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उतरे किसान संघ के सदस्य
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:23 PM IST
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सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे किसान संघ कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। और सीटीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बिश्नापुरा और बिरौली गांव के किसानों के लिए उचित मुआवजे की मांग की गई। किसानों ने कहा कि यदि 15 दिन में मुआवजे पर सरकार अपनी स्थित साफ नहीं करती तो इसके खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इससे पहले किसान नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान संघ के प्रदेशाध्यक्ष ओम सिंह ने कहा कि सरकार हर तरफ से किसानों को कुचलने पर लगी हुई है। कहा कि सरकारी रिपोर्ट साफ करती हैं कि धान के फाने जलाने से महज आठ से नौ प्रतिशत ही प्रदूषण होता है। इसके बावजूद सरकार किसानों पर काला कानून थोप रही है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर अधिकारी पैसे लेकर प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों को चलवा रहे हैं। ओम सिंह ने कहा कि जब चीनी की कीमत 26-27 रुपये प्रति किलोग्राम चली गई थी तो चीनी मिलों ने गन्ने के कम रेट का भुगतान किया था, लेकिन अब 40-41 रुपये प्रति किलोग्राम चीनी है, ऐसे में किसानों को 410 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव मिलना चाहिए।
मुआवजे में गड़बड़ी
किसानों ने कहा कि सरकार ने बिरौली और बिश्नपुरा के किसानों महज 12 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया है, जबकि किसान 90 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मांग रहे हैं। किसानों ने कहा कि इस पर किसाना आंदोलन शुरू करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। और सीटीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बिश्नापुरा और बिरौली गांव के किसानों के लिए उचित मुआवजे की मांग की गई। किसानों ने कहा कि यदि 15 दिन में मुआवजे पर सरकार अपनी स्थित साफ नहीं करती तो इसके खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इससे पहले किसान नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान संघ के प्रदेशाध्यक्ष ओम सिंह ने कहा कि सरकार हर तरफ से किसानों को कुचलने पर लगी हुई है। कहा कि सरकारी रिपोर्ट साफ करती हैं कि धान के फाने जलाने से महज आठ से नौ प्रतिशत ही प्रदूषण होता है। इसके बावजूद सरकार किसानों पर काला कानून थोप रही है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर अधिकारी पैसे लेकर प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों को चलवा रहे हैं। ओम सिंह ने कहा कि जब चीनी की कीमत 26-27 रुपये प्रति किलोग्राम चली गई थी तो चीनी मिलों ने गन्ने के कम रेट का भुगतान किया था, लेकिन अब 40-41 रुपये प्रति किलोग्राम चीनी है, ऐसे में किसानों को 410 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव मिलना चाहिए।
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मुआवजे में गड़बड़ी
किसानों ने कहा कि सरकार ने बिरौली और बिश्नपुरा के किसानों महज 12 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया है, जबकि किसान 90 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मांग रहे हैं। किसानों ने कहा कि इस पर किसाना आंदोलन शुरू करेंगे।
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