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Jind News: समाज की पहचान बदलने के बयान पर रोष, सीएम से माफी मांगने की मांग
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फोटो 06जेएनडी10-गुरु रविदास धर्मशाला में आयोजित बैठक को संबोधित करते शिशपाल चालिया। संवाद
जींद। सफीदों रोड स्थित गुरु रविदास धर्मशाला में रविवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आंबेडकर सभा और गुरु रविदास सभा के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री की ओर से एक समाज का नाम बदलकर मेघवाल रखने संबंधी दिए गए बयान पर रोष जताया। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से बयान वापस लेने और समाज की भावनाएं आहत करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता डॉ. बीआर अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान राजेश पहलवान ने की। हरियाणा रविदासिया समाज महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष शिशपाल चालिया ने कहा कि चमार समाज की पहचान केवल एक नाम नहीं है बल्कि यह सदियों के संघर्ष, श्रम, त्याग और सामाजिक चेतना से बनी है। इसे किसी सरकार या राजनीतिक सत्ता की इच्छा से बदला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान उसके इतिहास और पूर्वजों के संघर्ष से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने सामाजिक भेदभाव और जातिगत ऊंच-नीच के खिलाफ आवाज उठाकर समानता और भाईचारे का संदेश दिया। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से सभी समुदायों की भावनाओं और इतिहास के सम्मान की अपेक्षा की जाती है। समाज की सहमति के बिना उसकी पहचान को लेकर कोई टिप्पणी या निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि सरकार को पहचान बदलने के बजाय गुरु रविदास की समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने पर काम करना चाहिए। साथ ही गुरु रविदास और डॉ. बीआर अंबेडकर के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है।
बैठक में बलवान दहिया, सुशील महिपाल, अधिवक्ता सुनील राज बामनिया, राजकुमार मुवाल, कश्मीरी लाल, रामभगत चहल, उमेद सिंह, जोधा राम, जोगिंदर चौहान, हांसी से वजीर सिंह मुवाल, रामसिंह गौतम, रामफल, कमलेश बिशन, गीता नरवाल और सुमन मुंडारा मौजूद रही।
राज्य स्तर पर मनाएंगे 650वीं जयंती
बैठक में गुरु रविदास की 650वीं जयंती राज्य स्तर पर भव्य तरीके से मनाने का निर्णय लिया गया। आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। आयोजन स्थल आगामी बैठकों में विचार-विमर्श के बाद तय किया जाएगा। बैठक में विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता डॉ. बीआर अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान राजेश पहलवान ने की। हरियाणा रविदासिया समाज महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष शिशपाल चालिया ने कहा कि चमार समाज की पहचान केवल एक नाम नहीं है बल्कि यह सदियों के संघर्ष, श्रम, त्याग और सामाजिक चेतना से बनी है। इसे किसी सरकार या राजनीतिक सत्ता की इच्छा से बदला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान उसके इतिहास और पूर्वजों के संघर्ष से जुड़ी है।
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उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने सामाजिक भेदभाव और जातिगत ऊंच-नीच के खिलाफ आवाज उठाकर समानता और भाईचारे का संदेश दिया। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से सभी समुदायों की भावनाओं और इतिहास के सम्मान की अपेक्षा की जाती है। समाज की सहमति के बिना उसकी पहचान को लेकर कोई टिप्पणी या निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि सरकार को पहचान बदलने के बजाय गुरु रविदास की समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने पर काम करना चाहिए। साथ ही गुरु रविदास और डॉ. बीआर अंबेडकर के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है।
बैठक में बलवान दहिया, सुशील महिपाल, अधिवक्ता सुनील राज बामनिया, राजकुमार मुवाल, कश्मीरी लाल, रामभगत चहल, उमेद सिंह, जोधा राम, जोगिंदर चौहान, हांसी से वजीर सिंह मुवाल, रामसिंह गौतम, रामफल, कमलेश बिशन, गीता नरवाल और सुमन मुंडारा मौजूद रही।
राज्य स्तर पर मनाएंगे 650वीं जयंती
बैठक में गुरु रविदास की 650वीं जयंती राज्य स्तर पर भव्य तरीके से मनाने का निर्णय लिया गया। आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। आयोजन स्थल आगामी बैठकों में विचार-विमर्श के बाद तय किया जाएगा। बैठक में विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।