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Jind News: खेल मंत्री से सवाल, एफआईआर दर्ज होने से क्या होता है? राजस्व अधिकारियों को सस्पेंड करो

Sat, 31 Oct 2026 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:39 AM IST
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A question for the Sports Minister: what is the point of merely filing an FIR? Suspend the revenue officials.
30जेएनडी23: खेल मंत्री गौरव गौतम जिला परिवेदना समिति की बैठक में सुनवाई करते हुए। संवाद
जींद। डीआरडीए हॉल में शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। इस दौरान इंतकाल में गड़बड़ी के आरोपी राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे गांव रजाना निवासी लाभ सिंह ने खेल मंत्री गौरव गौतम के सामने पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह का उदाहरण दे दिया।
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शिकायतकर्ता ने मंत्री से दो टूक कहा, एफआईआर दर्ज होने से क्या होता है? एफआईआर तो पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह पर भी हुई थी, उन्होंने कौन सा इस्तीफा दे दिया था। राजस्व अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए। शिकायतकर्ता की इस टिप्पणी पर बैठक में मौजूद लोग हंसने लगे। यह सुनकर बैठक में मौजूद लोग हंसने लगे। मंत्री ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा देते हुए शिकायतकर्ता को डीसी से मिलने को कहा।
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लाभ सिंह ने नायब तहसीलदार रणबीर सिंह, कानूनगो सुरेश और पटवारी रविदत्त पर गलत तरीके से इंतकाल करने के आरोप लगाए थे। जांच में भी शिकायत सही पाई गई थी। पिछली बैठक में मंत्री ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद करीब एक सप्ताह पहले पिल्लूखेड़ा थाने में तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
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शुक्रवार को दोबारा सुनवाई के दौरान लाभ सिंह ने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। तीनों अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी रविदत्त पहले आठ बार निलंबित हो चुका है, जबकि कानूनगो सुरेश को रिश्वत के मामले में पकड़ा गया था। नायब तहसीलदार रणबीर सिंह के खिलाफ भी जांच चल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार का नरवाना तबादला होने के बाद भी विवादित जमीन का इंतकाल कर दिया गया, जबकि इसकी शिकायत डीसी और एसडीएम को दी जा चुकी थी। मंत्री ने नियमानुसार कार्रवाई की बात कही।

जमीन विवाद पर मंत्री बोले-गोली चली तो जमीन यहीं रह जाएगी
दुड़ाना गांव की जसविंद्र कौर की शिकायत पर सुनवाई के दौरान मंत्री ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया। उन्होंने कहा कि जमीन के विवाद में अगर किसी की गोली लगने से मौत हो गई तो जमीन यहीं रह जाएगी, इसलिए आपसी समझौते से विवाद सुलझाएं। उन्होंने कहा कि विवाद में पहले भी गोलियां चल चुकी हैं। इस पर दूसरे पक्ष की युवती ने कहा कि उसने अपने पिता को खुद अंदर से बंदूक लाकर दी थी ताकि वह आत्मरक्षा में गोली चला सकें। कहा कि यदि कानूनी कार्रवाई करनी है तो उनके खिलाफ भी की जाए। इसके बाद मंत्री ने समिति के दो सदस्यों को मौके पर भेजकर पंचायत के जरिए विवाद सुलझाने के निर्देश दिए।
घटिया निर्माण सामग्री की शिकायत पर सरपंच को नोटिस
दरियावाला गांव में जिम हॉल के निर्माण में घटिया सामग्री लगाने और सड़े हुए पानी से सीमेंट का मसाला तैयार करने की शिकायत पर भी सुनवाई हुई। मंत्री के निर्देश पर पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने जांच की थी। विभाग के एक्सईएन पोषण कन्यान ने भी गड़बड़ियों की पुष्टि की। इसके बाद विभाग की ओर से सरपंच बलजीत सिंह को नोटिस जारी किया गया। शुक्रवार को मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ट्रांसफार्मर की अर्थिंग से भैंस की मौत, ढाई लाख रुपये मुआवजे की मांग
नरवाना के बीरबल नगर निवासी अमित ने बिजली निगम के जेई अशोक कुमार के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को खेत में पशुओं को ले जाते समय ट्रांसफार्मर की अर्थिंग से जमीन में करंट फैल गया। इसकी चपेट में आने से उनकी मुर्राह नस्ल की भैंस की मौत हो गई। इससे उन्हें करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ। मंत्री ने बिजली निगम के एक्सईएन को निर्देश दिए कि अगली बैठक से पहले शिकायतकर्ता के सभी दस्तावेज पूरे करवाकर नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।


भतीजे की मौत के मामले में डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप
बनियाखेड़ा निवासी अजय ने नागरिक अस्पताल की सीएमओ डॉ. सुमन कोहली के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को वह अपने 10 वर्षीय भतीजे दीपांशु को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। तबीयत बिगड़ने पर वह पांच बार इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक के पास गए लेकिन तीन घंटे तक डॉक्टर ने बच्चे को नहीं देखा। बाद में बच्चे की मौत हो गई। सीएमओ ने बताया कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मंत्री ने कहा कि यदि चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने पुलिस पर भी कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया। मंत्री ने मामले को लंबित रखते हुए अगली बैठक में सुनवाई करने के निर्देश दिए।
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