फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Asha worker upset over the arrest of union leaders and CITU leaders

Jind News: आशा वर्कर यूनियन नेताओं व सीटू नेताओं की गिरफ्तार पर बिफरी आशा वर्कर

Tue, 29 Aug 2023 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 29 Aug 2023 12:45 AM IST
विज्ञापन
Asha worker upset over the arrest of union leaders and CITU leaders
जींद। आशा वर्कर यूनियन ने सोमवार को आशा वर्कर यूनियन नेताओं, सीटू नेताओं को गिरफ्तार करने तथा घर पर नजरबंद करने के विरोध में शहर में थाली बजाकर प्रदर्शन किया। बाद में आशा वर्कर प्रदर्शन करते हुए डीसी कार्यालय पहुंची और धरना दिया। आशा वर्करों ने गिरफ्तार किए गए नेताओं की रिहाई की मांग की। आशा वर्कर यूनियन की जिला सचिव राजबाला, जिला कोषाध्यक्ष जगवंती ने कहा कि आशा वर्कर आठ अगस्त से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है। 20 दिन बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक उनकी सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों ने 28 अगस्त को विधानसभा घेराव का आह्वान किया हुआ था।
विज्ञापन

सीटू जिला प्रधान सतबीर खरल, सचिव कपूर सिंह ने कहा कि सोमवार को हर जिला की आशा वर्करों व सीटू नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया या फिर घर पर नजरबंद कर दिया गया। राजबाला ने कहा कि गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को जिलाभर की आशा वर्कर नेहरू पार्क में एकत्रित हुई और बैठक की। बाद में आशा वर्करों ने नेहरू पार्क से गांधी गली, पुरानी अनाज मंडी होते हुए एसपी कार्यालय तक थाली बजाकर प्रदर्शन कर सरकार को जगाने का प्रयास किया। नेहरू पार्क में आशा वर्करों को संबोधित करते हुए सुनीता अमरेहड़ी ने कहा कि सरकार लगातार आशा वर्करों की मांगो व समस्याओं को अनदेखा करती रही है। राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हैं विशेषकर महिलाओं व बच्चों व टीकाकरण अभियान लेकिन सरकार हठधर्मिता अपनाए है। उन्होंने कहा की साल 2022 की तरह पुलिस व प्रशासन इस मार्च को विफल करने के लिए वाहनों की बुकिंग न होने देने और नेताओं और आशाओं को राउंड अप करने की फिराक में हैं।
विज्ञापन

उन्होंने कहा लोकतंत्र में अपनी मांगों बारे आवाज उठाना सबका हक है। हमारा आंदोलन शांतिपूर्वक और अनुशासित है। आशा वर्करों को किसान सभा के राज्य उपाधयक्ष फूलसिंह श्योकंद, सीपीआईएम नेता प्रकाश चंद्र ने हड़ताल का पूर्ण रूप से समर्थन किया और कहा आशा वर्करों की हड़ताल के चलते बच्चा व छोटे बच्चों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है दूसरी तरफ बेटियों का शोषण किया जा रहा है। जिला सचिव राजबाला ने कहा कि न्यूनतम वेतन 26 हजार किया जाए। ऑनलाइन काम पर रोक लगाई जाए, पीएचसी सीएचसी एवं स्वास्थ्य केंद्र पर कुर्सी मेज फर्नीचर अलमारी रजिस्टर तथा बैठने के लिए जगह उपलब्ध करवाई जाए। कर्मचारी का दर्जा मिले, आशा वर्करों की वेतन सहित तमाम सुविधाएं बढ़ाई जाए। इस अवसर पर सुखदेई, सुमन, बबीता, मंजू, प्रमिला, नेहा रानी, महेंद्रो, पानपोरी, सरिता, कविता, सुनीता मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed