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Jind News: 39 हजार किसानों को नहीं मिली खरीफ फसल की 40 करोड़ की बीमा राशि
Thu, 31 Aug 2023 01:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 31 Aug 2023 01:28 AM IST
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जुलाना क्षेत्र में भरा बरसाती पानी की फाइल फोटो।
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले के 39 हजार से ज्यादा किसानों को वर्ष 2022 की खरीफ फसलों की बीमा राशि नहीं मिली है। किसान बार-बार कंपनी और कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका बीमा क्लेम होगा या नहीं, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है।
जिन किसानों ने फसलों का बीमा करवाते समय 2.97 करोड़ की जो राशि कटवाई थी, कंपनी ने वह भी नहीं लौटाई है। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। ऐसे में किसान अपने दुखड़ा किसके सामने रोए, जबकि फसलों का बीमा करवाए एक साल बीत चुका है। किसानों की इस समस्या का समाधान करने के बजाय कृषि विभाग अपना पल्ला झाड़कर कंपनी पर गलती थोप रहा है।
वर्ष 2022 में किसानों ने खरीफ की फसल ज्वार, बाजरा, कपास और धान का बीमा करवाया था। खरीफ की फसलों के बीमे को लेकर लगभग 50 हजार किसानों ने चार करोड़ से ज्यादा की राशि कटवाई थी। इनमें नरमा फसल के लिए 28513 किसान, मक्का फसल के 12 किसान, धान फसल के 20581 किसान और बाजरा के 894 किसान शामिल थे। जून-जुलाई में बारिश के चलते जिले के कई एकड़ में बरसाती पानी भर गया था, जिससे बाजरा, कपास और धान की फसल खराब हो गई थी। खराब हुई फसलों का मुआवजा लेने के लिए किसानों ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
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प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार फसल खराब होने के कारण पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाने को कहा गया था। इसके बाद किसानों ने सीएससी (अटल सेवा केंद्र) के माध्यम से 39,230 शिकायतें दर्ज की गई थीं। कंपनी के अनुसार नई शिकायत 837 आई थीं और अधूरी 236 पाई गई थीं और 9697 शिकायतों को किन्हीं कारणों से रद्द कर दिया गया था।
1.40 अरब का दिया जाना था क्लेम
वर्ष 2022 के जून-जुलाई में बारिश से काफी फसल खराब हो गई थी। इस कारण फसलों का कुल मुआवजा एक अरब 40 करोड़ हुआ था। इसके बाद कंपनी ने 100 करोड़ का मुआवजा वितरित भी कर दिया था। कंपनी ने 18,145 किसानों के खातों में मुआवजा राशि भेज दी थी। इनमें से नरमा फसल के 17314 किसान, धान के 797 किसान और बाजरा फसल के लिए 33 किसान शामिल थे।
बीमा क्लेम के लिए किए गए आवेदनों में किसानों ने कागजात अधूरे जमा करवाए थे, जिसको लेकर 9,697 के लगभग आवेदन तो रद्द हो गए थे। इसके अलावा कुछ आवेदनों में दिक्कतें थीं। इस कारण बीमा क्लेम की राशि नहीं मिल पाई।
-अनिल कुमार, स्टेट हेड, रिलायंस कंपनी।
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जींद। जिले के 39 हजार से ज्यादा किसानों को वर्ष 2022 की खरीफ फसलों की बीमा राशि नहीं मिली है। किसान बार-बार कंपनी और कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका बीमा क्लेम होगा या नहीं, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है।
जिन किसानों ने फसलों का बीमा करवाते समय 2.97 करोड़ की जो राशि कटवाई थी, कंपनी ने वह भी नहीं लौटाई है। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। ऐसे में किसान अपने दुखड़ा किसके सामने रोए, जबकि फसलों का बीमा करवाए एक साल बीत चुका है। किसानों की इस समस्या का समाधान करने के बजाय कृषि विभाग अपना पल्ला झाड़कर कंपनी पर गलती थोप रहा है।
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वर्ष 2022 में किसानों ने खरीफ की फसल ज्वार, बाजरा, कपास और धान का बीमा करवाया था। खरीफ की फसलों के बीमे को लेकर लगभग 50 हजार किसानों ने चार करोड़ से ज्यादा की राशि कटवाई थी। इनमें नरमा फसल के लिए 28513 किसान, मक्का फसल के 12 किसान, धान फसल के 20581 किसान और बाजरा के 894 किसान शामिल थे। जून-जुलाई में बारिश के चलते जिले के कई एकड़ में बरसाती पानी भर गया था, जिससे बाजरा, कपास और धान की फसल खराब हो गई थी। खराब हुई फसलों का मुआवजा लेने के लिए किसानों ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
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प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार फसल खराब होने के कारण पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाने को कहा गया था। इसके बाद किसानों ने सीएससी (अटल सेवा केंद्र) के माध्यम से 39,230 शिकायतें दर्ज की गई थीं। कंपनी के अनुसार नई शिकायत 837 आई थीं और अधूरी 236 पाई गई थीं और 9697 शिकायतों को किन्हीं कारणों से रद्द कर दिया गया था।
1.40 अरब का दिया जाना था क्लेम
वर्ष 2022 के जून-जुलाई में बारिश से काफी फसल खराब हो गई थी। इस कारण फसलों का कुल मुआवजा एक अरब 40 करोड़ हुआ था। इसके बाद कंपनी ने 100 करोड़ का मुआवजा वितरित भी कर दिया था। कंपनी ने 18,145 किसानों के खातों में मुआवजा राशि भेज दी थी। इनमें से नरमा फसल के 17314 किसान, धान के 797 किसान और बाजरा फसल के लिए 33 किसान शामिल थे।
बीमा क्लेम के लिए किए गए आवेदनों में किसानों ने कागजात अधूरे जमा करवाए थे, जिसको लेकर 9,697 के लगभग आवेदन तो रद्द हो गए थे। इसके अलावा कुछ आवेदनों में दिक्कतें थीं। इस कारण बीमा क्लेम की राशि नहीं मिल पाई।
-अनिल कुमार, स्टेट हेड, रिलायंस कंपनी।