फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   50 crore property tax dues of city council, now notices will be sent for recovery

नगरपरिषद का 50 करोड़ प्रॉपर्टी कर बयाका, अब वसूलने के लिए भेजे जाएंगे नोटिस

Thu, 10 Feb 2022 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
50 crore property tax dues of city council, now notices will be sent for recovery
शहर के लोगों की तरफ नगर परिषद(नप) का करीब 50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी कर बकाया है। इसको वसूलने के लिए अब नप द्वारा नोटिस भेजे जाएंगे। इसके बाद भी जो लोग प्रॉपर्टी कर जमा नहीं करवाएंगे उनकी संपत्ति को सील किया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने नोटिस तैयार कर लिए हैं। सबसे पहले ऐसे लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे, जिनका बकाया प्रॉपर्टी कर लाखों रुपये में है।
विज्ञापन

नगर परिषद द्वारा बकायादारों को प्रापर्टी टैक्स के बिल बांटने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए दो कर्मचारियों को लगाया गया है। बुधवार को अभियान के तहत 50 हजार रुपये से ज्यादा बकाया टेक्स वालों को नोटिस दिए गए। नगर परिषद द्वारा एक लाख से ज्यादा बकाया बिलों वालों की सूची भी तैयार की गई है। उनको भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। हालांकि पिछले करीब चार साल से शहर में प्रॉपर्टी कर के बिल नहीं बांटे गए हैं। इससे पहले नगर परिषद प्रॉपर्टी कर के बिल बांटता था और लोग इसके आधार पर ही कर जमा करवाते थे, लेकिन यह काम बंद होने से कर की वसूली भी नहीं हो रही है। अब यह बकाया राशि 50 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
विज्ञापन

ब्याज पर चल रही है छूट
सरकार द्वारा फिलहाल बकाया प्रॉपर्टी कर जमा करवाने वालों को ब्याज की छूट दी जा रही है। इसके तहत साल 2010-11 से अब तक के बकाया कर को जमा करवाया जा सकता है। ऐसे में नगर परिषद इसके लिए लोगों को प्रेरित भी कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोप- सर्वे एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई से डरते हैं अधिकारी
वहीं शहर की प्रॉपर्टी के सर्वे करने वाली कंपनी के खिलाफ पार्षदों ने मोर्चा खोल रखा है। पार्षदों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा किए गए सर्वे में काफी खामियां है। इसके बाद बावजूद खामियों को ठीक करने के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ रहे है जबकि यह काम एजेंसी द्वारा किया जाना चाहिए। वार्ड नंबर 30 के निवर्तमान पार्षद रामेहर सिंह के अनुसार अधिकारी सर्वे कंपनी के खिलाफ कार्रवाई से डरते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी मिलीभगत कर लोगों को परेशान कर रहे हैं।

की जा रही है बकाया बिल वसूली की प्रक्रिया
पिछले कई साल से प्रॉपर्टी के बिल नहीं बंटे हैं, लेकिन लोगों को भी अपना कर जमा करवाना चाहिए। ऐसे में बकाया राशि करीब 50 करोड़ रुपये है। इसके लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। जो लोग नोटिस के बाद भी प्रॉपर्टी कर जमा नहीं करवाएंगे, उनकी संपत्ति को सील किया जाएगा।
-राजेंद्र प्रसाद, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, जींद ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed