण उद्यमी मौजूद रहे।
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इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ फसलों में परागण बेहतर होता है जिससे कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा ग्रामीण स्तर पर मधु उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय रोजगार सृजन और जैव विविधता संरक्षण को लक्ष्य बनाकर आगामी महीनों में विभिन्न गांवों में जागरूकता शिविर व प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
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डॉ. दीपक ने आधुनिक तकनीकों पर आधारित मधुमक्खी पालन, छत्तों के वितरण, सरकारी योजनाओं और लाभार्थी पंजीकरण से जुड़ी जानकारी दी। इस मौके पर केंद्र निदेशक हितेश कालरा, सच्चाखेड़ा गांव के सरपंच प्रतिनिधि शिशपाल, एचडीओ नरवाना डॉ. दीपक सहित बड़ी संख्या में किसान, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य और ग्रामीण उद्यमी मौजूद रहे।
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