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Jind News: एचपीवी वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग चलाएगा विशेष अभियान

Sat, 31 Oct 2026 01:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:08 AM IST
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The Health Department will launch a special drive to meet the CPV vaccination target.
30 जेएनडी32: किशोरी को एचपीवी वैक्सीन लगवाते जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जेके मान। स्रोत: कर्मच - फोटो : Archive
जींद। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए शुरू किए गए एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई रणनीति तैयार की है। निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले में मेगा वैक्सीनेशन कैंप लगाए जाएंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में फैली भ्रांतियों को दूर करने और अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जाएगा।
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जिले में 28 फरवरी से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 1553 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। हालांकि कुछ ग्राम पंचायतों के विरोध और अभिभावकों की हिचकिचाहट के कारण अभियान को अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल पाई है।
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स्वास्थ्य विभाग के सामने अब चुनौती अधिक से अधिक पात्र किशोरियों तक पहुंचने की है। इसी उद्देश्य से टीकाकरण सत्रों की संख्या बढ़ाने और विशेष कैंप आयोजित करने की योजना बनाई गई है। शुक्रवार को जिले में 32 टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 63 किशोरियों को वैक्सीन लगाई गई। विभाग का प्रयास है कि जागरूकता और टीकाकरण की उपलब्धता के माध्यम से अभियान को गति दी जाए।
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14 से 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को लगाई जा रही वैक्सीन
केंद्र सरकार की ओर से 14 वर्षीय किशोरियों के लिए निशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं करने वाली किशोरियां वैक्सीन लगवाने की पात्र हैं। एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। यह कैंसर महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह को प्रभावित करता है। किशोरावस्था में वैक्सीनेशन से भविष्य में इस संक्रमण और इससे होने वाले कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

पंचायतों के विरोध से अभियान की रफ्तार हुई धीमी
जिले के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर विरोध भी सामने आया है। कुछ ग्राम पंचायतों ने किशोरियों को टीका लगाने से पहले स्वास्थ्य विभाग से लिखित जिम्मेदारी देने की मांग उठाई थी। इसके चलते कई स्थानों पर टीकाकरण प्रभावित हुआ। वहीं, कुछ अभिभावक भी वैक्सीन को लेकर जानकारी के अभाव में अपनी बेटियों का टीकाकरण करवाने से बच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग अब गांवों में जागरूकता गतिविधियां बढ़ाकर इन आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करेगा।


वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद मिली है मंजूरी, केवल एक डोज लगेगी
एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। भारत सरकार ने वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद इसे मंजूरी दी है। अभियान के तहत पात्र किशोरियों को इसकी केवल एक डोज लगाई जाएगी। प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी चिकित्सकीय देखरेख में टीकाकरण करेंगे। निजी अस्पतालों में यह वैक्सीन काफी महंगी है, जबकि सरकारी अभियान में पात्र किशोरियों को यह निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। -डॉ. जेके मान, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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