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Jind News: एआईयूटीयूसी ने मनाया साम्राज्यवाद विरोधी दिवस
Tue, 24 Mar 2026 03:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 24 Mar 2026 03:42 AM IST
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- एक अप्रैल को काला दिवस मनाने का किया ऐलान
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। यूनियन कार्यालय में एआईयूटीयूसी के कार्यकर्ताओं ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के 95वें शहादत दिवस को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सदस्य ईश्वर सिंह दहिया ने की और संचालन जिला प्रधान सुधीर करसिंधु ने किया।
सुधीर करसिंधु ने ईरान पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए शांतिप्रिय जनता से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शहीदों का शोषणमुक्त समाज बनाने का सपना आज भी अधूरा है। आजादी के 78 साल बाद भी जनता महंगाई, बेरोजगारी और भुखमरी झेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिकता और क्षेत्रवाद का जहर घोल रही है।
सुधीर ने कहा कि एक अप्रैल से लागू होने जा रहे चार लेबर कोड मजदूर विरोधी हैं। इसके विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियन के आह्वान पर एक अप्रैल को देशभर में काला दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर केवल सिंह, धर्मबीर भनवाला, कृष्ण, वेदप्रकाश, कश्मीर और मूर्ति सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। यूनियन कार्यालय में एआईयूटीयूसी के कार्यकर्ताओं ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के 95वें शहादत दिवस को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सदस्य ईश्वर सिंह दहिया ने की और संचालन जिला प्रधान सुधीर करसिंधु ने किया।
सुधीर करसिंधु ने ईरान पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए शांतिप्रिय जनता से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शहीदों का शोषणमुक्त समाज बनाने का सपना आज भी अधूरा है। आजादी के 78 साल बाद भी जनता महंगाई, बेरोजगारी और भुखमरी झेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिकता और क्षेत्रवाद का जहर घोल रही है।
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सुधीर ने कहा कि एक अप्रैल से लागू होने जा रहे चार लेबर कोड मजदूर विरोधी हैं। इसके विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियन के आह्वान पर एक अप्रैल को देशभर में काला दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर केवल सिंह, धर्मबीर भनवाला, कृष्ण, वेदप्रकाश, कश्मीर और मूर्ति सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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