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Jind News: मंडियों में 19.20 लाख क्विंटल धान पहुंचा, उठान सिर्फ 8.92 लाख क्विंटल का
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जींद। जींद। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक लगातार जारी है लेकिन उठान की धीमी रफ्तार किसानों के भुगतान को प्रभावित कर रही है। अब तक जिलेभर की मंडियों में 24749 किसानों की 19.20 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 14528 किसानों की 12.40 लाख क्विंटल धान की खरीद की गई है।
अभी तक मंडियों में 3461 किसानों की 8.92 लाख क्विंटल धान का ही उठान हुआ है। उठान और खरीद के बीच अंतर के चलते किसानों को फसल का भुगतान मिलने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। जिले की मंडियों में धान की आवक और खरीद का सिलसिला जारी है।
खरीद एजेंसियों ने अब तक 12.40 लाख क्विंटल धान की खरीद की है लेकिन इसके मुकाबले उठान कम होने से मंडियों में खरीदे गए धान का स्टॉक जमा हो रहा है। उठान की प्रक्रिया तेज नहीं होने पर मंडियों में जगह की उपलब्धता और आगे आने वाली फसल को संभालने का दबाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में खरीद के साथ-साथ उठान में तेजी लाना जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।
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178 करोड़ रुपये का भुगतान, बाकी किसानों को इंतजार
जिले में अब तक किसानों को करीब 178 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि, उठान कम होने के कारण भुगतान की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। धान खरीद के बाद उठान और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने से किसानों को उनकी फसल की राशि मिलती है। ऐसे में उठान में तेजी आने पर भुगतान प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।
बॉक्स
जिलेभर की मंडियों में उठान की गति लगातार बढ़वाई जा रही है। आगामी एक सप्ताह में उठान 80 प्रतिशत तक करवा दिया जाएगा। इसके बाद किसानों की समय से पेमेंट डलवाई जाएगी। अभी तक किसानों के खाते में 178 करोड़ रुपये डलवाए गए हैं। -राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जींद।
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अभी तक मंडियों में 3461 किसानों की 8.92 लाख क्विंटल धान का ही उठान हुआ है। उठान और खरीद के बीच अंतर के चलते किसानों को फसल का भुगतान मिलने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। जिले की मंडियों में धान की आवक और खरीद का सिलसिला जारी है।
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खरीद एजेंसियों ने अब तक 12.40 लाख क्विंटल धान की खरीद की है लेकिन इसके मुकाबले उठान कम होने से मंडियों में खरीदे गए धान का स्टॉक जमा हो रहा है। उठान की प्रक्रिया तेज नहीं होने पर मंडियों में जगह की उपलब्धता और आगे आने वाली फसल को संभालने का दबाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में खरीद के साथ-साथ उठान में तेजी लाना जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।
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178 करोड़ रुपये का भुगतान, बाकी किसानों को इंतजार
जिले में अब तक किसानों को करीब 178 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि, उठान कम होने के कारण भुगतान की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। धान खरीद के बाद उठान और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने से किसानों को उनकी फसल की राशि मिलती है। ऐसे में उठान में तेजी आने पर भुगतान प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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जिलेभर की मंडियों में उठान की गति लगातार बढ़वाई जा रही है। आगामी एक सप्ताह में उठान 80 प्रतिशत तक करवा दिया जाएगा। इसके बाद किसानों की समय से पेमेंट डलवाई जाएगी। अभी तक किसानों के खाते में 178 करोड़ रुपये डलवाए गए हैं। -राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जींद।