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माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:30 PM IST
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फिर अटका जींद-पानीपत रेलवे लाइन पर अंडर ब्रिज का काम, रेलवे चौड़ाई सात से दस मीटर बढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पांच साल पहले जींद-पानीपत रेलवे लाइन स्थित जेडी-सात पर काम शुरू होते ही फिर अवरोध लग गया है। अवरोध का कारण है रेलवे द्वारा अचानक से अंडरपास की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर करने का प्रस्ताव। इस पर पीडब्ल्यूडी ने यहां काम रोक रखा है। अब पीडब्ल्यूडी को अंडरपास पर लिए जाने वाले अधिकारियों के फैसले का इंतजार है। इस पर कोई भी फैसला होने के बाद ही काम शुरू होगा।
रेलवे लाइन पर अंडर पास की घोषणा 2012 में हुई थी, लेकिन इसके निर्माण का काम इस साल सितंबर माह में शुरू हुआ। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जब मनोहर लाल खट़्टर पहली बार जींद पहुंचे तो उन्होंने भी इस आरयूबी की घोषणा की थी। जिस पर लोगों को जल्दी काम शुरू होने के उम्मीद थी, लेकिन हर सरकारी परियोजना की तरह यह काम भी लटकता ही चला गया। बहराल अब सरकार ने इस परियोजना को नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। सितंबर माह में शुरू हुआ काम यदि बीच में नहीं रूकता तो यह काम जून महीने में पूरा होने की संभावना थी, लेकिन अब इसमें देरी होती नजर आ रही है। जींद-पानीपत रेल मार्ग पर सात बाई चार मीटर का अंडरब्रिज साथ में तीन बाई 1.80 मीटर साइज की पुलिया बनाई जाएगी।
अलग-अलग काम
इस परियोजना के लिए तीन एजेंसियों का अलग-अलग काम है। इसके तहत जनस्वास्थ्य विभाग यहां से सीवरेज और पेयजल की लाइन को शिफ्ट करेगा। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद रेलवे की जमीन के बाहर का काम पीडब्लयूडी बीएंडआर द्वारा किया जाएगा। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसके बाद रेलवे लाइन के नीचे का काम रेलवे खुद करेगा। इस पर साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
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बढ़ सकती है कॉस्ट
रेलवे ने अंडरपास के निर्माण में जो नया प्रस्ताव दिया है, उससे निर्माण की लागत बढ़ सकती है। नए प्रस्ताव के अनुसार अंडरपास का बक्सा (रैंप) तीन मीटर बढ़ जाएगा। इसमें पीडब्ल्यूडी के हिस्से के काम में ही करीब एक करोड़ रुपये की लागत बढ़ने की उम्मीद है। वहीं
फिर से रूका काम
इस परियोजना की राह में शुरू से ही रोड़ा अटकता आ रहा है। इसके बावजूद मार्च महीने में आरयूबी के लिए टेंडर निकाल दिए गए। एक कंपनी को टेंडर जाने के बावजूद रेलवे की तरफ से काम अलाट करने में करीब चार महीने का समय लगाया गया। काम अलाट होने के बाद अब इस परियोजना पर काम शुरू होने के बाद यह फिर से रूक गया है।
यह होगा लाभ
दरअसल जहां अब अंडर पास बनेगा, यहां पहले राजवाहा नंबर सात होता था, लेकिन प्रशासन ने राजवाहे को बंद कर यहां सड़क बनाने की योजना करीब सात साल पहले बनाई थी। यहां सड़क भी बन गई और यह शहर का मिनी बाईपास बना। इस परियोजना पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके बावजूद रेलवे लाइन बीच में आने के कारण लोगों को इस रोड का कोई लाभ नहीं हुआ। भिवानी रोड, रोहतक रोड या हांसी रोड तक जाने के लिए लोगों को शहर के बीचोंबीच होकर गुजरना पड़ता है। अब अंडरपास होने से यह सीधा रास्ता तैयार हो जाएगा।
यह शहर की प्रमुख योजना है। इस पर काम लटकने से लोगों में निराशा है। इससे लोगों को काफी लाभ होना है। यह शहर के लिए अच्छा रास्ता बनेगा, लेकिन इसका काम अटकने से लोगों को निराशा हो रही है।
जितेंद्र, शहर निवासी
होती है परेशानी
नियमित रूप से रोहतक रोड से बस स्टैंड की ओर आना जाना होता है। बाइक या अन्य वाहन से शहर के बीचों बीच घूम कर पहुंचना पड़ता है। यह अंडरपास बनने से काफी राहत मिलेगी। अब करीब 20 दिन से यहां काम रूका हुआ है। इसे जल्द पूरा करना चाहिए।
सतबीर, शहर निवासी
रेलवे ने अंडर पास की चौड़ाई बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव आने के बाद काम रोक दिया गया है। अब मुख्यालय से इस पर चीफ इंजीनियर की राय ली जा रही है। संभवत: इस पर एक-दो दिन में ही फैसला हो जाएगा। यदि चौड़ाई बढ़ती है तो नया एस्टीमेट तैयार कर काम करवाया जाएगा।
केएल चोपड़ा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बीएडंआर।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पांच साल पहले जींद-पानीपत रेलवे लाइन स्थित जेडी-सात पर काम शुरू होते ही फिर अवरोध लग गया है। अवरोध का कारण है रेलवे द्वारा अचानक से अंडरपास की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर करने का प्रस्ताव। इस पर पीडब्ल्यूडी ने यहां काम रोक रखा है। अब पीडब्ल्यूडी को अंडरपास पर लिए जाने वाले अधिकारियों के फैसले का इंतजार है। इस पर कोई भी फैसला होने के बाद ही काम शुरू होगा।
रेलवे लाइन पर अंडर पास की घोषणा 2012 में हुई थी, लेकिन इसके निर्माण का काम इस साल सितंबर माह में शुरू हुआ। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जब मनोहर लाल खट़्टर पहली बार जींद पहुंचे तो उन्होंने भी इस आरयूबी की घोषणा की थी। जिस पर लोगों को जल्दी काम शुरू होने के उम्मीद थी, लेकिन हर सरकारी परियोजना की तरह यह काम भी लटकता ही चला गया। बहराल अब सरकार ने इस परियोजना को नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। सितंबर माह में शुरू हुआ काम यदि बीच में नहीं रूकता तो यह काम जून महीने में पूरा होने की संभावना थी, लेकिन अब इसमें देरी होती नजर आ रही है। जींद-पानीपत रेल मार्ग पर सात बाई चार मीटर का अंडरब्रिज साथ में तीन बाई 1.80 मीटर साइज की पुलिया बनाई जाएगी।
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अलग-अलग काम
इस परियोजना के लिए तीन एजेंसियों का अलग-अलग काम है। इसके तहत जनस्वास्थ्य विभाग यहां से सीवरेज और पेयजल की लाइन को शिफ्ट करेगा। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद रेलवे की जमीन के बाहर का काम पीडब्लयूडी बीएंडआर द्वारा किया जाएगा। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसके बाद रेलवे लाइन के नीचे का काम रेलवे खुद करेगा। इस पर साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
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बढ़ सकती है कॉस्ट
रेलवे ने अंडरपास के निर्माण में जो नया प्रस्ताव दिया है, उससे निर्माण की लागत बढ़ सकती है। नए प्रस्ताव के अनुसार अंडरपास का बक्सा (रैंप) तीन मीटर बढ़ जाएगा। इसमें पीडब्ल्यूडी के हिस्से के काम में ही करीब एक करोड़ रुपये की लागत बढ़ने की उम्मीद है। वहीं
फिर से रूका काम
इस परियोजना की राह में शुरू से ही रोड़ा अटकता आ रहा है। इसके बावजूद मार्च महीने में आरयूबी के लिए टेंडर निकाल दिए गए। एक कंपनी को टेंडर जाने के बावजूद रेलवे की तरफ से काम अलाट करने में करीब चार महीने का समय लगाया गया। काम अलाट होने के बाद अब इस परियोजना पर काम शुरू होने के बाद यह फिर से रूक गया है।
यह होगा लाभ
दरअसल जहां अब अंडर पास बनेगा, यहां पहले राजवाहा नंबर सात होता था, लेकिन प्रशासन ने राजवाहे को बंद कर यहां सड़क बनाने की योजना करीब सात साल पहले बनाई थी। यहां सड़क भी बन गई और यह शहर का मिनी बाईपास बना। इस परियोजना पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके बावजूद रेलवे लाइन बीच में आने के कारण लोगों को इस रोड का कोई लाभ नहीं हुआ। भिवानी रोड, रोहतक रोड या हांसी रोड तक जाने के लिए लोगों को शहर के बीचोंबीच होकर गुजरना पड़ता है। अब अंडरपास होने से यह सीधा रास्ता तैयार हो जाएगा।
यह शहर की प्रमुख योजना है। इस पर काम लटकने से लोगों में निराशा है। इससे लोगों को काफी लाभ होना है। यह शहर के लिए अच्छा रास्ता बनेगा, लेकिन इसका काम अटकने से लोगों को निराशा हो रही है।
जितेंद्र, शहर निवासी
होती है परेशानी
नियमित रूप से रोहतक रोड से बस स्टैंड की ओर आना जाना होता है। बाइक या अन्य वाहन से शहर के बीचों बीच घूम कर पहुंचना पड़ता है। यह अंडरपास बनने से काफी राहत मिलेगी। अब करीब 20 दिन से यहां काम रूका हुआ है। इसे जल्द पूरा करना चाहिए।
सतबीर, शहर निवासी
रेलवे ने अंडर पास की चौड़ाई बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव आने के बाद काम रोक दिया गया है। अब मुख्यालय से इस पर चीफ इंजीनियर की राय ली जा रही है। संभवत: इस पर एक-दो दिन में ही फैसला हो जाएगा। यदि चौड़ाई बढ़ती है तो नया एस्टीमेट तैयार कर काम करवाया जाएगा।
केएल चोपड़ा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बीएडंआर।