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Jind News: आशा वर्कर्स ने सम्मेलन में 21 सदस्यीय कमेटी का किया गठन, नीलम बनी प्रधान
Fri, 28 Mar 2025 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:05 AM IST
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27जेएनडी19-सम्मेलन में भाग लेती आशा वर्कर्स। स्रोत यूनियन
जींद। आशा वर्कर यूनियन का पांचवां जिला सम्मेलन मजदूर भवन में हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता नीलम और मंजू छात्तर ने की। संचालन राजबाला ने किया। सम्मेलन में सर्वसम्मति से 21 सदस्यों की जिला कमेटी का चुनाव किया गया। नई जिला कमेटी का गठन भी किया गया, जिसमें नीलम को प्रधान, राजबाला को सचिव और जगवंती को कोषाध्यक्ष चुना गया।
सम्मेलन में शामिल आशा वर्करों ने अपने सामने आने वाली समस्याओं जैसे न्यूनतम वेतन, प्रोत्साहन राशि की कमी, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने की मांग को उठाया गया। सम्मेलन की शुरुआत यूनियन के ध्वजारोहण और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। यूनियन की राज्य अध्यक्ष सुरेखा ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखा कर रही है। उन्हें एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को गर्मी, सर्दी और बारिश में भी काम करना पड़ता है। फिर भी उन्हें उचित मानदेय और सुविधाएं नहीं मिलतीं। सम्मेलन में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि उनकी अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर सीटू जिला सचिव कपूर सिंह और कामरेड रमेश चंद्र भी मौजूद रहे।
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सम्मेलन में शामिल आशा वर्करों ने अपने सामने आने वाली समस्याओं जैसे न्यूनतम वेतन, प्रोत्साहन राशि की कमी, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने की मांग को उठाया गया। सम्मेलन की शुरुआत यूनियन के ध्वजारोहण और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। यूनियन की राज्य अध्यक्ष सुरेखा ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखा कर रही है। उन्हें एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को गर्मी, सर्दी और बारिश में भी काम करना पड़ता है। फिर भी उन्हें उचित मानदेय और सुविधाएं नहीं मिलतीं। सम्मेलन में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि उनकी अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर सीटू जिला सचिव कपूर सिंह और कामरेड रमेश चंद्र भी मौजूद रहे।
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