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Jind News: लोन वसूलने पहुंचे बैंककर्मी, संगठनों ने की नारेबाजी
Tue, 16 Jan 2024 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 16 Jan 2024 12:29 AM IST
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15जेएनडी28: बैंक के बाहर लोगों को आश्वासन देते थाना प्रभारी। संवाद
जुलाना। लोन माफी की मांग को लेकर जनता सरकार मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन और किसान छात्र एकता संगठन ने यूको बैंक के बाहर नारेबाजी की। लोगों ने करसोला गांव निवासी महिला के साथ बैंक कर्मचारियों के बदसलूकी करने के आरोप लगाए। सूचना मिलने के बाद जुलाना थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पहुंचे और लोगों को समझाया। थाना प्रभारी के आश्वासन के बाद लोग मान गए। इस दौरान भीड़ के कारण सड़क पर जाम लग गया। इसके बाद पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम को खुलवाया। करसोला गांव निवासी कमल ने 2018 में यूको बैंक से 5 लाख रुपये का बिजनेस लोन लिया था। कुछ दिनों तक कमल ने बैंक का लोन भरा। 2020 में कमल बैंक से भगोड़ा हो गया। बैंक का लगभग 5 लाख 74 हजार रुपये बकाया है। बैंक के कर्मचारी कमल की जायदाद पर कब्जा करने के लिए सोमवार को गए थे। सूचना पाकर कई संगठन मौके पर पहुंचे और कब्जा नहीं करने दिया। वहीं कमल की माता सरोज ने आरोप लगाया कि बैंक के कर्मचारियों ने उसके साथ बदसलूकी की है। उसके बेटे कमल की 2020 में मौत हो गई थी और वह बैंक का लोन भरने में असमर्थ है। बैंक के कर्मचारी उसके घर आकर उसके साथ बदसलूकी करते हैं। गुस्से में कई संगठन बैंक के बाहर जमा हो गए और बैंक कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। सूचना पाकर जुलाना थाना प्रभारी समरजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नारेबाजी कर रहे लोगों को समझाया। थाना प्रभारी के आश्वासन के बाद लोग मान गए।
क्या कहते हैं बैंक के मैनेजर
बैंक कर्मचारियों पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। बैंक के कर्मचारी बात करने के लिए गए थे। कमल ने बैंक से जमीन के कागजातों पर बिजनेस लोन लिया था। कमल की ओर से अब भी 5 लाख 74 हजार रुपये बकाया हैं। बैंक ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के लिए भी मंजूरी ली थी, लेकिन किसी काम के चलते वह नहीं आ सके तो बैंक के कर्मचारी बात करने के लिए गए थे।-विवेक गुप्ता, मैनेजर, यूको बैंक जुलाना।
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क्या कहते हैं बैंक के मैनेजर
बैंक कर्मचारियों पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। बैंक के कर्मचारी बात करने के लिए गए थे। कमल ने बैंक से जमीन के कागजातों पर बिजनेस लोन लिया था। कमल की ओर से अब भी 5 लाख 74 हजार रुपये बकाया हैं। बैंक ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के लिए भी मंजूरी ली थी, लेकिन किसी काम के चलते वह नहीं आ सके तो बैंक के कर्मचारी बात करने के लिए गए थे।-विवेक गुप्ता, मैनेजर, यूको बैंक जुलाना।

15जेएनडी28: बैंक के बाहर लोगों को आश्वासन देते थाना प्रभारी। संवाद
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