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आखिरकर नाबार्ड ने लगाई मुहर
Updated Wed, 11 Oct 2017 11:31 PM IST
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विधायक की क्लस्टर परियोजना पर नाबार्ड ने लगाई मुहर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जुलाना हलके में पेयजल व्यवस्था के सुधारीकरण का विधायक परमेंद्र सिंह ढुल का प्रयास रंग लाया है। नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट ने विधायक ढुल द्वारा प्रस्तावित पेयजल सुधारी करण के लिए क्लस्टर परियोजना पर 28 करोड़ 48 लाख का लोन सैंक्शन करने के साथ ही मुहर लगा दी है। इससे पूर्व कुछ माह पहले जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा सरकार ने विधायक ढुल द्वारा भेजे गए मांगपत्र और परियोजना बजट इस्टिमेट को स्वीकारते हुए उनमें से अधिकांश सुझाव पर मुहर लगाते हुए लगभग 41 करोड़ 74 लाख के कार्य स्वीकृत किए थे। विधायक ढुल ने कहा की जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने गांव बराड़खेड़ा, बुआना, बुराडेहर, बीबीपुर, ईगराह, बहबलपुर, ढिगाना, निडाना, निडानी, पड़ाना, शामलोखुर्द, रधाना, देवरड़ और राजगढ़ समेत 15 गांवों के लिए 2847.35 लाख रुपये की अनुमानित लागत से पेयजल क्लस्टर परियोजना तैयार की थी। इस योजना के शुरू होने पर इन सभी गांवों में पेयजल आपूर्ति का स्थाई समाधान हो सकेगा। इसके अलावा नहर आधारित पेयजल व्यवस्था दुरुस्त किए जाने के लिए गांव खेमाखेड़ी, खेड़ाबख्ता, झमोला, मेहरड़ा और सुंदरपुर के लिए भी स्वतंत्र जलघर की विभागीय स्वीकृति अंतिम चरणों में है और शीघ्र ही इसके मिल जाने की उम्मीद है। इससे पूर्व भी विधायक ढुल प्रदेश सरकार तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पर जुलाना हल्के की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दबाव बनाने में सफल रहे थे। जिसके फलस्वरूप विभाग ने लगभग 41 करोड़ के निर्माण कार्य स्वीकृत किए थे। इनमें से कुछ पर कार्य शुरू किया जा चुका है। विधायक ढुल ने कहा कि सब कार्यों के पूरा होने पर क्षेत्र में पेयजल की लगभग 60 प्रतिशत समस्या खत्म हो सकेगी। हल्के में अधिकांश गांव स्वच्छ पेयजल की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। विधायक ढुल ने कहा की उनका प्रयास है की क्षेत्र के हर गांव में हर घर को पर्याप्त पेयजल पानी पहुंचना चाहिए। क्षेत्र का लगभग 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आज भी पानी के अभाव में सूखा है। इससे पहले भी विधायक ढुल सरकार पर सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने को लेकर दबाव बनाने में सफल रहे थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जुलाना हलके में पेयजल व्यवस्था के सुधारीकरण का विधायक परमेंद्र सिंह ढुल का प्रयास रंग लाया है। नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट ने विधायक ढुल द्वारा प्रस्तावित पेयजल सुधारी करण के लिए क्लस्टर परियोजना पर 28 करोड़ 48 लाख का लोन सैंक्शन करने के साथ ही मुहर लगा दी है। इससे पूर्व कुछ माह पहले जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा सरकार ने विधायक ढुल द्वारा भेजे गए मांगपत्र और परियोजना बजट इस्टिमेट को स्वीकारते हुए उनमें से अधिकांश सुझाव पर मुहर लगाते हुए लगभग 41 करोड़ 74 लाख के कार्य स्वीकृत किए थे। विधायक ढुल ने कहा की जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने गांव बराड़खेड़ा, बुआना, बुराडेहर, बीबीपुर, ईगराह, बहबलपुर, ढिगाना, निडाना, निडानी, पड़ाना, शामलोखुर्द, रधाना, देवरड़ और राजगढ़ समेत 15 गांवों के लिए 2847.35 लाख रुपये की अनुमानित लागत से पेयजल क्लस्टर परियोजना तैयार की थी। इस योजना के शुरू होने पर इन सभी गांवों में पेयजल आपूर्ति का स्थाई समाधान हो सकेगा। इसके अलावा नहर आधारित पेयजल व्यवस्था दुरुस्त किए जाने के लिए गांव खेमाखेड़ी, खेड़ाबख्ता, झमोला, मेहरड़ा और सुंदरपुर के लिए भी स्वतंत्र जलघर की विभागीय स्वीकृति अंतिम चरणों में है और शीघ्र ही इसके मिल जाने की उम्मीद है। इससे पूर्व भी विधायक ढुल प्रदेश सरकार तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पर जुलाना हल्के की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दबाव बनाने में सफल रहे थे। जिसके फलस्वरूप विभाग ने लगभग 41 करोड़ के निर्माण कार्य स्वीकृत किए थे। इनमें से कुछ पर कार्य शुरू किया जा चुका है। विधायक ढुल ने कहा कि सब कार्यों के पूरा होने पर क्षेत्र में पेयजल की लगभग 60 प्रतिशत समस्या खत्म हो सकेगी। हल्के में अधिकांश गांव स्वच्छ पेयजल की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। विधायक ढुल ने कहा की उनका प्रयास है की क्षेत्र के हर गांव में हर घर को पर्याप्त पेयजल पानी पहुंचना चाहिए। क्षेत्र का लगभग 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आज भी पानी के अभाव में सूखा है। इससे पहले भी विधायक ढुल सरकार पर सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने को लेकर दबाव बनाने में सफल रहे थे।