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जाट समेत छह जातियों को आर्थिक आधार के कोटे में शामिल करने का विरोध
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जाट समुदाय समेत छह जातियों को आर्थिक आधार पर दिए गए आरक्षण में शामिल करने पर मंगलवार को ब्राह्मण सभा जींद ने विरोध जताया और मुख्यमंत्री के नाम डीसी अमित खत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण में जाट समेत छह जातियों को जल्द से जल्द बाहर करने की मांग की। ब्राह्मण सभा के प्रधान भगवान दत्त शर्मा के नेतृत्व में मिले सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि हुड्डा सरकार ने वर्ष 2013 में ब्राह्मण, बनिया, राजपूत, पंजाबी वर्ग को आर्थिक आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण दिया था। आरक्षण मिलने पर सभी वगों ने सरकार का स्वागत किया था, लेकिन सात जून को वर्तमान सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया कि इसे आर्थिक आधार वाले दस प्रतिशत आरक्षण में जाट, रोड बिश्नोई, त्यागी, जट सिख, मुल्ला जाट को भी शामिल कर दिया गया है। इसलिए सरकार उनके कोटे में इन जातियों को शामिल करने की बजाए अलग से 15 से 20 प्रतिशत आरक्षण दे दे। उन्होंने कहा कि सरकार इन जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देकर मदद नहीं बल्कि आपसी भाईचारे को बिगड़ना चाहती है। इस अवसर पर ओमप्रकाश शर्मा, भालचंद शर्मा, अनिल शर्मा, महाबीर आदि मौजूद रहे।
जाट समेत छह जातियों को आर्थिक आधार के कोटे में शामिल करने का विरोध
ब्राह्मण सभा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध
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जींद।
जाट समुदाय समेत छह जातियों को आर्थिक आधार पर दिए गए आरक्षण में शामिल करने पर मंगलवार को ब्राह्मण सभा जींद ने विरोध जताया और मुख्यमंत्री के नाम डीसी अमित खत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण में जाट समेत छह जातियों को जल्द से जल्द बाहर करने की मांग की। ब्राह्मण सभा के प्रधान भगवान दत्त शर्मा के नेतृत्व में मिले सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि हुड्डा सरकार ने वर्ष 2013 में ब्राह्मण, बनिया, राजपूत, पंजाबी वर्ग को आर्थिक आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण दिया था। आरक्षण मिलने पर सभी वगों ने सरकार का स्वागत किया था, लेकिन सात जून को वर्तमान सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया कि इसे आर्थिक आधार वाले दस प्रतिशत आरक्षण में जाट, रोड बिश्नोई, त्यागी, जट सिख, मुल्ला जाट को भी शामिल कर दिया गया है। इसलिए सरकार उनके कोटे में इन जातियों को शामिल करने की बजाए अलग से 15 से 20 प्रतिशत आरक्षण दे दे। उन्होंने कहा कि सरकार इन जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देकर मदद नहीं बल्कि आपसी भाईचारे को बिगड़ना चाहती है। इस अवसर पर ओमप्रकाश शर्मा, भालचंद शर्मा, अनिल शर्मा, महाबीर आदि मौजूद रहे।
जाट समेत छह जातियों को आर्थिक आधार के कोटे में शामिल करने का विरोध
ब्राह्मण सभा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध