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मुख्य समाचार राज्य पेज के लिए इनेलो से अनुशासनहीनता के नोटिस के बाद पहली बार जींद पहुंचे सांसद चौटाला
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:29 AM IST
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आधे घंटे के भाषण में दुष्यंत ने एक बार भी नहीं लिया अभय का नाम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। इनेलो में चल रहे घमासान के बाद अनुशासनहीनता का नोटिस मिलने के बाद सांसद दुष्यंत चौटाला पहली बार जींद पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं के जोश से लबरेज दुष्यंत ने शायरना अंदाज में विधानसभा में इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पर निशाना साधा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि, ‘रख दिया कलेजा निकाल के कातिलों के तीर पर, छूना है आसमां बादलों को चीर कर।’ वहीं कार्यकर्ताओं ने दुष्यंत के समर्थन में आया-या सीएम आया के नारे तो लगाए, लेकिन उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि ऐसे नारे नहीं लगाएं।
इनेलो कार्यालय के बाहर पार्क में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ में सांसद दुष्यंत चौटाला ने गोहाना रैली के दौरान हुई नारेबाजी को सहज अंदाज में लिया। दार्शनिक भाषा में सांसद चौटाला ने कहा कि ‘सुनामी के लिए एक बूंद को दोष नहीं दिया जा सकता।’ इसके पीछे के भूकंप की गहराई भी देखी जानी चाहिए। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पार्टी ने उनको जो नोटिस दिया है, उसे पढ़कर उनको दुख हुआ है, क्योंकि पत्र में लिखे कठोर शब्द इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के नहीं, बल्कि पार्टी के खिलाफ साजिशकर्ताओं के हैं। अपने इरादे बताते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि, ‘चाहे कांटे लगे या छाले पड़ें, चलना है तो चलना है’, दरिया की जिद रास्ता नहीं दूंगी, हमने समुद्र पार करना है तो करना है।’
युवाओं के साधने के लिए बेरोजगारी का मुद्दा भी उछाला
मीटिंग में युवाओं को साधने के लिए दुष्यंत ने कहा कि नई मतदाता सूची में 18 से 40 साल के युवाओं की संख्या 60 प्रतिशत है। इसके बावजूद प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की फौज है। सांसद ने कहा कि अकेले गुरुग्राम में साढ़े 17 लाख नौकरियां हैं। इसमें महज ढाई लाख हरियाणा के युवाओं को ही रोजगार मिला है। भविष्य में हरियाणा के युवाओं को इसमें अधिकार दिलवाया जाएगा।
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ओमप्रकाश चौटाला के लिए दिखाया सम्मान
अपने संबोधन के दौरान दुष्यंत चौटाला ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि ओमप्रकाश चौटाला का समान सम्मान रखते हुए संगठन को नई मजबूती देनी है। उन्होंने कहा कि चौटाला साहब के सम्मान के आगे एक इंच भी पीछे नहीं हटना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। इनेलो में चल रहे घमासान के बाद अनुशासनहीनता का नोटिस मिलने के बाद सांसद दुष्यंत चौटाला पहली बार जींद पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं के जोश से लबरेज दुष्यंत ने शायरना अंदाज में विधानसभा में इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पर निशाना साधा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि, ‘रख दिया कलेजा निकाल के कातिलों के तीर पर, छूना है आसमां बादलों को चीर कर।’ वहीं कार्यकर्ताओं ने दुष्यंत के समर्थन में आया-या सीएम आया के नारे तो लगाए, लेकिन उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि ऐसे नारे नहीं लगाएं।
इनेलो कार्यालय के बाहर पार्क में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ में सांसद दुष्यंत चौटाला ने गोहाना रैली के दौरान हुई नारेबाजी को सहज अंदाज में लिया। दार्शनिक भाषा में सांसद चौटाला ने कहा कि ‘सुनामी के लिए एक बूंद को दोष नहीं दिया जा सकता।’ इसके पीछे के भूकंप की गहराई भी देखी जानी चाहिए। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पार्टी ने उनको जो नोटिस दिया है, उसे पढ़कर उनको दुख हुआ है, क्योंकि पत्र में लिखे कठोर शब्द इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के नहीं, बल्कि पार्टी के खिलाफ साजिशकर्ताओं के हैं। अपने इरादे बताते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि, ‘चाहे कांटे लगे या छाले पड़ें, चलना है तो चलना है’, दरिया की जिद रास्ता नहीं दूंगी, हमने समुद्र पार करना है तो करना है।’
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युवाओं के साधने के लिए बेरोजगारी का मुद्दा भी उछाला
मीटिंग में युवाओं को साधने के लिए दुष्यंत ने कहा कि नई मतदाता सूची में 18 से 40 साल के युवाओं की संख्या 60 प्रतिशत है। इसके बावजूद प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की फौज है। सांसद ने कहा कि अकेले गुरुग्राम में साढ़े 17 लाख नौकरियां हैं। इसमें महज ढाई लाख हरियाणा के युवाओं को ही रोजगार मिला है। भविष्य में हरियाणा के युवाओं को इसमें अधिकार दिलवाया जाएगा।
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ओमप्रकाश चौटाला के लिए दिखाया सम्मान
अपने संबोधन के दौरान दुष्यंत चौटाला ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि ओमप्रकाश चौटाला का समान सम्मान रखते हुए संगठन को नई मजबूती देनी है। उन्होंने कहा कि चौटाला साहब के सम्मान के आगे एक इंच भी पीछे नहीं हटना है।