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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
jind
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:59 PM IST
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भौंगरा आंगनबाड़ी सेंटर में रिकॉर्ड की जांच करते एडीसी आमना तस्नीम व कार्यक्रम अधिकारी राजवती दांगी।
- फोटो : bureau
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उचाना के भौंगरा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में अनियमितता पाए जाने पर एडीसी आमना तस्नीम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रानी की सेवाएं समाप्त करते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं। वहीं उचाना की सीडीपीओ सुमित्रा लाठर और सुपरवाइजर संतरो को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। आंगबाड़ी केंद्र में बच्चों को घटिया स्तर का खाना परोसा जा रहा था।
सीआईडी इंस्पेक्टर विनोद शर्मा ने गुप्त सूचना के आधार पर जिला प्रशासन को आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को परोसी जा रही खाद्य सामग्री के बारे में जानकारी दी थी। इस पर संज्ञान लेते हुए एडीसी ने आंगनबाड़ी केंद्र से गेहूं के सैंपल लेकर सेंटर के स्टोर रूम को सील करवा दिया। सैंपल का निरीक्षण करने पर सामने आया कि गेहूं में जगह-जगह फंगस या फफूंद लगी थी। गेहूं के दाने आपस में चिपके हुए थे। बच्चों को घटिया स्तर का राशन परोसने व अनियमितता पाए जाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ अनियमितता बरतने पर आईपीसी की धारा 269 के तहत कार्रवाई करने, ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने, धारा 133 के तहत जनता में बच्चों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने, अस्वच्छ भोजन परोसने पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं को लेकर लागू की जाने वाली धाराओं के तहत केस दर्ज करवाने के लिए कहा गया है।
बड़े स्तर पर बरती गई अनियमितता
एडीसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी को साथ लेकर इस आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। स्टोर में रखी गेहूं की टंकी में फफूंद लगी हुई थी। गौरतलब है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 3.5 क्विंटल नया गेहूं दिया गया था, जिसे कार्यकर्ता द्वारा प्रयोग नहीं किया जा रहा था। आंगनबाड़ी केंद्र में रखा गेहूं का एक बैग जमीन पर पड़ा था। चीनी में झींगुर थे। पंजीरी का कट्टा बिना किसी प्लेटफार्म के जमीन पर रखा मिला। जहां बच्चे बैठे थे, वहां साफ - सफाई नहीं थी। बच्चों के लिए 30 किलो का पंजीरी बैग दो केंद्रों के लिए भेजा गया था, जिसके हिसाब से 15 किलो पंजीरी दूसरे केंद्र में भेजी जानी थी, जो नहीं भेजी गई। स्टॉक रजिस्टर में इंट्री सही तरीके से नहीं पाई गई। स्टॉक रजिस्टर में स्टॉक का इंद्राज नहीं था। साथ ही हर दिन का इस्तेमाल किए जा रहे राशन का कोई उल्लेख नहीं था। इस निरीक्षण के दौरान गांव के सरपंच और सुपरवाइजर भी उपस्थित रही। गेहूं खराब होने की सूरत में उसे जमीन में दबा दिया गया।
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सीडीपीओ व सुपरवाइजर की लापरवाही भी आई सामने
महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी द्वारा इस केंद्र का बार-बार दौरा दिखाया गया, लेकिन कार्यक्रम अधिकारी ने यहां केंद्र की खामियों को कभी उजागर नहीं किया और ना ही कोई कार्रवाई अमल में लाई। सुपरवाइजर संतरो द्वारा भी इस केंद्र को व्यवस्थित तरीके से चलाने बारे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मार्ग दर्शन नहीं किया गया। सीडीपीओ सुमित्रा लाठर और सुपरवाइजर संतरो की लापरवाही भी सामने आई है।
- आमना तस्नीम, एडीसी
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सीआईडी इंस्पेक्टर विनोद शर्मा ने गुप्त सूचना के आधार पर जिला प्रशासन को आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को परोसी जा रही खाद्य सामग्री के बारे में जानकारी दी थी। इस पर संज्ञान लेते हुए एडीसी ने आंगनबाड़ी केंद्र से गेहूं के सैंपल लेकर सेंटर के स्टोर रूम को सील करवा दिया। सैंपल का निरीक्षण करने पर सामने आया कि गेहूं में जगह-जगह फंगस या फफूंद लगी थी। गेहूं के दाने आपस में चिपके हुए थे। बच्चों को घटिया स्तर का राशन परोसने व अनियमितता पाए जाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ अनियमितता बरतने पर आईपीसी की धारा 269 के तहत कार्रवाई करने, ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने, धारा 133 के तहत जनता में बच्चों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने, अस्वच्छ भोजन परोसने पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं को लेकर लागू की जाने वाली धाराओं के तहत केस दर्ज करवाने के लिए कहा गया है।
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बड़े स्तर पर बरती गई अनियमितता
एडीसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी को साथ लेकर इस आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। स्टोर में रखी गेहूं की टंकी में फफूंद लगी हुई थी। गौरतलब है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 3.5 क्विंटल नया गेहूं दिया गया था, जिसे कार्यकर्ता द्वारा प्रयोग नहीं किया जा रहा था। आंगनबाड़ी केंद्र में रखा गेहूं का एक बैग जमीन पर पड़ा था। चीनी में झींगुर थे। पंजीरी का कट्टा बिना किसी प्लेटफार्म के जमीन पर रखा मिला। जहां बच्चे बैठे थे, वहां साफ - सफाई नहीं थी। बच्चों के लिए 30 किलो का पंजीरी बैग दो केंद्रों के लिए भेजा गया था, जिसके हिसाब से 15 किलो पंजीरी दूसरे केंद्र में भेजी जानी थी, जो नहीं भेजी गई। स्टॉक रजिस्टर में इंट्री सही तरीके से नहीं पाई गई। स्टॉक रजिस्टर में स्टॉक का इंद्राज नहीं था। साथ ही हर दिन का इस्तेमाल किए जा रहे राशन का कोई उल्लेख नहीं था। इस निरीक्षण के दौरान गांव के सरपंच और सुपरवाइजर भी उपस्थित रही। गेहूं खराब होने की सूरत में उसे जमीन में दबा दिया गया।
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सीडीपीओ व सुपरवाइजर की लापरवाही भी आई सामने
महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी द्वारा इस केंद्र का बार-बार दौरा दिखाया गया, लेकिन कार्यक्रम अधिकारी ने यहां केंद्र की खामियों को कभी उजागर नहीं किया और ना ही कोई कार्रवाई अमल में लाई। सुपरवाइजर संतरो द्वारा भी इस केंद्र को व्यवस्थित तरीके से चलाने बारे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मार्ग दर्शन नहीं किया गया। सीडीपीओ सुमित्रा लाठर और सुपरवाइजर संतरो की लापरवाही भी सामने आई है।
- आमना तस्नीम, एडीसी