फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड रोडवेज की हड़ताल से बिगड़े हालात

माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड रोडवेज की हड़ताल से बिगड़े हालात

Wed, 24 Oct 2018 12:35 AM IST
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड रोडवेज की हड़ताल से बिगड़े हालात
किराया देने को तैयार छात्राएं, फिर भी नहीं बैठने दे रहे निजी बस संचालक
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के आठवें दिन यात्री बेहाल रहे। व्यवस्था की सबसे ज्यादा मार बेटियों पर पड़ रही है, जिन्हें सहकारी बस ऑपरेटरों के स्टाफ ने मंगलवार को बसों में चढ़ने से रोका। निजी बसों के कुछ स्टाफ ने तो बस की खिड़की में हाथ अड़ा कर लड़कियों को चढ़ने से रोका। यदि कोई किराया देने वाला यात्री आता तो उसे चढ़ने दिया गया। कई बसों की खिड़की बंद कर छात्राओं को चढ़ने से रोका गया। वहीं यात्रियों को बुधवार से राहत मिलने की संभावना है। दरअसल रोडवेज ने ठेकेदार के माध्यम से करीब 17 चालकों की नियुक्ति टेस्ट ले लिया है। ऐसे में बुधवार को रोडवेज की करीब 50 बस चलने की उम्मीद है।
जानकारी के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने पिछले मंगलवार को हड़ताल शुरू की थी। रोडवेज कर्मचारी प्रदेश में किलोमीटर स्कीम के तहत 720 बसों को परमिट देने का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में स्कूलों की छुट्टी होने के कारण प्रशासन ने स्कूलों से 50 बस हायर की थी, लेकिन सोमवार से स्कूल खुलने के कारण स्कूलों की महज आठ बसें ही मंगलवार को पहुंच पाईं। वहीं नवनियुक्त चालकों के सहारे रोडवेज की 27 बसों को चलाया गया। इसके अलावा निजी ऑपरेटरों की करीब 90 बसों को चलाया गया। इसके बावजूद लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन

स्कूल-कॉलेज की छुट्टी के समय बिगड़े हालात
हड़ताल के चलते मंगलवार को सुबह से बसों का परिचालन सही रहा। सुबह 6:50 बजे रोहतक के लिए रोडवेज की पहली बस निकाली गई। इसके बाद कुछ स्कूल बसें चलीं। दिनभर हालात सामान्य रहे, लेकिन दोपहर एक बजे जैसे ही कॉलेज व स्कूलों की छुट्टी होने लगी तो बस स्टैंड पर हालात बिगड़ने लगे। दरअसल सरकार ने छात्राओं को मुफ्त सफर की सुविधा दे रखी है। इसके चलते निजी बस ऑपरेटर भी छात्राओं से किराया नहीं वसूल सकते। ऐसे में निजी ऑपरेटर चाहते हैं कि उन्हें छात्राएं नहीं ढोनी पड़े। सिर्फ किराया देने वाले यात्री ही सफर कर सके। रोडवेज की बस आते ही भर जाती और बिना बूथ पर लगाए ही उसे भेज दिया। वहीं निजी ऑपरेटरों ने जमकर मनमानी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

ठेकेदार के माध्यम से हुआ आवेदन, 17 चालकों का चयन
लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था मुहैया करवाने के लिए प्रशासन ने मंगलवार को ठेकेदार के माध्यम से चालकों के आवेदन मांगे। इस दौरान करीब 450 युवाओं ने आवेदन किया। इनमें से 200 ने टेस्ट दिया। इसके बाद 17 का चयन किया गया। रोडवेज वर्कशॉप में चालकों का कड़ा टेस्ट लिया गया। रोडवेज की बस में यात्री सुरक्षित सफर कर सकें। रोडवेज के नए महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने मंगलवार को चार्ज संभालते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी।
विद्यार्थियों से बचने के लिए ऐसे की चालाकी
हड़ताल के चलते छात्र तो बस की छत पर ही सफर कर रहे हैं, लेकिन छात्राएं बस में चढ़कर सफर करती हैं। हालांकि अधिकतर निजी बस ऑपरेटर छात्राओं को सिर्फ पीछे वाली सीट तक ही रहने देते हैं। वहीं मंगलवार को कुछ निजी ऑपरेटरों ने तो विद्यार्थियों से बचने के लिए चालाकी की। एक बस ऑपरेटर ने तो अपनी बस पर कैथल का बोर्ड लगाया जबकि बस रोहतक बूथ पर लगाई और सवारी पानीपत की भरी।
मंगलवार को चालकों के टेस्ट लिए गए हैं। इनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रयास रहेगा कि बुधवार को करीब 50 रोडवेज की बस चलाई जाएं। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

प्रदीप कुमार, महाप्रबंधक, जींद डिपो।
छात्राओं को सरकार ने मुफ्त सफर की सुविधा दी है। यह उनका अधिकार है। यदि कोई ऑपरेटर इस प्रकार से रोकता है तो छात्राएं शिकायत करें, इस पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
अमित खत्री, डीसी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed