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एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:00 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग ने 87 एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को किया बर्खास्त
स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी सरकार की कार्रवाई के विरोध में चलाएगी आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मांगों को लेकर 27 अगस्त से चल रही एमपीएचडब्ल्यू की हड़ताल पर स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जिलेभर की एनआरएचएम के तहत कार्यरत 87 महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इसके विरोध में अब स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी प्रदेश भर में आंदोलन चलाएगी। इसके लिए तालमेल कमेटी की प्रदेश स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी कर्मचारियों के आंदोलन के बीच शनिवार को जींद में प्रदेश स्तरीय बैठक की। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार द्वारा एस्मा लगा कर कर्मचारियों के आंदोलन को तोड़ने के आरोप लगाए हुए रोष जताया। राज्य संयोजक विक्रम सिंह ने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से मांगो का समाधान करे, नहीं तो स्वास्थ्य विभाग के तमाम कर्मचारी 11 सितंबर से आंदोलन शुरू कर देंगे। बैठक में राजबीर बेरवाल, बलबीर श्योराण, पृथ्वी सिंह, सुनीता कालीरमन, ताराचंद, शारदा रानी, सुनीता दुहन, ओमपाल ढांडा, सतीश देशवाल, रमेश गिल व बीरमति मौजूद रहे।
यूं चलेगा प्रदेश भर में आंदोलन
11 सितंबर को काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रकट किया जाएगा। 12 -13 सितंबर को दोपहर 1.30 से 2.00 बजे हरियाणा के सभी नागरिक अस्पतालों और सीएचसी पर गेट मीटिंग करेंगे। 14-15 सितंबर को दोपहर एक से दो बजे तक कार्य का बहिष्कार करके विरोध प्रदर्शन करेंगे। विक्रम सिंह ने कहा कि इसके बावजूद सरकार का दमन जारी रहा तो 16 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी की बैठक करके कड़े आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
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धरने पर पहुंचे सुरेंद्र पेगां, पुलिस को चकमा
इससे पहले सरकार द्वारा एस्मा लगाकर दस एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें से एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। दस कर्मचारियों में से एक सुरेंद्र पेगां के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। सुरेंद्र पेगां शनिवार को धरने पर पहुंचा। हालांकि गिरफ्तारी को टालने के लिए सभी कर्मचारी भूमिगत चल रहे हैं।
कांग्रेसी नेता प्रमोद सहवाग व धर्मेंद्र ढुल ने किया समर्थन
मांगों को लेकर एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी शनिवार को भी हड़ताल पर रहे। इस दौरान कांग्रेसी नेता प्रमोद सहवाग व धमेंद्र ढुल ने धरने पर पहुंच कर कर्मचारियों का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने कहा कि सरकार हर आवाज को दमन से दबाना चाहती है, लेकिन वे कर्मचारियों के साथ खड़े हैं।
सरकार ने एनएचएम के तहत कार्यरत हड़ताली कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश दिए थे। इस पर 87 महिला एमपीएचडब्ल्यू को बर्खास्त कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन।
फोटो नंबर
08जेएनडी31: नागरिक अस्पताल में धरना देकर बैठे कर्मचारी।
08जेएनडी37: कर्मचारियों को संबोधित करते प्रमोद सहवाग।
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स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी सरकार की कार्रवाई के विरोध में चलाएगी आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मांगों को लेकर 27 अगस्त से चल रही एमपीएचडब्ल्यू की हड़ताल पर स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जिलेभर की एनआरएचएम के तहत कार्यरत 87 महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इसके विरोध में अब स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी प्रदेश भर में आंदोलन चलाएगी। इसके लिए तालमेल कमेटी की प्रदेश स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी कर्मचारियों के आंदोलन के बीच शनिवार को जींद में प्रदेश स्तरीय बैठक की। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार द्वारा एस्मा लगा कर कर्मचारियों के आंदोलन को तोड़ने के आरोप लगाए हुए रोष जताया। राज्य संयोजक विक्रम सिंह ने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से मांगो का समाधान करे, नहीं तो स्वास्थ्य विभाग के तमाम कर्मचारी 11 सितंबर से आंदोलन शुरू कर देंगे। बैठक में राजबीर बेरवाल, बलबीर श्योराण, पृथ्वी सिंह, सुनीता कालीरमन, ताराचंद, शारदा रानी, सुनीता दुहन, ओमपाल ढांडा, सतीश देशवाल, रमेश गिल व बीरमति मौजूद रहे।
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यूं चलेगा प्रदेश भर में आंदोलन
11 सितंबर को काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रकट किया जाएगा। 12 -13 सितंबर को दोपहर 1.30 से 2.00 बजे हरियाणा के सभी नागरिक अस्पतालों और सीएचसी पर गेट मीटिंग करेंगे। 14-15 सितंबर को दोपहर एक से दो बजे तक कार्य का बहिष्कार करके विरोध प्रदर्शन करेंगे। विक्रम सिंह ने कहा कि इसके बावजूद सरकार का दमन जारी रहा तो 16 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी की बैठक करके कड़े आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
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धरने पर पहुंचे सुरेंद्र पेगां, पुलिस को चकमा
इससे पहले सरकार द्वारा एस्मा लगाकर दस एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें से एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। दस कर्मचारियों में से एक सुरेंद्र पेगां के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। सुरेंद्र पेगां शनिवार को धरने पर पहुंचा। हालांकि गिरफ्तारी को टालने के लिए सभी कर्मचारी भूमिगत चल रहे हैं।
कांग्रेसी नेता प्रमोद सहवाग व धर्मेंद्र ढुल ने किया समर्थन
मांगों को लेकर एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी शनिवार को भी हड़ताल पर रहे। इस दौरान कांग्रेसी नेता प्रमोद सहवाग व धमेंद्र ढुल ने धरने पर पहुंच कर कर्मचारियों का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने कहा कि सरकार हर आवाज को दमन से दबाना चाहती है, लेकिन वे कर्मचारियों के साथ खड़े हैं।
सरकार ने एनएचएम के तहत कार्यरत हड़ताली कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश दिए थे। इस पर 87 महिला एमपीएचडब्ल्यू को बर्खास्त कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन।
फोटो नंबर
08जेएनडी31: नागरिक अस्पताल में धरना देकर बैठे कर्मचारी।
08जेएनडी37: कर्मचारियों को संबोधित करते प्रमोद सहवाग।