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दबलैन रोड पर ओवर ब्रिज नहीं बनने से राहगीर परेशान
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घोषणा के दो साल बाद भी रेलवे ओवरब्रिज का शुरू नहीं हुआ काम
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। दबलैन फरैण रोड पर रेलवे ओवरब्रिज नहीं बनने से राहगीर काफी परेशान हैं। यहां सुबह और शाम ट्रेनों के आवागमन से घंटों रेलवे फाटक बंद रहता है। जिससे स्कूल में जाने वाले विद्यार्थियों और मरीजों को अस्पतालों में जाने में देरी होती है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने दो वर्ष पहले यहां अंडरब्रिज बनाने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में सरकार ने भूमिगत पानी ऊपर होने के कारण ओवरब्रिज बनाने की योजना बनाई थी। इसका प्रशासनिक कार्य लगभग पूरा कर लिया गया था। करीब 25 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी विभाग के खाते में आ गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग ने जीएडी रिपोर्ट के लिए रेलवे विभाग को भेजा था, जिसमें कई खामियां निकाल दी गई थीं। वह भी पूरी कर ली गई हैं। रेलवे विभाग के अंबाला कार्यालय से लगभग काम पूरा कर लिया गया है। अब फाइल कश्मीरी गेट दिल्ली के कार्यालय में परमिशन के लिए पड़ी है। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी टेंडर नहीं कराया जा सका।
बता दें कि 18 दिसंबर 2016 को प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल शहर के एसडी महिला महाविद्यालय में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे। जहां कार्यकर्ताओं ने दबलैन रोड हर रोज घंटों लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए अंडरपास बनाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने यह मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन जब अधिकारियों ने यहां अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई तो भूमिगत पानी काफी ऊपर मिला। अधिकारियों ने यह रिपोर्ट ऊपर दी जिसके बाद मुख्यमंत्री ने यहां ओवरब्रिज बनाने के आदेश दिए। जिस पर अनुमानित लागत करीब 25 करोड़ आंकी गई। इसके बाद प्रक्रिया शुरू की। रेलवे विभाग को जीएडी रिपोर्ट के लिए मसौदा भेजा गया जो अभी पूरा नहीं हो पाया। कई लोगों को जल्दबाजी में बंद फाटक से निकलने की मजबूरी होती है।
हरियाणा सरकार का सब काम पूरा
प्रदेश सरकार के आदेश पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने सभी काम पूरा कर लिया है। जीएडी रिपोर्ट के लिए रेलवे विभाग को भेजा गया है। रिपोर्ट में कई तकनीकी कमी निकाली गई थी जो पूरी कर दी गई हैं अब उन्हें उम्मीद है कि जल्द सब काम पूरा कर लिया जाएगा।
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सुलतान कौशिक, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी नरवाना।
जल्द शुरू होगा पुल का कार्य
प्रदेश सरकार ने व्यापारियों और किसानों की सुविधा के लिए ओवर ब्रिज बनाने का निर्णय लिया था। जिसका लगभग प्रशासनिक कार्य पूरा कर लिया गया है। रेलवे विभाग की परमिशन के तुरंत बाद टेंडर लगा दिया जाएगा।
ईश्वर गोयल, नरवाना मंडल अध्यक्ष भाजपा
पुल नहीं बनने से है लोगों को बनी है परेशानी
पुल नहीं होने से लोगों को कई प्रकार की परेशानी है। फाटक के उस पार करीब दो दर्जन गांव पड़ते हैं जिनका सभी तरह का काम नरवाना शहर में होता है। सुबह कई ट्रेन होने के कारण घंटों रेलवे फाटक बंद रहती है। उस समय विद्यार्थियों का स्कूल जाने का समय होता है। कई बार मरीजों को अस्पताल में ले जाने में बंद फाटक रोड़ा बन जाती है।
वीरेंद्र नैन, समाजसेवी नरवाना।
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अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। दबलैन फरैण रोड पर रेलवे ओवरब्रिज नहीं बनने से राहगीर काफी परेशान हैं। यहां सुबह और शाम ट्रेनों के आवागमन से घंटों रेलवे फाटक बंद रहता है। जिससे स्कूल में जाने वाले विद्यार्थियों और मरीजों को अस्पतालों में जाने में देरी होती है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने दो वर्ष पहले यहां अंडरब्रिज बनाने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में सरकार ने भूमिगत पानी ऊपर होने के कारण ओवरब्रिज बनाने की योजना बनाई थी। इसका प्रशासनिक कार्य लगभग पूरा कर लिया गया था। करीब 25 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी विभाग के खाते में आ गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग ने जीएडी रिपोर्ट के लिए रेलवे विभाग को भेजा था, जिसमें कई खामियां निकाल दी गई थीं। वह भी पूरी कर ली गई हैं। रेलवे विभाग के अंबाला कार्यालय से लगभग काम पूरा कर लिया गया है। अब फाइल कश्मीरी गेट दिल्ली के कार्यालय में परमिशन के लिए पड़ी है। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी टेंडर नहीं कराया जा सका।
बता दें कि 18 दिसंबर 2016 को प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल शहर के एसडी महिला महाविद्यालय में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे। जहां कार्यकर्ताओं ने दबलैन रोड हर रोज घंटों लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए अंडरपास बनाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने यह मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन जब अधिकारियों ने यहां अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई तो भूमिगत पानी काफी ऊपर मिला। अधिकारियों ने यह रिपोर्ट ऊपर दी जिसके बाद मुख्यमंत्री ने यहां ओवरब्रिज बनाने के आदेश दिए। जिस पर अनुमानित लागत करीब 25 करोड़ आंकी गई। इसके बाद प्रक्रिया शुरू की। रेलवे विभाग को जीएडी रिपोर्ट के लिए मसौदा भेजा गया जो अभी पूरा नहीं हो पाया। कई लोगों को जल्दबाजी में बंद फाटक से निकलने की मजबूरी होती है।
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हरियाणा सरकार का सब काम पूरा
प्रदेश सरकार के आदेश पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने सभी काम पूरा कर लिया है। जीएडी रिपोर्ट के लिए रेलवे विभाग को भेजा गया है। रिपोर्ट में कई तकनीकी कमी निकाली गई थी जो पूरी कर दी गई हैं अब उन्हें उम्मीद है कि जल्द सब काम पूरा कर लिया जाएगा।
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सुलतान कौशिक, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी नरवाना।
जल्द शुरू होगा पुल का कार्य
प्रदेश सरकार ने व्यापारियों और किसानों की सुविधा के लिए ओवर ब्रिज बनाने का निर्णय लिया था। जिसका लगभग प्रशासनिक कार्य पूरा कर लिया गया है। रेलवे विभाग की परमिशन के तुरंत बाद टेंडर लगा दिया जाएगा।
ईश्वर गोयल, नरवाना मंडल अध्यक्ष भाजपा
पुल नहीं बनने से है लोगों को बनी है परेशानी
पुल नहीं होने से लोगों को कई प्रकार की परेशानी है। फाटक के उस पार करीब दो दर्जन गांव पड़ते हैं जिनका सभी तरह का काम नरवाना शहर में होता है। सुबह कई ट्रेन होने के कारण घंटों रेलवे फाटक बंद रहती है। उस समय विद्यार्थियों का स्कूल जाने का समय होता है। कई बार मरीजों को अस्पताल में ले जाने में बंद फाटक रोड़ा बन जाती है।
वीरेंद्र नैन, समाजसेवी नरवाना।