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Jind News: सीआरएसयू में हुई शैक्षणिक ऑडिट, पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धतियों का किया मूल्यांकन
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27जेएनडी15-सीआरएसयू में हुई शैक्षणिक ऑडिट में पहुंचे प्रो. उमेद सिंह और प्रो. राजबीर। स्रोत विव
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग में शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को शैक्षणिक ऑडिट हुई। इसमें चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय से प्रो. उमेद सिंह और आरकेएसडी कॉलेज कैथल से प्रो. राजबीर पराशर शामिल हुए।
इस दौरान दोनों विशेषज्ञों ने विभाग के पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियों, मूल्यांकन प्रणाली, शोध कार्यों, अकादमिक उपलब्धियों एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का गहन एवं सूक्ष्म निरीक्षण किया।
ऑडिट के दौरान बाह्य विशेषज्ञों ने अंग्रेजी विभाग की शिक्षण प्रक्रिया, पाठ्यक्रम संरचना, शोध गतिविधियों, शैक्षणिक उपलब्धियों, विभागीय कार्यप्रणाली, भविष्य की योजनाओं तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं का गहन निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया।
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विशेषज्ञों ने विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना करते हुए गुणवत्ता में निरंतर सुधार हेतु उपयोगी सुझाव भी प्रदान किए। अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील फोगाट ने कहा कि अकादमिक ऑडिट से विभाग को अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का आत्म मूल्यांकन करने का अवसर मिलता है, जिससे गुणवत्ता-आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सकता है।
इंचार्ज डॉ. ममता ढांडा ने बताया कि बाह्य विशेषज्ञों के सुझाव विभाग के भविष्य की शैक्षणिक योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ऑडिट से विभाग को अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने, शिक्षण गुणवत्ता में सुधार करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक मानकों के अनुरूप कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त होगा। अंत में विभाग की ओर से बाह्य विशेषज्ञों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
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इस दौरान दोनों विशेषज्ञों ने विभाग के पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियों, मूल्यांकन प्रणाली, शोध कार्यों, अकादमिक उपलब्धियों एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का गहन एवं सूक्ष्म निरीक्षण किया।
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ऑडिट के दौरान बाह्य विशेषज्ञों ने अंग्रेजी विभाग की शिक्षण प्रक्रिया, पाठ्यक्रम संरचना, शोध गतिविधियों, शैक्षणिक उपलब्धियों, विभागीय कार्यप्रणाली, भविष्य की योजनाओं तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं का गहन निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया।
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विशेषज्ञों ने विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना करते हुए गुणवत्ता में निरंतर सुधार हेतु उपयोगी सुझाव भी प्रदान किए। अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील फोगाट ने कहा कि अकादमिक ऑडिट से विभाग को अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का आत्म मूल्यांकन करने का अवसर मिलता है, जिससे गुणवत्ता-आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सकता है।
इंचार्ज डॉ. ममता ढांडा ने बताया कि बाह्य विशेषज्ञों के सुझाव विभाग के भविष्य की शैक्षणिक योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ऑडिट से विभाग को अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने, शिक्षण गुणवत्ता में सुधार करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक मानकों के अनुरूप कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त होगा। अंत में विभाग की ओर से बाह्य विशेषज्ञों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।