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शहर की 34 कॉलोनियां होंगी वैध
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वर्षों से अवैध कॉलोनियों में रह रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इसके लिए जिला नगर योजनाकर विभाग द्वारा ड्रोन से सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे के आधार पर 34 ऐसी कॉलोनियों की पहचान हुई है जिनको नियमित किया जा सकता है। इन कॉलोनियों को लेकर जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा द्वारा नगर योजनाकार विभाग के निदेश एम पांडूरंगा से मुलाकात की। वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार बजट सत्र में इन कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा हो सकती है।
गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की 1200 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला लिया था जिनमें जींद शहर का सर्वे करवाने पर पता चला है कि करीब 34 कॉलोनी ऐसी हैं जिनको नियमित किया जा सकता है। ऐसे में जींद के भाजपा विधायक ने इन कॉलोनियों को नियमित करने के लिए विभाग के निदेशक से मुलाकात कर जानकारी ली। सरकार द्वारा ऐसी अवैध कॉलोनियों को नियमित किया जाना है जिनमें 50 प्रतिशत कॉलोनियां विकसित हो चुकी हों। इसके आधार पर जींद शर की 34 कॉलोनियों की पहचान की गई है। यह कॉलोनियों अलग-अलग करीब एक हजार एकड़ क्षेत्र में बसी हुई हैं।
मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं
अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को पेयजल व सीवर जैसी मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में यह कॉलोनी वैध होने के बाद यहां प्रशासनिक स्तर पर गली निर्माण से लेकर पेयजल व सीवर लाइन तक की व्यवस्था की जाएगी। वहीं अवैध कॉलोनियों में सरकार ने रजिस्ट्री पर भी रोक लगा रखी है। इसके बाद इन कॉलोनियों में रजिस्ट्री भी नए सिरे से हो सकेंगी। फिलहाल जींद शहर में 118 कॉलोनी वैध हैं। शहर की जनसंख्या करीब तीन लाख है। पिछली बार 2018 में सरकार ने करीब 70 कॉलोनियों को नियमित किया था।
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बढ़ेगा शहर का दायरा
नई कॉलोनियों को नियमित करने के बाद शहर का दायरा भी बढ़ जाएगा। फिलहाल जींद शहर करीब सात किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। ऐसे में अधिकारियों के अनुसार नई कॉलोनियों के नियमित होने के बाद नगर परिषद की परिधि भी बढ़ कर करीब दस किलोमीटर हो जाएगी।
लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलें
अवैध कॉलोनियों में सरकार व प्रशासन चाहकर भी तमाम सुविधाएं नहीं दे सकते। यह नियम बने हुए हैं लेकिन सरकार ने कॉलोनियों को वैद्य करने की योजना बनाई है। इसके तहत शहर की जिन कॉलोनियों में सभी नियम पूर हो रहे हैं उनको नियमित करवाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि यहां सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकें।
-डॉ. कृष्ण मिड्ढा, भाजपा विधायक, जींद।
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गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की 1200 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला लिया था जिनमें जींद शहर का सर्वे करवाने पर पता चला है कि करीब 34 कॉलोनी ऐसी हैं जिनको नियमित किया जा सकता है। ऐसे में जींद के भाजपा विधायक ने इन कॉलोनियों को नियमित करने के लिए विभाग के निदेशक से मुलाकात कर जानकारी ली। सरकार द्वारा ऐसी अवैध कॉलोनियों को नियमित किया जाना है जिनमें 50 प्रतिशत कॉलोनियां विकसित हो चुकी हों। इसके आधार पर जींद शर की 34 कॉलोनियों की पहचान की गई है। यह कॉलोनियों अलग-अलग करीब एक हजार एकड़ क्षेत्र में बसी हुई हैं।
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मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं
अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को पेयजल व सीवर जैसी मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में यह कॉलोनी वैध होने के बाद यहां प्रशासनिक स्तर पर गली निर्माण से लेकर पेयजल व सीवर लाइन तक की व्यवस्था की जाएगी। वहीं अवैध कॉलोनियों में सरकार ने रजिस्ट्री पर भी रोक लगा रखी है। इसके बाद इन कॉलोनियों में रजिस्ट्री भी नए सिरे से हो सकेंगी। फिलहाल जींद शहर में 118 कॉलोनी वैध हैं। शहर की जनसंख्या करीब तीन लाख है। पिछली बार 2018 में सरकार ने करीब 70 कॉलोनियों को नियमित किया था।
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बढ़ेगा शहर का दायरा
नई कॉलोनियों को नियमित करने के बाद शहर का दायरा भी बढ़ जाएगा। फिलहाल जींद शहर करीब सात किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। ऐसे में अधिकारियों के अनुसार नई कॉलोनियों के नियमित होने के बाद नगर परिषद की परिधि भी बढ़ कर करीब दस किलोमीटर हो जाएगी।
लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलें
अवैध कॉलोनियों में सरकार व प्रशासन चाहकर भी तमाम सुविधाएं नहीं दे सकते। यह नियम बने हुए हैं लेकिन सरकार ने कॉलोनियों को वैद्य करने की योजना बनाई है। इसके तहत शहर की जिन कॉलोनियों में सभी नियम पूर हो रहे हैं उनको नियमित करवाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि यहां सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकें।
-डॉ. कृष्ण मिड्ढा, भाजपा विधायक, जींद।