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Jind News: फीस कम नहीं करने पर वीसी का पुतला फूंकेगी एबीवीपी
Wed, 19 Jun 2024 01:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 19 Jun 2024 01:29 AM IST
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जींद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सीआरएसयू प्रशासन की ओर से बीए, एलएलबी और बीटेक की फीस में तीन गुना वृद्धि करने की निंदा की है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि फीस कम नहीं की गई तो वीसी का पुतला दहन किया जाएगा।
एबीवीपी सचिन चांदपुर ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन गुना फीस बढ़ा दी है, जो कि कॉलेज से भी ज्यादा है। फीस कम करने के लिए कई बार वीसी को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन उनके कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही फीस घटाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया तो एबीवीपी कार्यकर्ता वीसी का पुतला दहन कर उनके कार्यालय का घेराव करने के अलावा धरना देंगे। रोहन सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कोर्स सेल्फ फाइनेंस है। उनके पास इन्हें चलाने के लिए पैसे नहीं है, इसलिए उनकी फीस इतनी अधिक है, लेकिन उनके पास एसी लगवाने के लिए एक करोड़ रुपये आ जाते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य छात्रों को सस्ती शिक्षा मुहैया करवाना होता है न कि सरकार के दिए गए फंड का प्रयोग अपनी वीआईपी सुविधा के लिए करना होता है। विश्वविद्यालय में एसी लगवाना ज्यादा जरूरी है या छात्रों को सस्ती शिक्षा देना। परमिंद्र सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू ने तो कभी छात्रों के इंश्योरेंस करता है, जबकि वह उनसे इसके लिए पैसे भी लेता है। आज तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने अर्न विद लर्न को लागू नहीं किया, जिससे की छात्रों को आर्थिक लाभ हो।
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एबीवीपी सचिन चांदपुर ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन गुना फीस बढ़ा दी है, जो कि कॉलेज से भी ज्यादा है। फीस कम करने के लिए कई बार वीसी को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन उनके कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही फीस घटाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया तो एबीवीपी कार्यकर्ता वीसी का पुतला दहन कर उनके कार्यालय का घेराव करने के अलावा धरना देंगे। रोहन सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कोर्स सेल्फ फाइनेंस है। उनके पास इन्हें चलाने के लिए पैसे नहीं है, इसलिए उनकी फीस इतनी अधिक है, लेकिन उनके पास एसी लगवाने के लिए एक करोड़ रुपये आ जाते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य छात्रों को सस्ती शिक्षा मुहैया करवाना होता है न कि सरकार के दिए गए फंड का प्रयोग अपनी वीआईपी सुविधा के लिए करना होता है। विश्वविद्यालय में एसी लगवाना ज्यादा जरूरी है या छात्रों को सस्ती शिक्षा देना। परमिंद्र सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू ने तो कभी छात्रों के इंश्योरेंस करता है, जबकि वह उनसे इसके लिए पैसे भी लेता है। आज तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने अर्न विद लर्न को लागू नहीं किया, जिससे की छात्रों को आर्थिक लाभ हो।
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