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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बीच चंदे के विवाद का पटाक्षेप
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के चंदे की बची राशि पर छिड़े विवाद का रविवार को पटाक्षेप हो गया। अब तय हुआ है कि बची 37,85,522 रुपये की राशि आरक्षण संघर्ष समिति के किसी भी गुट के पास नहीं रहेगी। नए सिरे से खापों और तपों की कमेटी बनाई जाएगी, जिसको राशि सौंपी जाएगी। इसको लेकर समिति के जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल की मीटिंग रविवार को जाट धर्मशाला में हुई। वहीं सोमवार को दूसरे गुट की मीटिंग भी जाट धर्मशाला में होगी।
गौरतलब है कि शुक्रवार को दोनों गुटों की अलग-अलग मीटिंग हुई थी। इसके बाद जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल के नेतृत्व वाले गुट ने रविवार को जाट धर्मशाला में मीटिंग बुलाई। यहां दिन भर चली मीटिंग के बाद तय हुआ कि समाज के लोग समिति के उस गुट से बात करेंगे, जिसके पास फिलहाल यह राशि है। फोन पर हुई बातचीत में इन लोगों ने पैसे देने के लिए सहमति जता दी।
पांच सदस्यों की कमेटी पहुंची पंचायत में
जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल के नेतृत्व में चली मीटिंग में जब दूसरे पक्ष पर पहुंचने के लिए दबाव बनाया गया तो यहां पांच सदस्यों की कमेटी पहुंची। इसमें राजेंद्र शास्त्री, रामकुमार मलिक, हरपाल सिंह सरपंच गांव ईक्कस जाट धर्मशाला पहुंचे और राशि कमेटी को सौंपने का आश्वासन दिया।
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कमेटी ने एकमत कहा, जींद का पैसा रहे जींद में
इस दौरान पंचायत में सभी लोगों ने एकमत कहा कि जींद का पैसा जींद में ही रहना चाहिए। इसमें जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल, नौगामा खाप नेता डॉ. दलबीर बीबीपुर, पूर्व बीईओ किताब सिंह भनवाला, पूर्व जिलेदार चांदरूप मलिक सहित कई नेता मौजूद रहे।
आज जाट धर्मशाला में होगी बैठक
पूरे विवाद के बीच अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक सोमवार को जाट धर्मशाला में होगी। समिति के प्रवक्ता कुलबीर सिंह चहल ने बताया कि मीटिंग में समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका, महासचिव अशोक बलहारा, रामभगत मलिक भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि मीटिंग में प्रदेश सरकार की आरक्षण पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बीच चंदे के विवाद का पटाक्षेप
अब खपों और तपों की कमेटी को सौंपी जाएगी 37 लाख 85 हजार 522 रुपये की राशि
दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति, एक पक्ष की मीटिंग आज
जींद।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के चंदे की बची राशि पर छिड़े विवाद का रविवार को पटाक्षेप हो गया। अब तय हुआ है कि बची 37,85,522 रुपये की राशि आरक्षण संघर्ष समिति के किसी भी गुट के पास नहीं रहेगी। नए सिरे से खापों और तपों की कमेटी बनाई जाएगी, जिसको राशि सौंपी जाएगी। इसको लेकर समिति के जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल की मीटिंग रविवार को जाट धर्मशाला में हुई। वहीं सोमवार को दूसरे गुट की मीटिंग भी जाट धर्मशाला में होगी।
गौरतलब है कि शुक्रवार को दोनों गुटों की अलग-अलग मीटिंग हुई थी। इसके बाद जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल के नेतृत्व वाले गुट ने रविवार को जाट धर्मशाला में मीटिंग बुलाई। यहां दिन भर चली मीटिंग के बाद तय हुआ कि समाज के लोग समिति के उस गुट से बात करेंगे, जिसके पास फिलहाल यह राशि है। फोन पर हुई बातचीत में इन लोगों ने पैसे देने के लिए सहमति जता दी।
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पांच सदस्यों की कमेटी पहुंची पंचायत में
जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल के नेतृत्व में चली मीटिंग में जब दूसरे पक्ष पर पहुंचने के लिए दबाव बनाया गया तो यहां पांच सदस्यों की कमेटी पहुंची। इसमें राजेंद्र शास्त्री, रामकुमार मलिक, हरपाल सिंह सरपंच गांव ईक्कस जाट धर्मशाला पहुंचे और राशि कमेटी को सौंपने का आश्वासन दिया।
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कमेटी ने एकमत कहा, जींद का पैसा रहे जींद में
इस दौरान पंचायत में सभी लोगों ने एकमत कहा कि जींद का पैसा जींद में ही रहना चाहिए। इसमें जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल, नौगामा खाप नेता डॉ. दलबीर बीबीपुर, पूर्व बीईओ किताब सिंह भनवाला, पूर्व जिलेदार चांदरूप मलिक सहित कई नेता मौजूद रहे।
आज जाट धर्मशाला में होगी बैठक
पूरे विवाद के बीच अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक सोमवार को जाट धर्मशाला में होगी। समिति के प्रवक्ता कुलबीर सिंह चहल ने बताया कि मीटिंग में समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका, महासचिव अशोक बलहारा, रामभगत मलिक भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि मीटिंग में प्रदेश सरकार की आरक्षण पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बीच चंदे के विवाद का पटाक्षेप
अब खपों और तपों की कमेटी को सौंपी जाएगी 37 लाख 85 हजार 522 रुपये की राशि
दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति, एक पक्ष की मीटिंग आज