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Jind News: पराली जलाने से पर्यावरण को नुकसान नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
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जींद। पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ मिट्टी की उर्वरक क्षमता प्रभावित होती है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसी को देखते हुए पुलिस ने पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी बढ़ा दी है।
एसपी उपासना ने किसानों को पराली नहीं जलाने की अपील करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। एसपी ने कहा कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित करता है। इससे सांस संबंधी बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
एसपी ने किसानों को पराली जलाने के बजाय आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का सुझाव दिया। इसके लिए हैप्पी सीडर और अन्य कृषि उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है। किसान कृषि विभाग से संपर्क कर पराली प्रबंधन के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं। संवाद
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एसपी उपासना ने किसानों को पराली नहीं जलाने की अपील करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। एसपी ने कहा कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित करता है। इससे सांस संबंधी बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
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एसपी ने किसानों को पराली जलाने के बजाय आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का सुझाव दिया। इसके लिए हैप्पी सीडर और अन्य कृषि उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है। किसान कृषि विभाग से संपर्क कर पराली प्रबंधन के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं। संवाद
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