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Jind News: अमित स्वामी ने उठाई बावल में डोमेस्टिक एयरपोर्ट स्थापित करने की मांग
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अमित स्वामी
बावल। चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष अमित स्वामी ने एक बार फिर बावल में डोमेस्टिक एयरपोर्ट स्थापित करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस संबंध में नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि रीजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत बावल क्षेत्र में एयरपोर्ट का निर्माण कराया जाए।
अमित स्वामी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि बावल दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा, भिवाड़ी, रेवाड़ी, शाहजहांपुर, नीमराणा और घिलोठ जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के मध्य में स्थित है।
यहां अनेक राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय औद्योगिक कंपनियों की इकाइयां हैं जिनमें हजारों कर्मचारी कार्य करते हैं। ऐसे में बावल में हवाई अड्डे की स्थापना से न केवल उद्योगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नया आयाम मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा पहले राजस्थान के कोटकासिम क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों और तकनीकी सीमाओं के कारण वहां यह परियोजना संभव नहीं हो पाई। ऐसे में बावल इस दृष्टि से एक उपयुक्त और व्यवहारिक विकल्प है।
दिल्ली से मात्र 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह क्षेत्र औद्योगिक कॉरिडोर के बीचोंबीच होने के कारण घरेलू उड़ानों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
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अमित स्वामी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि बावल दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा, भिवाड़ी, रेवाड़ी, शाहजहांपुर, नीमराणा और घिलोठ जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के मध्य में स्थित है।
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यहां अनेक राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय औद्योगिक कंपनियों की इकाइयां हैं जिनमें हजारों कर्मचारी कार्य करते हैं। ऐसे में बावल में हवाई अड्डे की स्थापना से न केवल उद्योगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नया आयाम मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा पहले राजस्थान के कोटकासिम क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों और तकनीकी सीमाओं के कारण वहां यह परियोजना संभव नहीं हो पाई। ऐसे में बावल इस दृष्टि से एक उपयुक्त और व्यवहारिक विकल्प है।
दिल्ली से मात्र 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह क्षेत्र औद्योगिक कॉरिडोर के बीचोंबीच होने के कारण घरेलू उड़ानों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।