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Jind News: हरियाणा साहित्य अकादमी ने घर जाकर डॉ. शिव कुमार को किया सम्मानित
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फोटो : सोनीपत के सेक्टर-15 में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिव कुमार खंडेलवाल को सम्मानित करते कार्यक
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सोनीपत। हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी ने साहित्यकारों को घर-घर जाकर सम्मानित करने की पहल शुरू की है। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिव कुमार खंडेलवाल को उनके सेक्टर-15 स्थित निवास चित्रकूट पर जाकर विशेष हिंदी सेवी सम्मान-2021 से सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य कारणों से डॉ. खंडेलवाल 23 जुलाई को सूर्य कवि दादा लख्मीचंद की 123वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय साहित्यकार सम्मान समारोह में शामिल नहीं हो सके थे।
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिंदी, पंजाबी, हरियाणवी, संस्कृत और उर्दू के 80 से अधिक साहित्यकारों को सम्मानित किया था। स्वास्थ्य कारणों से समारोह में उपस्थित नहीं हो पाने वाले साहित्यकार सम्मान से वंचित न रहें, इसके लिए अकादमी ने उनके घर जाकर सम्मान देने का निर्णय लिया है।
इसी के तहत मंगलवार को अकादमी के कार्यकारी उप-चेयरमैन डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री और सदस्य सचिव मनजीत सिंह डॉ. खंडेलवाल के निवास पर पहुंचे। उन्होंने उन्हें शॉल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान के तहत दी जाने वाली एक लाख रुपये की मानदेय राशि पहले ही उनके बैंक खाते में भेजी जा चुकी है। इस अवसर पर साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक प्रोफेसर डॉ. पूर्णमल गौड़ भी मौजूद रहे।
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इतिहास और लोक का संगम है लेखन की पहचान
डॉ. शिव कुमार खंडेलवाल के साहित्य की प्रमुख विशेषता इतिहास और लोक का संगम है। उनके लेखन में हरियाणवी संस्कृति, लोकभाषा और जमीनी जीवन का सजीव चित्रण देखने को मिलता है। वे कठिन ऐतिहासिक तथ्यों को सरल जनभाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।
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राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिंदी, पंजाबी, हरियाणवी, संस्कृत और उर्दू के 80 से अधिक साहित्यकारों को सम्मानित किया था। स्वास्थ्य कारणों से समारोह में उपस्थित नहीं हो पाने वाले साहित्यकार सम्मान से वंचित न रहें, इसके लिए अकादमी ने उनके घर जाकर सम्मान देने का निर्णय लिया है।
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इसी के तहत मंगलवार को अकादमी के कार्यकारी उप-चेयरमैन डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री और सदस्य सचिव मनजीत सिंह डॉ. खंडेलवाल के निवास पर पहुंचे। उन्होंने उन्हें शॉल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान के तहत दी जाने वाली एक लाख रुपये की मानदेय राशि पहले ही उनके बैंक खाते में भेजी जा चुकी है। इस अवसर पर साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक प्रोफेसर डॉ. पूर्णमल गौड़ भी मौजूद रहे।
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इतिहास और लोक का संगम है लेखन की पहचान
डॉ. शिव कुमार खंडेलवाल के साहित्य की प्रमुख विशेषता इतिहास और लोक का संगम है। उनके लेखन में हरियाणवी संस्कृति, लोकभाषा और जमीनी जीवन का सजीव चित्रण देखने को मिलता है। वे कठिन ऐतिहासिक तथ्यों को सरल जनभाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।