{"_id":"5b649f774f1c1b9d3e8b4f2e","slug":"31533321079-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड राज्य महिला आयोग ने डीआरडीए हॉल में सुनी महिलाओं की शिकायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड राज्य महिला आयोग ने डीआरडीए हॉल में सुनी महिलाओं की शिकायतें
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य महिला आयोग ने डीआरडीए हॉल में सुनी महिलाओं की शिकायतें, महिला बोली
एएसआई ने चोटी पकड़ कर दीवार में मारा सिर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। राज्य महिला आयोग की चेयरमैन प्रतिभा सुमन और आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने डीआरडीए हॉल में महिलाओं की शिकायतें सुनीं। इस दौरान एक महिला ने महिला थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। महिला ने कहा कि उसने संपत्ति विवाद के चलते शिकायत दी थी, लेकिन महिला थाना पुलिस ने उसे थाने में लाकर उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं एएसआई बीरमती ने उसकी चोटी पकड़ कर उसका सिर दीवार पर मारा। इससे उसे काफी चोटें आईं। इस पर आयोग ने मामले की जांच एसएसपी अरुण सिंह से करवाने की सिफारिश की। महिला आयोग की चेयरमैन प्रतिभा सुमन ने कहा कि यदि जांच में महिला पुलिसकर्मी दोषी पाई जाती है तो उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई होगी।
जुलाना निवासी दर्शना ने महिला आयोग को दी शिकायत में कहा कि उसका जेठ किताब सिंह, मनू, भतीजे भूमा के परिवार के साथ संपत्ति का विवाद है। इस विवाद के चलते उनका झगड़ा हो गया। उसने महिला थाना पुलिस को इसकी शिकायत दी। दर्शना ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसके खिलाफ लड़ाई झगड़े का केस बना दिया। महिला ने आरोप लगाया कि एएसआई बीरमती ने थाने में उसकी चोटी पकड़ कर सिर को दीवार पर मारा। इससे उसे काफी चोटें लगी हैं। महिला आयोग की टीम ने इस मामले को गंभीरता से लिया और आदेश दिए कि एसएसपी इस मामले की जांच करें। यदि इस मामले में एएसआई बीरमती दोषी मिलती हैं तो उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं तहत केस दर्ज किया जाए।
पुलिस ने पीटकर जबरन करवाया समझौता
दर्शना ने महिला आयोग के समक्ष बताया कि उसके जेठों ने अपने संपर्क से समझौता करवाने का दबाव बनाया था। इसके चलते ही उसके साथ मारपीट की गई। वहीं मौके पर मौजूद एएसआई बीरमती ने महिला आयोग को बताया कि उसने दर्शना के साथ मारपीट नहीं की। डीएसपी के आदेशानुसार सिर्फ दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
महिला ने दी शिकायत, बोली पति ने शादी की पहली ही रात किन्नर बताकर घर भेज दिया
एक मामले में एक महिला ने आयोग को शिकायत दी कि उसकी व उसकी छोटी बहन की शादी एक साथ ही एक ही परिवार में की गई थी, लेकिन उसके पति ने उसे किन्नर बताकर वापस घर भेज दिया। महिला ने दावा किया कि वह सही है, जबकि उसके पति में कमी है। वह अपनी कमी छिपाने के लिए उस पर दोष लगा रहा है। सुनवाई के दौरान महिला का पति मौके पर नहीं था। इस पर आयोग ने आदेश दिया कि महिला के पति को दस दिन में आयोग के पंचकूला स्थित कार्यालय में पेश किया जाए। इसके बाद इस मामले की सुनवाई होगी।
शादी से पहले ही युवक-युवती में बात बिगड़ी
एक युवती ने आयोग को शिकायत देकर कहा कि उसकी शादी तय हुई थी। शहर के एक होटल में सगाई की रस्म भी हुई, लेकिन शादी से पहले वरपक्ष के लोग गाड़ी की मांग कर रहे हैं। इस पर लड़की के पक्ष के लोगों ने कहा कि लड़की की शादी उसी लड़के से करवाई जाए, जबकि लड़के के पक्ष के लोग शादी करने से मना कर रहे हैं। इस अयोग ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग करवाने के आदेश दिए।
पुलिस जांच पर उठे सवाल
नरवाना निवासी भतेरी ने महिला आयोग को शिकायत दी कि उसका जेठ उसके प्लाट पर कब्जा करना चाहता है। इसके चलते उनके प्लाट की चारदीवारी भी गिरा दी। इस मामले में जब आयोग ने दीवार गिरी होने की बात पूछती तो जांच अधिकारी ने बताया कि थोड़ी सी दीवार गिरी हुई है, लेकिन महिला ने इसकी वीडियो पेश की, जिसमें करीब सात फुट दीवार गिराई गई है। इस मामले में आयोग ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी कि क्या कार्रवाई की।
सुनवाई के बाद उलझे दोनों पक्ष
शीतलपुरी कॉलोनी निवासी नवीता ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप लगाया। इस मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने नवीता व उसके पति की काउंसलिंग करवाने के आदेश दिए। इसके बाद जैसे ही दोनों पक्ष हॉल से बाहर निकलते तो उनके बीच विवाद हो गया। इसके दौरान नौबत धक्का मुक्की तक आ गई। बाद में पुलिस ने उनका बीच-बचाव किया।
अस्पताल में मिलीं खामियां, प्रबंधन को लगाई फटकार
महिलाओं की शिकायत सुनने से पहले आयोग की चेयरमैन प्रतिभा सुमन व सदस्य सुमन बेदी ने महिला थाना और नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। महिला थाने में जहां आयोग की टीम महिला हेल्पलाइन नंबर पर कॉल नहीं लगा पाईं तो नागरिक अस्पताल के सुकून केंद्र व जच्च-बच्चा वार्ड में काफी अव्यवस्थाएं पाईं। इस पर आयोग की टीम ने अस्पताल के अधिकारियों को फटकार लगाई।
सबसे पहले महिला आयोग की टीम महिला पुलिस थाने पहुंची। यहां रिकार्ड की जांच की और इसके बाद 1091 नंबर पर कॉल किया, लेकिन चार बार कॉल करने पर भी नंबर नहीं लगा। इसके बाद डीएसपी मुख्यालय रामभज ने भी अपने मोबाइल से फोन किया, लेकिन नहीं लगा। इस पर किसी ने कहा कि नंबर एसटीडी कोड लगाने से मिल रहा है। ऐसे में आयोग ने आदेश दिए कि इसे तुरंत ठीक करवाया जाए। चेयरमैन प्रतिभा सुमन ने कहा कि यदि किसी बाहर की महिला के साथ अपराध होता है तो उसे तो यहां के एसडीटी कोड का पता नहीं होगा। इसके बाद आयोग की टीम ने 1091 पर फोन कर शिकायत देने वाली महिलाओं से भी फोन पर बात की।
इसके बाद आयोग की टीम नागरिक अस्पताल पहुंची। यहां सबसे पहले सुकून केंद्र का निरीक्षण किया। टीम को वहां पर काफी खामियां मिलीं। यहां न तो आनेवाली महिलाओं के फोन नंबर मिले और न ही पते। इस पर आयोग की टीम ने कहा कि इस रिकार्ड का कोई फायदा नहीं है। आयोग की टीम ने सुकून केंद्र अस्पताल के बाहरी क्षेत्र में शिफ्ट करने और यहां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए।
गर्भवती महिला को रातभर करना पड़ा बेड के लिए इंतजार
महिला आयोग की टीम जिस समय नागरिक अस्पताल का निरीक्षण कर रही थी, तभी चंद्रलोक कॉलोनी निवासी पूजा ने बताया कि आठ बजे अस्पताल आई थी, लेकिन उसे रातभर बेड नहीं मिला। उसकी डिलीवरी होनी है। सुबह चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। इस पर आयोग की टीम ने आदेश दिया कि महिला की डिलीवरी अस्पताल में ही करवाई जाए।
जच्चा-बच्चा वार्ड की व्यवस्थाएं देख हैरान हुई टीम
महिला आयोग की टीम जब जच्चा बच्चा वार्ड में गई तो यहां एक-एक बेड पर दो-दो महिलाएं व बच्चे मिले। साथ ही यहां सफाई की भी व्यवस्था नहीं थी। चेयरमैन ने सुमन ने कहा कि एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे होने से यदि इंफेक्शन हो गया तो क्या होगा। उन्होंने अस्पताल में सफाई के भी आदेश दिए। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. सजंय दहिया ने बताया कि अस्पताल की पहली मंजिल पर भी महिलाओं के लिए वार्ड बनाया जा रहा है। इसके लिए राशि आ चुकी है। चेयरमैन ने कहा कि 20 दिन बाद आयोग की सदस्य सुमन बेदी फिर से यहां दौरा करेंगी। तब तक व्यवस्थाएं ठीक हो जानी चाहिए।
विज्ञापन
एएसआई ने चोटी पकड़ कर दीवार में मारा सिर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। राज्य महिला आयोग की चेयरमैन प्रतिभा सुमन और आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने डीआरडीए हॉल में महिलाओं की शिकायतें सुनीं। इस दौरान एक महिला ने महिला थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। महिला ने कहा कि उसने संपत्ति विवाद के चलते शिकायत दी थी, लेकिन महिला थाना पुलिस ने उसे थाने में लाकर उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं एएसआई बीरमती ने उसकी चोटी पकड़ कर उसका सिर दीवार पर मारा। इससे उसे काफी चोटें आईं। इस पर आयोग ने मामले की जांच एसएसपी अरुण सिंह से करवाने की सिफारिश की। महिला आयोग की चेयरमैन प्रतिभा सुमन ने कहा कि यदि जांच में महिला पुलिसकर्मी दोषी पाई जाती है तो उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई होगी।
जुलाना निवासी दर्शना ने महिला आयोग को दी शिकायत में कहा कि उसका जेठ किताब सिंह, मनू, भतीजे भूमा के परिवार के साथ संपत्ति का विवाद है। इस विवाद के चलते उनका झगड़ा हो गया। उसने महिला थाना पुलिस को इसकी शिकायत दी। दर्शना ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसके खिलाफ लड़ाई झगड़े का केस बना दिया। महिला ने आरोप लगाया कि एएसआई बीरमती ने थाने में उसकी चोटी पकड़ कर सिर को दीवार पर मारा। इससे उसे काफी चोटें लगी हैं। महिला आयोग की टीम ने इस मामले को गंभीरता से लिया और आदेश दिए कि एसएसपी इस मामले की जांच करें। यदि इस मामले में एएसआई बीरमती दोषी मिलती हैं तो उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं तहत केस दर्ज किया जाए।
विज्ञापन
पुलिस ने पीटकर जबरन करवाया समझौता
दर्शना ने महिला आयोग के समक्ष बताया कि उसके जेठों ने अपने संपर्क से समझौता करवाने का दबाव बनाया था। इसके चलते ही उसके साथ मारपीट की गई। वहीं मौके पर मौजूद एएसआई बीरमती ने महिला आयोग को बताया कि उसने दर्शना के साथ मारपीट नहीं की। डीएसपी के आदेशानुसार सिर्फ दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
महिला ने दी शिकायत, बोली पति ने शादी की पहली ही रात किन्नर बताकर घर भेज दिया
एक मामले में एक महिला ने आयोग को शिकायत दी कि उसकी व उसकी छोटी बहन की शादी एक साथ ही एक ही परिवार में की गई थी, लेकिन उसके पति ने उसे किन्नर बताकर वापस घर भेज दिया। महिला ने दावा किया कि वह सही है, जबकि उसके पति में कमी है। वह अपनी कमी छिपाने के लिए उस पर दोष लगा रहा है। सुनवाई के दौरान महिला का पति मौके पर नहीं था। इस पर आयोग ने आदेश दिया कि महिला के पति को दस दिन में आयोग के पंचकूला स्थित कार्यालय में पेश किया जाए। इसके बाद इस मामले की सुनवाई होगी।
शादी से पहले ही युवक-युवती में बात बिगड़ी
एक युवती ने आयोग को शिकायत देकर कहा कि उसकी शादी तय हुई थी। शहर के एक होटल में सगाई की रस्म भी हुई, लेकिन शादी से पहले वरपक्ष के लोग गाड़ी की मांग कर रहे हैं। इस पर लड़की के पक्ष के लोगों ने कहा कि लड़की की शादी उसी लड़के से करवाई जाए, जबकि लड़के के पक्ष के लोग शादी करने से मना कर रहे हैं। इस अयोग ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग करवाने के आदेश दिए।
पुलिस जांच पर उठे सवाल
नरवाना निवासी भतेरी ने महिला आयोग को शिकायत दी कि उसका जेठ उसके प्लाट पर कब्जा करना चाहता है। इसके चलते उनके प्लाट की चारदीवारी भी गिरा दी। इस मामले में जब आयोग ने दीवार गिरी होने की बात पूछती तो जांच अधिकारी ने बताया कि थोड़ी सी दीवार गिरी हुई है, लेकिन महिला ने इसकी वीडियो पेश की, जिसमें करीब सात फुट दीवार गिराई गई है। इस मामले में आयोग ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी कि क्या कार्रवाई की।
सुनवाई के बाद उलझे दोनों पक्ष
शीतलपुरी कॉलोनी निवासी नवीता ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप लगाया। इस मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने नवीता व उसके पति की काउंसलिंग करवाने के आदेश दिए। इसके बाद जैसे ही दोनों पक्ष हॉल से बाहर निकलते तो उनके बीच विवाद हो गया। इसके दौरान नौबत धक्का मुक्की तक आ गई। बाद में पुलिस ने उनका बीच-बचाव किया।
अस्पताल में मिलीं खामियां, प्रबंधन को लगाई फटकार
महिलाओं की शिकायत सुनने से पहले आयोग की चेयरमैन प्रतिभा सुमन व सदस्य सुमन बेदी ने महिला थाना और नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। महिला थाने में जहां आयोग की टीम महिला हेल्पलाइन नंबर पर कॉल नहीं लगा पाईं तो नागरिक अस्पताल के सुकून केंद्र व जच्च-बच्चा वार्ड में काफी अव्यवस्थाएं पाईं। इस पर आयोग की टीम ने अस्पताल के अधिकारियों को फटकार लगाई।
सबसे पहले महिला आयोग की टीम महिला पुलिस थाने पहुंची। यहां रिकार्ड की जांच की और इसके बाद 1091 नंबर पर कॉल किया, लेकिन चार बार कॉल करने पर भी नंबर नहीं लगा। इसके बाद डीएसपी मुख्यालय रामभज ने भी अपने मोबाइल से फोन किया, लेकिन नहीं लगा। इस पर किसी ने कहा कि नंबर एसटीडी कोड लगाने से मिल रहा है। ऐसे में आयोग ने आदेश दिए कि इसे तुरंत ठीक करवाया जाए। चेयरमैन प्रतिभा सुमन ने कहा कि यदि किसी बाहर की महिला के साथ अपराध होता है तो उसे तो यहां के एसडीटी कोड का पता नहीं होगा। इसके बाद आयोग की टीम ने 1091 पर फोन कर शिकायत देने वाली महिलाओं से भी फोन पर बात की।
इसके बाद आयोग की टीम नागरिक अस्पताल पहुंची। यहां सबसे पहले सुकून केंद्र का निरीक्षण किया। टीम को वहां पर काफी खामियां मिलीं। यहां न तो आनेवाली महिलाओं के फोन नंबर मिले और न ही पते। इस पर आयोग की टीम ने कहा कि इस रिकार्ड का कोई फायदा नहीं है। आयोग की टीम ने सुकून केंद्र अस्पताल के बाहरी क्षेत्र में शिफ्ट करने और यहां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए।
गर्भवती महिला को रातभर करना पड़ा बेड के लिए इंतजार
महिला आयोग की टीम जिस समय नागरिक अस्पताल का निरीक्षण कर रही थी, तभी चंद्रलोक कॉलोनी निवासी पूजा ने बताया कि आठ बजे अस्पताल आई थी, लेकिन उसे रातभर बेड नहीं मिला। उसकी डिलीवरी होनी है। सुबह चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। इस पर आयोग की टीम ने आदेश दिया कि महिला की डिलीवरी अस्पताल में ही करवाई जाए।
जच्चा-बच्चा वार्ड की व्यवस्थाएं देख हैरान हुई टीम
महिला आयोग की टीम जब जच्चा बच्चा वार्ड में गई तो यहां एक-एक बेड पर दो-दो महिलाएं व बच्चे मिले। साथ ही यहां सफाई की भी व्यवस्था नहीं थी। चेयरमैन ने सुमन ने कहा कि एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे होने से यदि इंफेक्शन हो गया तो क्या होगा। उन्होंने अस्पताल में सफाई के भी आदेश दिए। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. सजंय दहिया ने बताया कि अस्पताल की पहली मंजिल पर भी महिलाओं के लिए वार्ड बनाया जा रहा है। इसके लिए राशि आ चुकी है। चेयरमैन ने कहा कि 20 दिन बाद आयोग की सदस्य सुमन बेदी फिर से यहां दौरा करेंगी। तब तक व्यवस्थाएं ठीक हो जानी चाहिए।