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Jind News: दो साल में 352 बाल श्रमिक मुक्त, 16 बाल विवाह रुकवाए

Mon, 31 Aug 2026 12:13 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:13 AM IST
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352 child labourers freed, 16 child marriages stopped in two years
30जेएनडी12: शहर के राजकीय स्कूल में बच्चों को बाल विवाह के बारे में जागरूक करते हुए एमडीडी ऑफ इ
जींद। जिले में बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। गैर सरकारी संगठन एमडीडी ऑफ इंडिया और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की संयुक्त मुहिम के तहत पिछले 24 माह के दौरान जिले में 352 बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया गया।
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वहीं जिला प्रशासन के सहयोग से 16 बाल विवाह रुकवाए गए। इसके अलावा 1345 अभिभावकों से लिखित वचन-पत्र लिए गए कि वे अपनी बेटियों का विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही करेंगे। एमडीडी ऑफ इंडिया की टीम ने रविवार को राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके खिलाफ बनाए गए कानूनों के प्रति जागरूक किया।
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एमडीडी ऑफ इंडिया के जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि अगस्त 2024 में बच्चों के अधिकारों और उन्हें न्याय तक पहुंच दिलाने के उद्देश्य से ‘न्याय तक पहुंच परियोजना’ शुरू की गई थी। परियोजना के तहत जींद जिले के प्रमुख शहरों के साथ-साथ 50 गांवों में बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ लगातार जागरूकता एवं कार्रवाई अभियान चलाया गया।
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अभियान के दौरान दुकानों, रेहड़ियों, होटल-ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले बच्चों की पहचान की गई। मानव तस्करी विरोधी इकाई के सहयोग से कार्रवाई करते हुए कई बच्चों को बाल श्रम से मुक्त करवाया गया।
मुक्त करवाए गए 352 बच्चों में 6 से 16 वर्ष की आयु के 291 लड़के और 61 लड़कियां शामिल हैं। इनमें प्रमुख बाजारों और चौराहों पर भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चों को भी अभियान के तहत मुक्त करवाया गया।
नरेंद्र शर्मा ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता और उनकी टीम का अभियान में विशेष सहयोग रहा। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र सिंह मान के नेतृत्व में जिले में बाल अधिकारों को लेकर लगातार गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

जिला प्रशासन के सहयोग से अब तक 16 बाल विवाह रुकवाए जा चुके हैं। वहीं, 1345 अभिभावकों से लिखित वचन-पत्र लेकर उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानून में निर्धारित उम्र के बारे में जागरूक किया गया।
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