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Jind News: मिलीभगत से जनस्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप
Thu, 22 Feb 2024 10:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 22 Feb 2024 10:47 PM IST
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22जेएनडी32: मामले को लेकर रोष जताते हुए जन स्वास्थ्य विभाग की यूनियन के पदाधिकारी। संवाद
अलेवा। जन स्वास्थ्य विभाग जींद में ठेके पर लगे कर्मियों के ईपीएफ में सब डिविजन क्लर्क व ठेकेदार पर यूनियन शिष्टमंडल ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मामले की विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है।
यूनियन के प्रधान अनुज व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग में ठेके पर लगे विनोद नामक कर्मचारी को पिछले पांच वर्ष से वेतन के नाम पर प्रति माह 8529 रुपये मिल रहे थे, लेकिन पिछले तीन माह से सब डिविजन क्लर्क ने ठेकेदार से मिलकर 4630 रुपये खाते में डाले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूनियन के पदाधिकारियों ने विभाग के जेई व इंजीनियर से जानकारी ली तो बताया कि उक्त कर्मचारी के खाते में शुरू से ही पूरे रुपये डाले जा रहे हैं। इसके बाद यूनियन ने ठेकेदार व क्लर्क से जानकारी ली तो दोनों एक दूसरे को आरोपी बता रहे हैं। कर्मचारी के ईपीएफ के काटे गए रुपये भी ठेकेदार ने खाते में नहीं जमा करवाए हैं।
मामले की कराई जाए जांच
अनुज ने बताया कि सब डिविजन क्लर्क व ठेकेदार की मिलीभगत कर ठेके पर लगे कर्मियों के ईपीएफ के रुपये में काफी घालमेल किया गया है, इसलिए विभाग के उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा जांच कराने की मांग की है।
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गलती से हुआ ऐसा : सुरेंद्र
जन स्वास्थ्य विभाग के सब डिविजन क्लर्क सुरेंद्र ने बताया कि गलती से ऐसा हुआ है। केवल तीन माह में ऐसा हुआ है। इसके लिए संबंधित एजेंसी को कर्मचारी के खाते में एक या दो दिन तक रुपये डालने के लिए कहा गया है।
सभी आरोप बेबुनियाद
ठेकेदार कप्तान ने बताया कि यूनियन के क्लर्क के साथ मिलीभगत कर भ्रष्टाचार के लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कर्मचारी के नाम से 4630 रुपये मिलने के साथ ही खाते में डाल दिए गए हैं। घालमेल किसने किया इस बारे में जानकारी नहीं है।
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यूनियन के प्रधान अनुज व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग में ठेके पर लगे विनोद नामक कर्मचारी को पिछले पांच वर्ष से वेतन के नाम पर प्रति माह 8529 रुपये मिल रहे थे, लेकिन पिछले तीन माह से सब डिविजन क्लर्क ने ठेकेदार से मिलकर 4630 रुपये खाते में डाले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूनियन के पदाधिकारियों ने विभाग के जेई व इंजीनियर से जानकारी ली तो बताया कि उक्त कर्मचारी के खाते में शुरू से ही पूरे रुपये डाले जा रहे हैं। इसके बाद यूनियन ने ठेकेदार व क्लर्क से जानकारी ली तो दोनों एक दूसरे को आरोपी बता रहे हैं। कर्मचारी के ईपीएफ के काटे गए रुपये भी ठेकेदार ने खाते में नहीं जमा करवाए हैं।
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मामले की कराई जाए जांच
अनुज ने बताया कि सब डिविजन क्लर्क व ठेकेदार की मिलीभगत कर ठेके पर लगे कर्मियों के ईपीएफ के रुपये में काफी घालमेल किया गया है, इसलिए विभाग के उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा जांच कराने की मांग की है।
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गलती से हुआ ऐसा : सुरेंद्र
जन स्वास्थ्य विभाग के सब डिविजन क्लर्क सुरेंद्र ने बताया कि गलती से ऐसा हुआ है। केवल तीन माह में ऐसा हुआ है। इसके लिए संबंधित एजेंसी को कर्मचारी के खाते में एक या दो दिन तक रुपये डालने के लिए कहा गया है।
सभी आरोप बेबुनियाद
ठेकेदार कप्तान ने बताया कि यूनियन के क्लर्क के साथ मिलीभगत कर भ्रष्टाचार के लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कर्मचारी के नाम से 4630 रुपये मिलने के साथ ही खाते में डाल दिए गए हैं। घालमेल किसने किया इस बारे में जानकारी नहीं है।

22जेएनडी32: मामले को लेकर रोष जताते हुए जन स्वास्थ्य विभाग की यूनियन के पदाधिकारी। संवाद